Wed. Oct 21st, 2020

चीन के खिलाफ अमेरिका की बड़ी कार्रवाई, 24 कंपनियों और अधिकारियों को किया ब्लैक लिस्ट

एजेंसी ,वाशिंगटन।

बीजिंग के साथ लगातार चल रही तनातनी के बीच अमेरिका ने उसके ऊपर बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने उन 24 चीनी कंपनियों और उनसे जुड़े अधिकारियों पर बुधवार को प्रतिबंध लगाया है, जिन्होंने विवादित दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीपों के निर्माण में शामिल रहे हैं।अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक बयान में कहा, साल 2013 से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना अपने देश के स्वामित्व वाले उद्यमों का उपयोग विवादित दक्षिण चीन सागर में 3 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनी चीजों को गिराने और उस पर अपना दावे करने के लिए किया है। जो इस क्षेत्र को अस्थिर कर रहा है, पड़ोसियों के संप्रभुता के अधिकारों को रौंद रहा है और अनकही पर्यावरणीय तबाही का कारण बन रहा है।

अमेरिका के विदेश मंत्री माईक पोम्पिओ ने अमेरिकी जनता से कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो चीन और उसकी घातक आक्रामक प्रवृत्ति से लोहा ले सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जबतक वह अमेरिका और दुनिया में कोरोना वायरस के माध्यम से मौत और आर्थिक तबाही फैलाने को लेकर इस कम्युनिस्ट देश के विरुद्ध न्याय नहीं होता।

पोम्पिओ मंगलवार (25 अगस्त) को अपनी ही सलाह के विपरीत जा कर यह बात कही। साथ ही उन्होंने द्विदलीय राजनीति से अमेरिका के विदेश मंत्रियों को अलग रखे जाने की लंबी परंपरा को तोड़ दिया। उन्होंने अमेरिकियों से अपील की यदि वे देश को सुरक्षित चाहते हैं तो वे राष्ट्रपति ट्रंप का फिर चुनाव करें। उन्होंने यरूशलम से रिपब्लिकन नेशनल सम्मेलन (आरएनसी) को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के लगभग हर हिस्से में साहसी पहल की है।

पोम्पिओ ने हाल के समय में चीन द्वारा भारत के विरुद्ध एवं रणनीतिक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उठाए गए कदमों को लेकर ट्रंप प्रशासन की ओर से इस कम्युनिस्ट देश के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा, ”उन्होंने (ट्रंप ने) चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की घातक आक्रामक प्रवृति को चीन में बेनकाब कर दिया। राष्ट्रपति ने चीनी वायरस के मामले तथा अमेरिका एवं दुनिया में उसके कारण होने वाली मौत और आर्थिक तबाही फैलाने के लिए चीन की जिम्मेदार बताया है। वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक न्याय नहीं हो जाता।”

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