Sun. Oct 20th, 2019

दिव्यांग होने के बावजूद बांट रहे हैं गरीब बच्चों में ज्ञान का प्रकाश

गरीब बच्चों को शिक्षित व स्वस्थ रखना ही मेरा लक्ष्य : डॉ ज्ञान प्रकाश गौतम

नीव संस्था से जुडक़र झुग्गी-झोपडिय़ों में बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं

दिव्यांग होना गुनाह नहीं, हौसला बुलंद होना चाहिए, मंजिल तो मिल ही जाएगी…

राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज गोमती नगर में प्रवक्ता पद पर हैं तैनात

शेखर यादव

लखनऊ। राजधानी में ऐसे भी लोग हैं जिनका मिशन सिर्फ समाज सेवा और झोपड़-पट्टी में रहने वाले नौनिहालों को नई रौशनी दिखाना है। उनकी सोच है कि गरीबों के बच्चे भी शिक्षित और स्वस्थ हों और देश का नाम रौशन करें। उनकी ये भी सोच है कि वे किसी भी तरह सरकारी मदद लिए बिना गरीबों की मदद करते रहें। खास बात यह है कि इस काम को अंजाम नीव संस्था से जुड़े लोगों में से एक जो दिव्यांग हैं लेकिन पूरी तरह से ऊर्जावान भी हैं। उस शख्सियत का नाम डॉ. ज्ञान प्रकाश गौतम है जो गोमतीनगर स्थित राजकीय नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर तैनात हैं।


किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले फैजाबाद निवासी लखनऊ में गोमतीनगर के करीब मटियारी चौराहे पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक दवाओं से उन्होंने असाध्य रोग से ग्रसित लोगों को चंगा कर दिया है। उनकी दवाओं का ये असर होता है कि मरीज को देखते ही वे समझ जाते हैं कि उसका मर्ज क्या है…।

द संडे व्यूज़ व इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ को श्री गौतम ने बताया कि वे मेडिकल कॉलेज में तैनात हैं। गर्मी की छुट्टियों में कैंप लगाकर गरीबों का मुफ्त में इलाज करते हैं। गरीबों की सेवा करना उनका शौक है। इसके अलावा उन्होंने नीव एसोसिएशन (समान शिक्षा प्रणाली) से जुड़े हैं। इसके तहत गरीब बच्चों के परिवार को प्राइवेट स्कूलों में कैसे दाखिला दिलाना है,आदि के बारे में बताते हैं क्योंकि इन स्कूलों में 25 प्रतिशत छूट मिलती है।

जो बच्चे पढऩा चाहते हैं उनका दाखिला कराने साथ ही अपने तनख्वाह से उसकी अन्य जरूरतों को पूरा करते हैं। ज्ञान प्रकाश ने बताया कि वह लावारिस बच्चे गरीब बच्चों का भविष्य संवारने का काम करते हैं। कई बच्चों को उन्होंने अच्छी तालीम दी और वे आज आगे की ओर बढ़ रहे हैं।

समय-समय पर हमलोग झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में चिकित्सा कैंप लगाते रहते हैं ताकि गरीबों को चिकित्सा का लाभ मिल सके। यूं कह सकते हैं कि हमलोग बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर काम करते हैं और इसमें किसी तरह का सरकारी मदद नहीं लेते हैं। इस काम में अन्य सहयोगियों के साथ-साथ उनकी पत्नी पूजा आनंद भी बढ़-चढक़र हिस्सा लेती हैं। जोश से लवरेज श्री गौतम ने बताया कि दिव्यांग होने की वजह से उनके काम में किसी तरह की बाधा नहीं आती क्योंकि जब इंसान में किसी काम का जुनून हो तो राह अपने आप बनती जाती है…।

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