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नई शिक्षा नीति का लक्ष्य :भारत को वैश्विक ज्ञान की महाशक्ति बनाना- हेमचंद्र

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर ऑनलाइन विचार गोष्ठी

लखनऊ। विद्या भारती, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा ऑनलाइन राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार गोष्ठी का आयोजन सरस्वती कुंज निराला नगर, लखनऊ में किया गया। विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए विद्या भारती, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र ने कहा कि 29 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में 21वीं सदी की नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी गयी। यह बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि 34 वर्षो से राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ था। पूर्व में आयी शिक्षा नीति के बहुत सारे विषय अप्रासंगिक हो गये थे। पूर्व की शिक्षा नीति में भारतीय चिंतन व दर्शन को उपेक्षित किया गया है। इस नई शिक्षा नीति को तैयार करने में बहुत बड़ा योगदान हमारे विद्या भारती के राष्ट्रीय पदाधिकारियों का भी रहा है। हमारे कई राष्ट्रीय पदाधिकारी इस शिक्षा नीति को तैयार करने में निरंतर लगे रहे और इसकी बैठकों का अभिन्न अंग रहे।


नई शिक्षा नीति के प्रभाव के बारे में सबको संबोधित करते हुए श्री हेमचंद्र ने कहा कि नई शिक्षा नीति से बहुत ही क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। इससे नये भारत का निर्माण होगा। नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी 2020) में कई बड़े बदलाव किये गये हैं। इस नीति का लक्ष्य भारत को वैश्विक ज्ञान की महाशक्ति बनाना है। हेमचन्द्र ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से जहां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिये कई महत्वपूर्ण बदलाव किये गये हैं, वहीं समावेशी शिक्षा प्रदान करने के लिये यथोचित कदम भी उठाये गये हैं। उन्होंने कहा कि विद्या भारती आरम्भ से ही शिक्षा को समान, समावेशी और जीवंत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रही है। हम भारत को ज्ञान आधारित महाशक्ति बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। भारत में व्याप्त विविधताओं व स्थानीय संदर्भों को पाठ्यक्रम में समाहित करने, मातृ भाषा में शिक्षा देंने व बालक को उसकी नैसर्गिक क्षमताओं के अनुरूप उसका विकास करने की बात विद्या भारती सदैव से ही करती आयी है।

क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने शिक्षा नीति के महत्व के बारे बताते हुये कहा कि आज तक हम सब अंग्रेजी शिक्षा को ही ढ़ो रहे हैं। हर एक व्यक्ति कहता था कि राष्ट्रीय शिक्षा में आमूल- चूल परिवर्तन होना चाहिए और वह आमूल- चूल परिवर्तन नई शिक्षा नीति में दिख रहा है। अनेकों प्रकार से भारत केंद्रित शिक्षा होने जा रही है। हम सब का जो सपना था ,जो हमारी संकल्पना है पूरे विश्व में श्रेष्ठ भारत बनाने की, शिक्षा नीति के कारण ही भारत श्रेष्ठ बन पायेगा। इस अवसर पर भारत सरकार को साधुवाद देता हूं।

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