Thu. Aug 6th, 2020

खबर का असर: भाजपा,महामंत्री पुष्कर शुक्ला की सोच पर भारी पड़ी जनता के प्रति मेयर की दरियादिली

खबर का असर: नाले पर स्लैब विवाद देखने मेयर पहुंची मौके पर, पुष्कर शुक्ला की मंशा हुयी ध्वस्त

मेयर का इंसाफ : पर्सनल नहीं पब्लिक फेवर का होगा काम

1 भाजपा,महामंत्री पुष्कर शुक्ला की सोच पर भारी पड़ी जनता के प्रति मेयर की दरियादिली

2 पुष्कर शुक्ला के घर के सामने पड़ी स्लैब 55 फीट से घटाकर 30 फीट करने का फरमान

3 कानपुर रोड से लेकर सेक्टर डी मुख्य मार्ग तक जगह-जगह नाले पर बनेगा स्लैब

4 जनता की मांग पर मेयर ने स्वीकृति की 30 लाख रुपए,बनेंगी दिवारें,पड़ेगी स्लैब

5 मेयर की अध्यक्षता में बनेगी समिति,तय किया जायेगा,कहां होगा का

संजय पुरबिया

लखनऊ। सरोजनीनगर विधान सभा क्षेत्र में आशियाना स्थित हिन्दनगर में दो दिनों से भाजपा के महामंत्री पुष्कर शुक्ला द्वारा अपने घर के सामने बने नाले पर स्लैब डालने के विवाद ने भाजपा में भूचाल ला दिया। क्षेत्रीय जनता पूरी तरह से इस बात का विरोध कर रही थी कि चोरी-छिपे रात में नाले पर स्लैब डालने से सुरक्षा प्रभावित हो जायेगी। द संडे व्यूज़ ने 17 जून को इस जनता-जनार्दन की जायज समस्याओं को शीर्षक मेयर कराये नाला सफाई और लखनऊ महानगर,भाजपा के महामंत्री नाले पर डलवाये अवैध स्लैब एवं इंडियाएक्सप्रेस न्यूज़डॉटकॉम में शीर्षक योगीराज में उनके सपनों को विरोधी नहीं,पार्टी के पदाधिकारी ही रहें तोड़…खबर प्रकाशित की। खबर को गंभीरता से लेते हुये मेयर संयुक्ता भाटिया आज दोपहर मौके पर पहुंची। उन्होंने पुष्कर शुक्ला द्वारा नाले पर डलवाये जा रहे स्लैब को देखा और एलडीए कालोनी की जनता की सुनी। उन्होंने फैसला जनता के पक्ष में सुनाते हुये कहा कि यहां पर नाले के स्लैब को 55 फीट से कम कर 30 फीट किया जायेगा, एलडीए की टूटी दीवारों को बनाने एवं कानपुर रोड से लेकर सेक्टर डी के मुख्य मार्ग तक जगह-जगह नाले पर स्लैब बनवायी जायेगी। इस निर्माण कार्य के लिये 30 लाख रुपए स्वीकृत की जायेगी। मेयर का फरमान सुन वहां मौजूद नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इस दौरान नाला निर्माण के दौरान विरोध करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने की हुडक़ी देने वाले नगर निगम के एक्सीएन डीडीगुप्ता को निर्दलीय पार्षद सौरभ सिंह मोनू ने अरदब में लेते हुये फरमान वापस लेने की बात कही। मेयर की मौजूदगी में उसने तुरंत अपनी बात वापस ले ली। सही कहा गया है सच को जीतने में वक्त जरूर लगता है लेकिन आखिर में हार फरेब की होती है और सत्य चौडिय़ा कर चल पड़ता है अपनी मंजिल की ओर…


सत्ता के मद में चूर यदि कोई होता है तो वो जनता और अपने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने पर उतारू हो जाता है। उसे इस बात का भी भान नहीं होता कि वो गलत कर रहा है। यही वजह है कि वो व्यक्ति उसे उपेक्षित करने लगता है जिसके दम पर वो सत्ता में आता है। कुछ ऐसा ही नजारा पिछले दो दिनों से आशियाना के हिन्दनगर में देखने को मिला। हालांकि द संडे व्यूज़ ने खबर को प्रकाशित किया और मेयर के इंसाफ से हिन्दनगर और एलडीए के लोग खुश जरूर हैं लेकिन सोचिए,ऐसा सूबे के हर वार्ड में हो रहा है। इसे रोकने की जिम्मेदारी किसी और की नहीं बल्कि पार्टी पदाधिकारियों की ही है क्योंकि द संडे व्यूज़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच को साकार करने की राह पर ही चल रहा है और चलता रहेगा। जीरो टालरेंस नीति और भ्रस्टाचारीयों व सरकारी धन का दुरूपयोग करने वालों के खिलाफ हमेशा मेरा कलम मुखर रहेगा…।

पुष्कर शुक्ला के घर के सामने आज सुबह नौ बजे से ही भाजपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का अच्छा हुजूम इकट्ठा हो गया था। हालांकि सभी को ये नहीं बताया गया कि वे किस काम के लिये वहां बुलाये गये थे लेकिन सभी पहुंचे। दूसरी तरफ,हिन्दनगर और एलडीए के पीडि़त लोगों के साथ निर्दलीय पार्षद सौरभ सिंह मोनू अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। मेयर संयुक्ता भाटिया ने सब कुछ सुनने के बाद बहुत ही शांति ढंग से ऐसा समाधान निकाला कि पुष्कर शुक्ला सहित सभी क्षेत्रीय नागरिकों ने वाहवाही की। मेयर ने सारा विवाद खत्म कर मौके पर ही निर्दलीय सभासद सौरभ सिंह मोनू के साथ मिलकर नाले पर नारियल फोड़ा। इस दौरान नारेबाजी,जयकारा भी खूब लगा।

सवाल यह है कि आखिर कोई भी पार्टी अपने पदाधिकारियों का चयन किस आधार पर करती है ? पदाधिकारी का काम होता है कि वो अपने वार्ड में जनता के लिये जीये और जनता के लिये कुछ भी करने के लिये हर पल तैयार रहे,ना कि खुद का सोचे…। सवाल यह है कि जहां मुख्यमंत्री कोरोना काल से लेकर अभी तक भ्रस्टाचार करने वालों को ना बख्शने और जनता का उत्पीडऩ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की हुंकार भर रहे हैं, वहीं इनके ही पदाधिकारी इस तरह का काम कर रहे हैं? हालांकि मेयर ने बैठक कर समझौते की राह निकाल कर चली गईं लेकिन जनता यानि मतदाताओं के दिलों में पुष्कर शुक्ला जो गांठ डाल दिये हैं,उसे कौन निकालेगा? ये गांठ इसलिये निकालना जरूरी है कि वे लोग भी उनके अपने हैं और चुनाव भी आने वाला है…इस दौरान सांसद प्रतिनिधि प्रवीण अवस्थी,निर्दलीय प्रत्याशी सौरभ सिंह मोनू,मकरन सिंह चौहान,सुनील सहित भाजपा के नौ पार्षद सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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