Tue. Dec 1st, 2020

क्या डीजीपी एच.सी.अवस्थी मानते हैं कि होमगार्ड दोयम दर्जे के हैं ?

डीजी,होमगार्ड विजय कुमार खामोश,क्या वे भी मानते हैं कि ये विभाग दोयम दर्जे का है ?

डीजीपी होमगार्डों से माफी मांगे,नहीं तो होगा प्रदर्शन: रामेन्द्र यादव

डीजीपी ने थानों पर महिला हेल्प डेस्क में आने वाले आगंतुकों को पानी पिलाने का काम होमगार्डों को दिया

संजय पुरबिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एच.सी.अवस्थी के एक पत्र ने होमगार्ड विभाग के अफसरों को जहां सोचने पर मजबूर कर दिया कि वे आज भी दोयम दर्जे के हैं,वहीं होमगार्डों में आक्रोश है कि वे थानों पर पानी पिलाने के लिये भर्ती हुये हैं। डीजी,होमगार्ड विजय कुमार अब आप क्या करेंगे ? भईया, पुलिस विभाग के मुखिया डीजीपी एच.सी.अवस्थी ने तो पुलिस की इमेज बचा ली। उन्होंने जो पत्र जारी किया है उसमें थानों पर आने वाले आगंतुकों को पानी पिलाने का चपरासी वाला काम होमगार्डों को सौंप दिया। होमगार्ड इतने गुस्सा में हैं कि पूछिये मत…। होमगार्डों के तेज तर्रार नेता रामेन्द्र यादव ने तो यहां तक कहा कि पुलिस भी खाकी पहनती है और होमगार्ड भी,फिर चपरासी का काम हमारे जवान क्यों करें ? होमगार्ड विभाग के अफसरों को इस पर सख्त ऐतराज करना चाहिये,वर्ना उन्हें अपनी हैसियत आंक लेना चाहिये। देखना है कि होमगार्डों के डीजी अपने जवानों की साख बचाते हैं या फिर ये मान लेते हैं कि इस विभाग के अफसर भी दोयम दर्जे के हैं और रहेंगे…

15 अक्टूबर को पुलिस महानिदेशक एच.सी.अवस्थी ने जनपद के सभी थानों पर महिला डेस्क एवं आगंतुक कक्ष की स्थापना करने के संबंध में एक पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देशित किया है कि थानों पर आने वाले आगंतुकों,शिकायतकर्ता,पीडि़त महिलाओं की शिकायतों को सुनने के लिये थानों पर एक आधुनिक केन्द्रीयकृत महिला हेल्प डेस्क एवं आगंतुक कक्ष की स्थापना किये जाने की आवश्यकता है। रिसेप्श् ान पर ही शिकायतकर्ताओं की सारी जानकारियां प्राप्त कर उसका निस्तारण किया जा सके ताकि पीडि़तों को थानों पर इधर-उधर ना भटकना पड़े। इसी के तहत महिला हेल्प डेस्क एवं आगंतुक कक्ष की स्थापना की जाये जिसमें एक कर्मचारी होमगार्ड नियुक्त किया जायेगा जो कि आने वाले आगंतुकों को पानी पिलाने का काम करे। इसी कड़ी में कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये गये हैं।

डीजीपी का ये पत्र होमगार्ड मुख्यालय भी भेजा गया लेकिन वहां के डीजी विजय कुमार खामोश हैं। अफसरां ने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। खैर,उन्हें इससे क्या वास्ता कि वर्दी पहन कर पुलिस वाले नहीं होमगार्ड पानी पिलायेंगे। अफसर ये जानते हैं और दिल से ये मान चुके हैं कि वे दोयम दर्जे के हैं। वैसे भी इस विभाग में खासकर मुख्यालय पर तैनात भ्रस्ट अफसरों को बचाने,नियम के विरुद्ध काम करने और कराने सहित भ्रस्टाचार पर नई गाथा लिखने के लिये ही मशहूर हैं। लेकिन बात प्रतिष्ठा की है। होमगार्डों को पानी पिलाये जाने की खबर आग की तरह जवानों में फैल गयी है। इस विभाग के तेज तर्रार नेता,जो भ्रष्ट अफसरों की कलई खोलने और उनकी हैसियत बनाने के लिये मशहूर रामेन्द्र यादव ने कहा कि शर्म आनी चाहिये होमगार्ड विभाग के डीजी विजय कुमार को,उन्होंने कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। क्या उन्हें अपने जवानों के प्रतिष्ठा की तनिक चिंता नहीं है।

श्री यादव ने कहा कि अब बहुत हुआ प्रदेश में होमगार्डों का अपमान,नहीं चलेगा सिर्फ पुलिस का ही सम्मान। अभी तक तो थानों पर होमगार्डों से मुंशी ही चाय-पानी मंगवाते थे, लेकिन अब तो पुलिस के मुखिया लिखित में आदेश दे रहे हैं कि होमगार्डों से पानी मंगवाया जाये…। सूबे के होमगार्ड ये अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। श्री यादव ने कहा कि या तो डीजीपी होमगार्डों से माफी मांगें और ये आदेश वापस करें नहीं तो प्रदेश भर से होमगार्ड प्रदर्शन करने पर बाध्य होंगे।

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