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और दिल्ली चुनाव में पाकिस्तान जीत गया  (पार्ट 1)

प्रभात रंजन दीन

लखनऊ

देश की राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों भारत और पाकिस्तान के बीच हुए विधानसभा चुनाव में पाकिस्तान जीत गया और भारत मुंह के बल गिरा… खुद को चाणक्य समझने की आत्मरति के शिकार अमित शाह राष्ट्र -राष्ट्र का शोर मचाते रह गए, लेकिन चालाक अरविंद केजरीवाल ने मुंह बंद रखते हुए शाहीनबाग के जरिए पाकिस्तान का गेट खोल दिया। राष्ट्रवाद तो असर नहीं दिखा पाया, पर राष्ट्रवाद ने इस तरह एकीकृत कर दिया कि राजधानी में राष्ट्र धूल चाट गया। आम आदमी पार्टी की जीत घोषित होते ही केजरीवाल के विकास- फॉर्मूले की पतंगें उडऩे लगीं… कोई बोल रहा है मुफ्त बिजली- पानी जिता ले गया… कोई स्कूल तो कोई मोहल्ला क्लिनिक के प्रयोग को इसका श्रेय दे रहा है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के पॉलिटिकल डेस्क की रिपोर्ट बड़ी गहराई से तैयार की गई । ग्राउंड लेवल रिपोर्ट है… और अगर आपने भी दिल्ली के चुनाव को तटस्थ समीक्षक की तरह देखा हो तो आपको आईबी की रिपोर्ट आपकी समीक्षा से मिलती- जुलती दिखाई पड़ेगी।

इस बार के दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोटों के एकपक्षीय धु्रवीकरण ने केजरीवाल की पार्टी को भारी जीत दिलाई। इस धु्रवीकरण के आगे कांग्रेस ने मतदान के पहले ही सरेंडर कर दिया…। कांग्रेस के वोटर आम आदमी पार्टी को वोट ट्रांसफ र कर दें, इसके लिए अंदर- अंदर खूब जतन हुआ और इसीलिए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मतदान के पहले ही केजरीवाल की प्रशंसा के कसीदे काढऩे लगे, ताकि कांग्रेस के वोटरों में कोई संदेह न रह जाए। जो अमित शाह एंड पार्टी ने चाहा था, उसे केजरीवाल एंड पार्टी ने कर दिखाया। हिन्दुस्तान बनाम पाकिस्तान के चुनाव में कमिटेड – प्रोग्रेसिव सेकुलर वोटरों ने पाकिस्तान को जिता दिया। चुनाव के बाद तमाम विद्वत समीक्षाएं आप सुनते रहिए… लेकिन असलियत यही है कि जिस नुक्ते से जीत मिल सकती थी, केजरीवाल ने उसका बड़ी चालाकी से इस्तेमाल कर लिया।

पाकिस्तान में दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी सरगर्मी और दिलचस्पी थी। शाहीनबाग के शातिर पाकिस्तान से सीधे संवाद में थे। धरना यहां चल रहा था और तस्वीरें धड़ाधड़ पाकिस्तान व्हाट्सएप हो रही थीं। पाकिस्तान में ट्वीट पर ट्वीट चल रहा था। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर पाकिस्तान का प्रमुख समाचार चैनल जीओ टीवी और उसकी वेबसाइट पर मुख्य हेडिंग में खबर चल रही थी, दिल्ली चुनाव : नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान विरोधी एजेंडे ने भाजपा को भारी नुकसान पहुंचाया, ( new delhi polls – modi’s anti-pakistan agenda coasts bjp heavily ) भारत के नस्लदूषित बेईमान.प्रगतिशील और एकधर्मी.कट्टर सेकुलर तत्वों का संगठित सिंडिकेट दिल्ली विधानसभा चुनाव को भारत बनाम पाकिस्तान का चुनाव बताए जाने पर बड़े जोर से चिहुंक रहा था। लेकिन यह उनका नाटक था। सिंडिकेट की ष्चिहुंकष् नियोजित रणनीति थी।

पर्दे के पीछे असलियत यह थी कि यही सिंडिकेट पाकिस्तान में बैठे रिश्तेदारों को नफरत फैलाने वाली खबरें सप्लाई कर रहा था। दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले शरजील इमाम को रिहा करने और आतंकी अफजल गुरु को श्रद्धांजलि देने के ट्वीट्स पाकिस्तान में ताबड़तोड़ जारी हो रहे थे। वही शरजीलए जिसने पूर्वोत्तर को देश से अलग करने और असम को मुर्गी की गरदन की तरह तोडऩे के बयान दिए थे। शरजील इमाम शाहीनबाग के शातिरों का हीरो और पाकिस्तान के लोगों के आइडियल के  रूप में सोशल- मीडिया पर कोरोना की तरह वायरल हो रहा था। पाकिस्तान की एक मोहतरमा इशरत फातिमा ने ट्वीट किया… the state can just hang you if you are a muslim, just to appease the majority. so, wake and fuck up… इसका हिंदी में तरजुमा करें तो वाक्य ऐसे बनता है कि अगर तुम मुस्लिम हो तो सरकार बहुसंख्यकों को संतुष्ट करने के लिए तुम्हें कभी भी फांसी पर लटका देगी।

लिहाजा, जागो और … दो ! इस्लाम में क्या ऐसी संस्कृति सिखाई जाती है कि कोई महिला भी सार्वजनिक फोरम पर fuck -up जैसे बेजा और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करे… ? इस शब्द का मतलब आप सब समझते हैं, इसलिए हिंदी अनुवाद में उस शब्द की जगह खाली छोड़ दिया गया है। इशरत फातिमा आगे यह भी लिखती हैं free sharjeel यानी, शरजील को रिहा करो… आप सोचें, देश के साथ खुलेआम कैसी दुष्टता हो रही है… इस तरह के सैकड़ों हजारों ट्वीट और विचार आभासी दुनिया में विचर रहे हैं… और हम प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष होने का आडम्बर ओढ़े रहने की  perverted-psychology विकृत- मनोवृत्ति की बीमारी से मुक्त ही नहीं हो पा रहे..! आप दोनों तस्वीरें देखिए और सोचिए कि हम कैसा हिन्दुस्तान रच रहे हैं। अरे छोडि़ए सोचना- वोचना… सोचा तो बहुत था / देश के लिए / फु र्सत नहीं मिली मुझे वोट के लिए / पेट भर लिया और नींद आ गई…

आईबी की रिपोर्ट का अगला हिस्सा बाद में खोलेंगे… शाहीनबाग के षड्यंत्रकारियों को धन कहां- कहां से मिल रहा था और षड्यंत्र के सूत्रधार कितने खतरनाक इरादे को अंजाम देने की तैयारी में लगे थे…

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