Thu. Aug 6th, 2020

घोटाला 100 करोड़ का : प्रमुख सचिव,सहकारिता रेड्डी ने मुख्यमंत्री को गुमराह करने के लिये रची साजिश

रेड्डी ने लखीमपुरखीरी में हुये 100 करोड़ के घोटाले में शामिल दो जांच अधिकारियों को बचाया

रेडडी की घटिया रणनीति: अपायुक्त विनोद कुमार पटेल को बनाया तीसरा नया जांच अधिकारी

पटेल जांच करने नहीं बल्कि खीरी जा रहे हैं 50-100 किसानों का लेने बयान  

मुख्यमंत्री को रेड्डी सौंपेगे 100 किसानों की सूची, दबवा देंगे जांच

पूर्व जांच अधिकारी अशोक दूबे और श्रीकांत गोस्वामी ने खाया माल,सात माह में नहीं गये जांच करने

सवाल: 90 प्रतिशत फर्जी किसानों का बयान कौन और कब लेगा ?

प्रमुख सचिव रेडडी अपने साथ-साथ लखीमपुरखीरी के अफसरों को बचाने के लिये बना चुके हैं नया प्लान

द संडे व्यूज़ वेब चैनल,साप्ताहिक अखबार करता रहेगा प्रमुख सचिव सहित खीरी के एआर के भ्रष्टाचार का खुलासा

संजय पुरबिया

लखनऊ। लखीमपुरखीरी में धान खरीद में हुये लगभग 100 करोड़ घोटाला में नया मोड़ आ गया है। सात माह पूर्व जांच के लिये नामित दो अधिकारी और श्रीकांत गोस्वामी को प्रमुख सचिव ने हटाकर तीसरा नया जांच अधिकारी उपायुक्त विनोद कुमार पटेल को बनाया है। शासन के सूत्रों ने बताया कि प्रमुख सचिव एमवीएस रेडडी ने नये जांच अधिकारी विनोद कुमार पटेल से कहा है कि लखीमपुरखीरी जाकर 50-100 किसानों का बयान ले आओ,जिसे मुख्यमंत्री को सौंप देंगे। ऐसे किसानों का बयान लेना जो वाकई खीरी के किसान हैं। इससे घोटाले पर पर्दा पड़ जायेगा और मामला शांत हो जायेगा। द संडे व्यूज़ का सवाल प्रमुख सचिव से है कि आपके नये जांच अधिकारी 100 जायज किसानों का बयान लाते हैं,अच्छी बात है, लेकिन मेरा मानना है कि लखीमपुरखीरी में इस घोटाले को अंजाम देने वाले 90 प्रतिशत फर्जी किसानों का बयान कब और कौन लायेगा ? क्योंकि मनरेगा के जिन मजदूरों को लखीमपुरखीरी में तैनात निबंधक आयुक्त,सहायक निबंधक रत्नाकर सिंह एवं जिला प्रबंधक शैलेन्द्र सिंह ने फर्जी तौर पर किसान बनाकर सरकार के करोड़ों रुपए का बंदरबांट किया,उसका मुख्यमंत्री को जवाब कौन देगा ? बहरहाल, द संडे व्यूज़ की निगाहें प्रमुख सचिव एमवीएसरेड्डी के हर घटिया चाल पर लगी रहेगी। देखना है कि नये नवेले जांच अधिकारी कब लखीमपुरखीरी जांच करने जाते हैं और मुख्यमंत्री को कौन सी रिपोर्ट सौंपी जाती है…

शासन ने आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव एमवीएस रेडड्ी ने अभी तक मुख्यमंत्री द्वारा लखीमपुरखीरी में हुये लगभग 100 करोड़ घोटाले में जांच के आदेश का हवा में उड़ाते रहें लेकिन अब वे अपनी जान बचाने के लिये तय कर बैठे हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बेवकूफ बनाया जाये। रेडडी को मालूम है कि जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से हो गयी तो उनके साथ-साथ लखीमपुरखीरी के अफसर और सारे खाद्यान्न माफिया जेल की हवा खायेंगे। अपने साथ-साथ भ्रष्टाचार की मलाई खाने वाले सभी अधिकारियों को बचाने के लिये उन्होंने नया गेम प्लान बनाया जिसके तहत अपने चहेते जांच अधिकारी उ.प्र. राज्य भंडारण निगम के प्रबंध निदेशक श्रीकांत गोस्वामी और सेवा मंडल के सदस्य अशोक दूबे को हटा दिया है।

बता दें कि सहकारिता विभाग के रजिस्टार रंगाराव,जिन्होंने इस घोटाले पर सख्ती बरता था,का तबादला हो गया है। अब इनका कार्यभार भी एमवीएस रेडडी के पास है। मौका सही था इसलिये श्री रेडडी ने अपने चहेतों जो पिछले सात माह से मुख्यमंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे थें,इनसे जांच लेकर अपने तीसरे कृपापात्र डीआर- संयुक्त आयुक्त,उपायुक्त लखनऊ मंडल  विनोद कुमार पटेल को लखीमपुरखीरी भेज रहे हैं।

श्री पटेल वहां ईमानदारी से जांच करने नहीं जा रहे बल्कि रेडडी के इशारों पर सिर्फ 30 या यू कहें 100 किसानों का बयान लेने जा रहे हैं। ये सही मायने में किसान होंगे लेकिन असल सवाल तो यह है कि जांच उन किसानों के दस्तावेजों का करना चाहिये जो किसान ना होकर मनरेगा के मजदूर हैं। खीरी के  निबंधन आयुक्त रत्नाकर सिंह और जिला प्रबंधक शैलेन्द्र सिंह ने फर्जी किसान बनाकर इतने बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। रेडडी की प्लानिंग है कि श्री पटेल की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री को सौंप देंगे। यदि मुख्यमंत्री ने सौंपी गयी लिस्ट में से किसी किसान का बयान लिया तो वो सही निकले। रेडडी को मालूम है कि इस रिपोर्ट के बाद लखीमपुरखीरी के घोटाले पर पर्दा पड़ जायेगा।

 

सीधी बात करें तो रेडडी ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुमराह करने की रणनीति बनायी है लेकिन द संडे व्यूज़ सहकारिता विभाग और लखीमपुरखीरी के अफसरों के इस घटिया मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगा,क्योंकि पल-पल की घटना पर हमलोगों की निगाहें लगी रहेगी।

अगली कड़ी: 

1- किसके आदेश पर लखीमपुरखीरी में सहकारी समितियों के एआर सहायक निबंधक रत्नाकर सिंह ने बंद पड़ी क्रय समितियों को खुलवाया

2-क्रय समितियों में कैसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया एलायड पीसीएस रत्नाकर सिंह ने

3- रत्नाकर सिंह की कितनी हुयी कमाई,क्यों हैं बेहाल?

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