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एलडीए के अफसरों की दगी: दबंगों से माल लेकर नक्शा पास करने वाले अधिकारी,कर्मचारियों की रिपोर्ट शासन ने तलब की

संजय पुरबिया

लखनऊ। एलडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों की लाठसाहबी के बारे में तो सभी जानते हैं। बिना दक्षिणा लिये कोई काम करते नहीं,इसके अलावा माफियाओं से संबंध बनाकर रौब गांठने का शौख भी किसी से छिपा नहीं है। लेकिन ये दूसरा शौख अब ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को भारी पडऩे वाला है। शासन ने एलडीए के उन अफसरों की सूची मांगी है जिन्होंने एमएलए मुख्तार अंसारी के डालीबाग के भवन का मानचित्र पास किया है। चारबाग अग्निकांड के बाद माफिया विधायक मुख्तार अंसारी के डालीबाग भवन का मानचित्र पास करने वाले लविप्रा के अभियंताओं की सूची तलब की गई है। विशेष सचिव आरपी सिंह द्वारा सूची मांगते ही लविप्रा में हड़कंप मच गया है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि नियम विरुद्ध् मानचित्र स्वीकृत करने एवं निरस्त करने वाले अधिकारी व कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर 20 फरवरी तक शासन को उपलब्ध कराया जाए। इस संबंध में गृह विभाग ने पूरी रिपोर्ट लविप्रा से तलब की है। इसमें मुख्य रूप से निष्क्रांत संपत्ति डालीबाग से जुड़े भवनों के नक्शे शामिल किए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि ये भवन सरकारी जमीन पर बनाए गए हैं और इनके नक्शे लविप्रा लविप्रा के अफसरों और कर्मचारियों ने गलत तरीके से पास किए थे।

गृह विभाग के विशेष सचिव आर पी सिंह ने मंडलायुक्त रंजन कुमार को पत्र लिख कर पूरी रिपोर्ट रिपोर्ट तलब की है. मंडलायुक्त की ओर से ये पत्र प्राधिकरण भेजा गया है। अब प्राधिकरण में सूची तैयार की जा रही है। इसे एक से दो दिन में भेजने की तैयारी है। पत्र में राबिया बेगम जो कि मुख्तार अंसारी की मां है। उनके नाम भवन भूखंड संख्या 93 भाग, 21-188 व 93 राजा राममोहन राय डालीबाग तिलक मार्ग बटलरगंज के पास किए गए भवन निर्माण को अवैध बताया गया है। इसके अलावा अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम दर्ज भूखंड संख्या 14 बी 7 डालीबाग के मानचित्र को पास किए जाने के जिम्मेदारों को तलाशने के लिए पत्र लिखा है। इस भवन के मानचित्र को प्राधिकरण ने निरस्त भी कर दिया है।मुख्‍तार अंसारी ने फरहत अंसारी के नाम पर डालीबाग में मकान पहले बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बनवाया था।फिर रसूख के बल पर लविप्रा से नक्शा पास करवाया। यह कंपाउंडिंग मैप साल 2007 में पास करवाया गया था।

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