Wed. Jan 29th, 2020

अनिल राजभर और सूर्य शुक्ला ही हैं होमगार्ड विभाग में भ्रस्टाचार  के जनक-गौतम राने सागर

भ्रष्टाचार हमेशा ऊपर से नीचे की तरफ आता है गौतम रानेसागर

दोनों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के बड़े मामलों में नहीं हुई कार्रवाई

भ्रष्टाचार की आवाज उठाने वाले को ही दी जाती थी सजा

सरकार इंस्पेक्टर, कमांडेंट,मंडलीय कमांडेंट,डीआईजी और आईजी स्तर के अधिकारियों की बेनामी संपत्ति की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराए 

सूर्य शुक्ला पर चढ़ा था गेरूआ रंग,वर्दी का किया अपमान

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता – अनिल राजभर और सूर्य कुमार शुक्ला ही हैं फर्जी मास्टर रोल के असली दोषी

इलाहाबाद भर्ती प्रकरण- कमांडेंट को बनाया बलि का बकरा,असली गुनहगार पूर्व मंत्री और पूर्व डीजी हैं

आखिर एडीजी जसबीर सिंह को क्यों हटाया गया !

शेखर यादव

इटावा। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौतम राने ने होमगार्ड विभाग में कुकुरमुत्ते की तरह फैले भ्रष्टाचार के लिए सीधे तौर पर पूर्व होमगार्ड मंत्री अनिल राजभर और चेतन चौहान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दोनों की जोड़ी ने इस विभाग में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया और ईमानदारी के लिये आवाज उठाने वालों को सजा दी। पूर्व डीजी सूर्य कुमार शुक्ला पर तो कुर्सी पर बैठने के दौरान ही भगवा रंग चढ़ चुका था। एक तरह से उन्होंने खाकी को कलंकित करने का काम किया था क्योंकि कोई भी वर्दीधारी अपने पद पर रहते हुए सरकार के पक्ष में कोई काम नहीं कर सकता है।


राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड के भ्रष्टाचार की आगाज पूरे प्रदेश में फैल गई है, जहां पर जांच हो रही है वहीं पर बड़ा भ्रष्टाचार मुंह बाए खड़ा दिख रहा है। मैंने देखा था कि द संडे व्यूज व इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ ने गत 26 जून 2018 के अंक में शीर्षक में लिखा था कि होमगार्ड विभाग में भ्रष्टाचार के लिए अनिल राजभर सूर्य कुमार शुक्ला और एस. के. सिंह को याद रखेगा विभाग। यदि समय के रहते सरकार चेत जाती तो शायद भ्रष्टाचार पर रोक लग जाती। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री अनिल राजभर के समय ही इस विभाग में तैनात ईमानदार एडीजी जसबीर सिंह ने 2017 में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था कि यूपी में होमगार्ड मंत्री और डीजी सूर्य कुमार शुक्ला मिलकर अरबों रुपए का भ्रष्टाचार कर रहे हैं। दोनों के संरक्षण में फर्जी मस्टर रोल,तबादला कराने,सामानों की खरीद-फरोख्त और जवानों को प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मंत्री और डीजी ने मुख्यमंत्री को गुमराह किया और यह बताया कि एडीजी जसबीर सिंह भगवा के खिलाफ हैं। उसके बाद ईमानदारी की गला दबाने के लिए एडीजी का तबादला कर दिया गया क्योंकि यदि सरकार कार्रवाई करती तो उसमें मंत्री अनिल राजभर और डीजी सूर्य कुमार शुक्ला के खिलाफ गंभीर कार्रवाई होती। यदि ऐसा होता तो सरकार की साख पर ही सवालिया निशान लग जाता।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना है कि भ्रष्टाचार हमेशा ऊपर से नीचे की तरफ आता है। कायदे से तो इलाहाबाद भर्ती घोटाले में मंत्री अनिल राजभर और डीजी सूर्य शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सिर्फ कमांडेंट को बलि का बकरा बनाया गया है। सीधी बात है कि जब मंत्री और डीजी निर्देश देंगे तभी तो कमांंडेंट भर्ती करेगा…। एक कमांडेंट की इतनी हैसियत नहीं कि वो बिना इनके अनुमोदन से भर्ती कर दे। इस विभाग में इतने घोटाले हो रहे हैं कि जिस चीज पर हांथ रख दें वहां फर्जीवाड़ा निकलेगा।

यदि सरकार वाकई कार्रवाई करना चाहती है तो इस विभाग के इंस्पेक्टर से लेकर कमांडेंट,मंडलीय कमांडेंट,डीआईजी और आईजी स्तर के अधिकारियों की बेनामी संपत्ति की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करा ले,लगभग 95 प्रतिशत अधिकारी जेल की सलाखों से निहारते नजर आयेंगे…

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