Wed. Oct 21st, 2020

क्या खाकी पहनने वाले अफसरों को किसी की हत्या कराने, भ्रस्टाचार करने की छूट है ?

कारोबारी की हत्या करने वाला आईपीएस मणिलाल पाटीदार कब जायेगा जेल ?

कोरोना तो बहाना है,जेल जाने से बचने की जुगत लगाना है

क्या खाकी पहनने वाले अफसरों को किसी की हत्या कराने, भ्रस्टाचार करने की छूट है ?

होमगार्ड मुख्यालय पर सालों से जमे अफसर भी कर रहा है लाखों का भ्रस्टाचार,कब मिलेगी सजा ?

संजय पुरबिया

लखनऊ। क्या खाकी को किसी की हत्या कराने और बेखौफ होकर भ्रस्टाचार करने की छूट दी गयी है ? नहीं तो फिर कारोबारी की हत्या कराने वाले महोबा के आईपीएस मणिलाल पाटीदार अभी तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं पहुंचा ? क्या अपराधियों को ठोंकने का दम भरने वाले डीजीपी और शासन के नुमाइंदे भी आंखें मूंद धृतराष्ट्र बन गये हैं? सरकार भले ही लाख अपराध व भ्रस्टाचार मुक्त का दम भरे लेकिन हकीकत परे है। महोबा के कारोबारी से रंगदारी कोई गुंडा नहीं बल्कि वर्दी वाला आईपीएस मांग रहा था,वो भी एक नहीं दो नहीं बल्कि हर माह 6 लाख रुपए की रंगदारी…। क्यों भाई,क्या वो कारोबारी इतनी मेहनत कर इसी लिये अपना कारोबार खड़ा किया कि आईपीएस आये और लाखों रुपये का गुंडा टैक्स मांगे और वो दे दे…। योगी राज में ऐसे बहुतेरेे वर्दी वाले हैं जो वर्दी की साख को शर्मशार करते चले आ रहे हैं। इस मामले में तो कारोबारी को गोली मार दी जाती है और प्रबल संभावना है कि आज नहीं तो कल आईपीएस मणिला पाटीदार जेल की सलाखों में होगा लेकिन क्या होमगार्ड विभाग के मुख्यालय पर सालों से जमे भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ शासन कोई कार्रवाई करने की जुर्रत करेगा ? यहां पर भी रंगदारी वसूली जाती है लेकिन उसका तरीका थोड़ा अलग है। मसलन,सरकारी वाहनों का दुरुपयोग,सरकारी धन को दबाकर रखने सहित डीजल-पेट्रोल चोरी कर हर साल लाखों का चपत अफसर लगाते चले आ रहे हैं।

महोबा में क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड के मुख्य आरोपी तत्कालीन महोबा एसपी आईपीएस मणिलाल पाटीदार से अब तक पूछताछ नहीं हो सकी है। उनके वकील का दावा है कि आरोपी आईपीएस कोरोना ग्रसित हैं। इससे जांच प्रभावित हो रही है। खुलासा भी तमाशा बनकर रह गया है।  इंद्रकांत ने 7 सितंबर को वीडियो वायरल कर मणिलाल पाटीदार पर 6 लाख रुपये उगाही मांगने का आरोप लगाया था। ये भी कहा था कि अगर मेरी हत्या होती है तो मणिलाल ही जिम्मेदार होंगे। दूसरे दिन यानी आठ सितंबर को इंद्रकांत को गोली लग गई थी। मामले में मणिलाल को मुख्य आरोपी बनाया गया था। तब से अब तक मणिलाल से पुलिस और एसआईटी पूछताछ नहीं कर सकी है।
एडीजी जोन, प्रयागराज प्रेम प्रकाश का कहना है कि मणिलाल की तरफ से उनके वकील ने पक्ष रखा था। इसमें उनका कहना था कि मणिलाल को कोरोना हो गया है। इस कारण वह नहीं आ सके। अब इसमें कितनी सच्चाई है ये तो जांच में ही पता चलेगा। मगर मुख्य आरोपी से पूछताछ न होना। थानेदार का जेल न जाना और अन्य दोनों आरोपियों को जेल भेज देना कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

हालांकि पुलिस का कहना है कि एसआईटी की जांच और मामले की विवेचना अभी जारी है। जो तथ्य सामने आयेंगे उनको शामिल किया जायेगा। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी। मुख्य आरोपी आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर अभी तक पुलिस की सख्ती नहीं दिखी है। वहीं कोरोना होने का दावा कर आरोपी फायदा उठा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जितना देर वो पुलिस के सामने आने में कर रहा है, उतने समय में वो खुद को बचाने के प्रयास में लगा है। कई बड़े अधिकारियों व सफेदपोश से भी मदद मांग रहा है।

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