Sun. Oct 20th, 2019

अच्छा स्वास्थ्य परमात्मा की सबसे बड़ी नियामत-सुधांशु जी महाराज

अमृत ज्ञान वर्षा महोत्सव में ध्यान जिज्ञासुओं ने सीखीं स्वस्थ वृत्त की विधाएँ
पंचकोशों की शुद्धि निर्मल स्वास्थ्य के साथ व्यक्ति को आत्मिक उन्नयन की ओर बढ़ाती है  -डॉ.अर्चिका दीदी
लखनपुरी लखनऊ में आचार्य सुधांशु जी महाराज बोले
सत्संग समारोह में अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस पर दिया गया विशेष सन्देश
संजय पुरबिया
लखनऊ। बंगला बाज़ार मार्ग पर रेलनगर मैदान में विश्व जागृति मिशन द्वारा आयोजित अमृत ज्ञान वर्षा महोत्सव में प्रातःक़ालीन स्वस्थवृत्त कक्षा को वरिष्ठ ध्यान-योग-गुरु डॉक्टर अर्चिका दीदी ने सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि पंचकोशों की शुद्धि निर्मल स्वास्थ्य के साथ व्यक्ति को आत्मिक उन्नयन की ओर बढ़ाती है। उन्होंने ध्यान के गुर सभी को सिखाए तथा योगासनों का प्रशिक्षण भी दिया। उन्होंने कास्मिक एनर्जी से गहरा तादात्मय बनाते हुए अपने व्यक्तित्व को ऊर्जावान बनाने को कहा। कहा कि ऊर्जावान मनुष्य ईश्वर को अतिप्रिय होते हैं।
विश्व जागृति मिशन के संस्थापक-संरक्षक आचार्य श्री सुधांशु जी महाराज ने निरोग जीवन की महत्ता सभी को समझायी और स्वस्थ रहने के यौगिक एवं आध्यात्मिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य मनुष्य को परमात्मा से मिली सबसे बड़ी नियामत है। मन पर भाँति-भाँति की गंदगी चढ़ाने के लिए अनेक व्यक्ति व शक्तियाँ सक्रिय रहती हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग की गंगा में डुबकी लगाकर ही मन के मैल की धुलाई की जा सकती है।
श्रद्धेय महाराजश्री ने आज दुनिया भर में मनाए जा रहे अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस पर जनमानस को विशेष सन्देश दिया। कहा कि अशान्त व्यक्ति से जीवन में कोई बड़े काम नहीं हो सकते। परमात्मा शान्त-स्वरूप है और शान्ति-प्रदाता है, अपने इष्ट-आराध्य से शान्ति की कामना प्रतिदिन करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे साधकों के पास परमात्मा से शान्ति की धार प्रवाहित होती है और वह व्यक्ति धन्य हो उठता है।
उन्होंने कहा कि सुख और शान्ति एक दूसरे के पर्याय हैं। सुख वास्तव में शान्ति के ऊपर टिका करता है। शान्ति के बिना सुख की कल्पना करना भी व्यर्थ है। विश्व जागृति मिशन के लखनऊ मण्डल की चेयरपर्सन श्रीमती मीनाक्षी क़ौल ने बताया कि अमृत ज्ञान वर्षा का यह विशेष कार्यक्रम रविवार की सायंकाल तक चलेगा। मण्डल प्रधान श्री बी.के.पाण्डेय ने बताया कि कल २२ सितम्बर को मध्यांहकाल १२ बजे से सद्गुरुदेव द्वारा सामूहिक मन्त्रदीक्षा प्रदान की जाएगी।

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