Wed. Oct 21st, 2020

बलिया में अफसरों के सामने ठांय-ठांय…हत्याकांड पर विपक्ष ने छेड़ा कानून-व्यवस्था का मुद्दा

भाजपा विधायक का करीबी है आरोपित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में गुरुवार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर विवाद और फिर हत्या की वारदात के बाद राजनिति भी शुरू हो गई है। विपक्ष ने उत्तर प्रदेश की कानून और व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाजवादी पार्टी (सपा) के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया कि सत्ताधीश खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। बलिया में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है जहां एसडीएम और सीओ के सामने भाजपा नेता ने युवक जय प्रकाश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के सामने से गोली मारकर बीजेपी नेता फरार भी हो गया।समाजवादी पार्टी (सपा) के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया कि सत्ताधीश खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। बलिया में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है जहां एसडीएम और सीओ के सामने भाजपा नेता ने युवक जय प्रकाश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के सामने से गोली मारकर बीजेपी नेता फरार भी हो गया।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने ट्वीट कर कहा कि सत्ता दल के नुमाइंदे द्वारा एसडीएम और सीओ के सामने गोली चलाना यह बताता है कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर है। यह हत्या महज एक युवक की हत्या नहीं, समूचे कानून-व्यवस्था की हत्या है। मुख्यमंत्री जी! गोरखपुर लौट जाइए, उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा आपके बस की बात नहीं।

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि बलिया में सरेआम हत्या एसडीएम और सीओ के सामने कर दी गई। उन्होंने मूकदर्शक बने रहे सीओ और एसडीएम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

बता दें कि बलिया जिले दुर्जनपुर गांव में गुरुवार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में एक पक्ष की ओर से की गई फायरिंग में गोली लगने से दुर्जनपुर पुरानी बस्ती के जयप्रकाश उर्फ गामा पाल (46 वर्ष) की मौत हो गई। विवाद के दौरान चले ईंट-पत्थर से तीन महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसडीएम सुरेश कुमार पाल, सीओ चंद्रकेश सिंह के साथ ही घटना के दौरान मौजूद रहे सभी आठ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच डीएम श्रीहरि प्रताप शाही करेंगे।

ग्रामीणों का आरोप है कि दबंगों ने पुलिस के सामने ही फायरिंग शुरू कर दी। इस मामले में मुख्य आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह डबलू को बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपित पक्ष के लोगों ने एसडीएम के साथ भी नोकझोंक की। विवाद बढ़ने पर प्रताप सिंह डबलू ने घर से रिवाल्वर लाकर फायरिंग की।

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