Thu. Aug 6th, 2020

कोरोना से क्या डरना,जाइये किचन में रखा है पौष्टिक आहार…

लखनऊ

दिव्या

इस वक्त पूरा विश्व कोरोना वायरस  जैसी महामारी से लड़ रहा है। लोगों को इस वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए लॉकडाउन किया गया है और सामाजिक दूरी बनाने की सलाह भी दी जा रही है। बावजूद इसके भारत में रोजाना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। भारत में कोरोनावायरस  से अब तक 600 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना वायरस को लेकर हो रहे अध्ययनों में यह बात तो साफ हो चुकी है कि यदि आपका इम्यूनिटी सिस्टम ठीक होगा तो कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कम से कम है। शरीर को बाहरी संक्रमण से बचाकर रखने के लिए शरीर के अंदर एक रक्षा प्रणाली होती है, जिसे इम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक शक्ति कहते हैं।

इस वक्त पूरा विश्व कोरोना वायरस  जैसी महामारी से लड़ रहा है। लोगों को इस वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए लॉकडाउन किया गया है और सामाजिक दूरी बनाने की सलाह भी दी जा रही है। बावजूद इसके भारत में रोजाना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। भारत में कोरोनावायरस  से अब तक 600 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना वायरस को लेकर हो रहे अध्ययनों में यह बात तो साफ हो चुकी है कि यदि आपका इम्यूनिटी सिस्टम ठीक होगा तो कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा कम से कम है। शरीर को बाहरी संक्रमण से बचाकर रखने के लिए शरीर के अंदर एक रक्षा प्रणाली होती है, जिसे इम्यून सिस्टम या रोग प्रतिरोधक शक्ति कहते हैं।

फाइबर युक्त भोजन

हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का 70 प्रतिशत हिस्सा हमारे आंत में होता है। इसलिए हम क्या खाते हैं इसका सीधा प्रभाव हमारी इम्यूनिटी पर पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दिन में जितना फाइबर निर्मित खाना खाया जाए, उतना ही स्वास्थ्य को अच्छा रखा जा सकता है। फाइबर निर्मित खाना न सिर्फ आपके दिल को मजबूत रखने में मदद करता है, बल्कि उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक को भी कम करता है। एक युवा को हर दिन करीबन 15 ग्राम फाइबर अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। आप जितना अधिक पोषक तत्व युक्त भोजन करेंगे, उतना ही स्वस्थ रहेंगे।  ओट्स, दाल, फ्लेक्सीड, फल, ब्रॉक्ली फाइबर युक्त होते हैं।

विटामिन डी है खास मददगार
विटामिन डी का सेवन आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। विटामिन डी का मुख्य धूप को माना जाता है, लेकिन आप कई और चीजों के सेवन जैसे सालमन मछली और दूध शामिल से भी इसे प्राप्त कर सकते हैं। गाय का दूध विटामिन डी और कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत है। विटामिन डी की कमी होने पर गाजर खाना भी फायदेमंद होता है। गाजर खाने से बेहतर होगा कि आप गाजर का जूस पिएं। ये सभी चीजें आपके घर के किचन में ही मौजूद होती हैं। ऐसे में जरूरी है इनका ठीक प्रकार से सेवन ताकि किसी भी तरह का वायरस आपको छू भी न सके। लॉकडाउन के दौरान घर की बालकनी में बैठकर भी आप सूर्य से विटामिन डी ले सकते हैं।

खूब पानी पिएं

शरीर में डीहाइड्रेशन होने से थकावट महसूस होती है। इसलिए सही मात्रा में पानी पीना आपके लिए बहुत जरूरी है। दिन में करीबन 8 ग्लास पानी पीना आपकी सेहत के लिए अच्छा होता है। पानी शरीर से गंदगी को निकालने में मदद करता है। जब आप डीहाइड्रेट होते हैं तो शरीर सारा पानी सोख लेता है, जिससे कोलोन सूख जाते हैं और इस वजह से शरीर से गंदगी निकल नहीं पाती है और इसी वजह से आप कई बीमारियों से ग्रसित होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप सही मात्रा में पानी का सेवन करें। शोध से पता चला है कि सही मात्रा में हाइड्रेशन बलगम को गाढ़ा और कठोर रोगजनकों को रोकने में मदद करता है।

सूक्ष्म पोषक जरूरी

सूक्ष्म पोषक तत्व अन्य न्यूट्रिएंट्स की तुलना में बहुत कम मात्रा में जरूरी होते हैं, लेकिन शरीर के विकास के लिए जरूरी होते हैं। विशेष रूप से ये पाचन तंत्र के श्लेष्म परत को संरक्षित करने और मोनोसाइट्स, मैक्रोफेज, डेंड्राइटिक कोशिकाओं और लिम्फोसाइटों की अभिव्यक्ति को विनियमित करने में मदद करते हैं। तीन प्रकार के मैक्रोन्यूट्रिएंट्स हैं, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा और यह हमें ऊर्जा के साथ आपूर्ति करते हैं। शरीर को विकसित करने, मरम्मत करने और अच्छा महसूस करने के लिए इन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।

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