Wed. Oct 21st, 2020

इटावा-सीडीओ और पंचायत सचिव, ग्राम प्रधानों के बीच छिड़ गयी आर-पार की लड़ाई

  ईमानदार आईएएस और भ्रष्टाचारियों के बीच छिड़ी जंग में किसकी होगी विजय !

सीडीओ डॉ. राजागणपति आर और पंचायत सचिव, ग्राम प्रधानों के बीच छिड़ गयी है आर पार की लड़ाई

क्या बात है कि सीडीओ,इटावा के खिलाफ भ्रष्टाचारियों ने बना लिया गठबंधन ?

सरकार द्वारा गरीबों के लिये चलायी जा रही योजनाओं से कोई समझौता नहीं करेंगे: राजागणपत आर

शेखर यादव

इटावा। राजनीति का गढ़ इटावा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार ईमानदारी और भ्रस्टाचार के बीच जंग छिड़ी है। सत्ता की चाशनी का स्वाद रखने वाले पंचायत सचिव,प्रधानों को ईमानदार छवि के सीडीओ डॉ. राजा गणपति आर रास नहीं आ रहे हैं। तीन दिनों से इटावा पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान विकास भवन में धरना पर बैठ गये हैं। धरना ईमानदार सीडीओ के खिलाफ चल रहा है क्योंकि उन्होंने पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान के स्तर से कराये गये या जा रहे कार्यों में भ्रस्टाचार पर रोक लगा दी है। बस सभी लामबंद हो गये और धरने पर बैठकर करने लगे नेतागिरी,नारेबाजी…। ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधानों की मांग है कि जब तक इटावा से सीडीओ को नहीं हटाया जायेगा वह धरने से नहीं उठेंगे । पंचायत सचिव का आरोप है की सीडीओ, इटावा उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। हकीकत क्या है, जांच का विषय है।

बता दें कि इटावा जनपद में सीडीओ की कुर्सी संभालने के बाद डॉ. राजा गणपतआर ने कई सराहनीय काम किया है। शिक्षा के क्षेत्र में सीडीओ ने ताबड़तोड़ निरीक्षण कर ऐसी स्थिति पैदा कर दी है की विद्यालयों में अध्यापक सही समय से आकर बच्चों को पढ़ाने लगे हैं। यही नहीं,उन्होंने ग्राम पंचायतों में शासन की योजनाएं पात्र लोगों तक पहुंचे, इस पर पूरा जोर दिया। शायद एक ईमानदार अधिकारी की कार्यशैली भ्रष्टाचार में लिप्त गठबंधन बनाये हुये लोगों को पसंद नहीं आयी हो…। इटावा की जनता का कहना है कि इटावा जनपद में पहली बार सीडीओ की कुर्सी पर एक ऐसा ईमानदार अधिकारी बैठा है जिसने हमेशा गरीबों की बात को सुनी और उसकी यही कोशिश रही है कि शासन की योजनाओं को समाज की आखिरी शिढ़ी पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जाये। इन कार्यों में बाधक बनने वाले एवं भ्रष्टाचार फैलाने वाले कर्मचारियों को हमेशा राजागणपति कड़ी फ टकार लगाते रहे हैं। यही वजह है कि आज सभी भ्रष्टाचारी एकजुट होकर आंदोलन करने पर उतारू हो गये है।

देखना यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एक ईमानदार अधिकारी का साथ देते है या भ्रष्टाचारियों की…। हम आपको बता दें कि इटावा में तैनात मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर के खिलाफ 471 ग्राम पंचायत सचिवों ने मोर्चा खोलते हुये विकास भवन परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। पंचायत सचिवों ने मुख्य विकास अधिकारी पर गाली गलौज करने ,मानसिक और आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया है। इटावा के मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है। पहले प्रधान संघ ने मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। आज ग्राम पंचायत सचिवों ने संयुक्त कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष की अगुवाई में मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ धरना देकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। सचिवों ने अपनी मांगे मानी जाने तक कार्य बहिष्कार करने की बात कही। सचिवों का कहना है कि मुख्य विकास अधिकारी उन पर नियम विरुद्ध कार्य कराने का दबाब बना रहे है और उनका मानसिक और सामाजिक शोषण कर रहे है। सभी ग्राम पंचायत सचिव मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर धरने पर बैठ गये हैं।

सचिवों का साथ देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी भी धरने पर बैठ गये है। हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि जनपद में सीडीओ का रवैया कर्मचारियों के प्रति संतोषजनक नहीं है। वह सचिवों, ग्राम प्रधानों और अन्य कर्मचारियों के साथ गाली- गलौज देकर बात करते है। लोगों का मानसिक सामाजिक और आर्थिक शोषण करते है। जिस वजह से नाराज होकर सभी सचिव उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठ गये है। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ सीडीओ के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग करता है। इस मामले को लेकर डीएम से मिलेंगे।

वहीं,इस बाबत मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है। सचिवों को अगर मुझसे कोई दिक्कत थी तो वह लोग मुझसे शिकायत कर सकते थे। धरने पर नहीं बैठना चाहिए था। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वो सिर्फ सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। वो सरकार की मंशा के अनुरूप विकास योजनाओं को क्रियान्वित कर रहे है। सरकार ने उनको गरीबों के हित के लिये चलायी जा रही योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिये नियुक्त किया है। गरीबों के हित मे कोई समझौता नही करेंगे, चाहें कुछ भी हो जाये। सीडीओ ने बताया कि कि कुछ सचिवों ने आवास योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है,उस पर जांच के बाद कार्यवाही किया गया। अगर किसी कर्मचारी को कोई समस्या है तो वो उनसे मिल कर बात कर सकता है। उन पर जो आरोप लगाये गये हैं वो निराधार है।

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