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आचरण नियमावली का उल्लंघन कर धरना पर बैठे कमांडेंट और कर्मचारियों के खिलाफ कब होगी कार्रवाई?

आईपीएस प्रतिभा अंबेडकर के खिलाफ धरना पर बैठे थे लखनऊ के कमांडेंट

सवाल : जब होमगार्डों को धरना-प्रदर्शन करने पर चुन-चुन कर बर्खास्त किया गया तो इन पर मेहरबानी क्यों ?

आचरण नियमावली क्या कमांडेंट और कर्मचारियों पर लागू नहीं होता है?

शेखर यादव

लखनऊ। होमगाड्र्स विभाग के अफसर अभी तक आचरण नियमावली का ज्ञान बांटर हजारों जवानों को बर्खास्त कर चुके हैं। किसी भी बर्खास्त जवान से बात करो तो जवाब मिलता है कि कमांडेंट ने आचरण नियमावली का उल्लंघन का आरोप लगाया है। मेरा सवाल शासन और डीजी से है- जब होमगार्डों पर आचरण नियमावली का चाबुक चलाकर बर्खास्त करते रहे हैं तो लगभग तीन घंटे तक धरना पर बैठे लखनऊ के कमांडेंट विनोद द्विवेदी और उनके कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं ?  क्या इनलोगों ने धरना देकर आचरण नियमावली का उल्लंघन नहीं किया ? क्या इनलोगों ने सरकारी काम में बाधा उत्पन्न नहीं किया ? इस बात को लेकर प्रदेश भर के जवानों में आक्रोश है सभी का यही सवाल व्हाटसअप पर गूंजायमान हो रहा है कि हमलोगों पर प्रहार और इनलोगों पर मोहब्बत की बारिश …। ये कैसा इंसाफ है ?


नियमावली की आड़ में बेगुनाह बर्खास्त होमगार्ड आज भी अपना घर चलाने के लिए नून-रोटी खाकर गुजारा कर रहे हैं। हालांकि जवानों को बर्खास्त करने के पीछे कमांडेंट का उद्देश्य बहाली के नाम पर वसूली करना रहा है। लेकिन इस समय फेसबुक और व्हाट्सअप पर संग्राम छिड़ गया है। उत्तर प्रदेश के होमगार्डों के सवालों के तीर तरकस से धकाधक निकल रहे हैं, जो जायज भी है। जवानों का सवाल है कि सूबे में हजारों बेगुनाह जवानों को अधिकारी आचरण नियमावली का उल्लंघन बताकर बर्खास्त कर चुके हैं।

कहा जाता है कि आपलोग धरना-प्रदर्शन कर नियमावली तोड़ रहे हैं इसलिए आपलोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। दूसरी तरफ,आईपीएस प्रतिभा अंबेडकर द्वारा लखनऊ के कमांडेंट कार्यालय पर कई बार छापामारी करने एवं कमांडेंट विनोद द्विवेदी और कर्मचारियों को जेल जाने की धमकी देने के विरोध में कमांडेंट के नेतृत्व में सभी कर्मचारी लगभग तीन घंटे तक धरना पर बैठ गए थे। मौके पर पहुंचे डीआईजी रंजीत सिंह द्वारा मान-मुनव्वल करने के बाद धरना खत्म हुआ। जवानों ने डीजी और शासन से सवाल किया है कि आखिर कमांडेंट और कर्मचारियों के खिलाफ कब कार्रवाई की जाएगी।
अब थोड़ा कर्मचारियों की आचरण नियमावली की बात करते हैं।


उसमें साफ तौर पर लिखा है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रदर्शन पर रूकावट नहीं है लेकिन वह ऐसा प्रदर्शन नहीं करेगा या ऐसे प्रदर्शन में सम्मिलित नहीं होगा जो भारत,राष्ट के अखंडता,प्रभुता एवं सुरक्षा के प्रतिकूल हो। जो भद्रता या नैतिक मर्यादित आचरण के प्रतिकूल हो,स्थापित विधिक व्यवस्था के प्रतिकूल हो,शिष्टïाचार या सदाचार के खिलाफ हो। यदि ऐसा होता पाया गया तो उनके खिलाफ इस नियम की अवहेलना के तहत कार्रवाई की जाए।

आचरण नियमावली की प्रति भी इसलिए छाप रहा हूं ताकि होमगार्ड विभाग के तथाकथित खुरपेंची व ज्ञानी अधिकारी इसे भी झुठला ना दें। देखना है कि अब नियम की दुहाई देकर हजारों बेगुनाहों को बर्खास्त करने या कराने वाले शासन व मुख्यालय के अफसरान कौन सा रास्ता अख्तियार करते हैं…

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