Wed. Oct 21st, 2020

मेरठ के प्रमोटी कमांडेंट राजेन्द्र सिंह की हवा खराब- ‘कारण बताओ’ नोटिस अभियान बंद

तेज तर्रार डिवीजनल कमांडेंट ने प्रमोटी राजेन्द्र सिंह को कारण बताओ नोटिस ना करने की दी चेतावनी

कारण बताओ नोटिस के साथ ही निरीक्षण अभियान से होने वाली अवैध वसूली का सपना ध्वस्त

मेरठ के जवानों में खुशी की लहर: द संडे व्यूज़ को दी बधाई, प्रमोटी कमांडेंट के चेहरे की रंगत उड़ी

शेखर यादव

इटावा। द संडे व्यूज़ की खबर के बाद मेरठ में तैनात प्रमोटी कमांडेंट राजेन्द्र सिंह की हवा खराब हो गयी है। वसूली करने में अपने को माहिर खिलाड़ी समझने वाले इस प्रमोटी राजेन्द्र सिंह ने ड्यूटी के नाम पर हर माह होने वाली भारी भरकम वसूली के अलावा जवानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर बेवजह अतिरिक्त वसूली कर रहा था। मेरठ के जवानों की शिकायत पर पड़ताल करने के बाद जब खबर पुख्ता हो गयी तो उसे 30 सितंबर को प्रकाशित किया गया। मेरठ के अफसरों के साथ-साथ मुख्यालय पर बैठे प्रमोटी के आका के चेहरे की रंगत उड़ गयी। डिवीजन कमांडेंट,मेरठ ने आनन-फानन में नोटिस जारी कर इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा दिया है। कर्मचारियों ने बताया कि प्रमोटी के चेहरे की रंगत बेगाना मुल्ला की तरह हो गयी है।

बता दें कि मेरठ के प्रमोटी जिला कमांडेंट राजेंद्र सिंह द्वारा होमगार्डों को कारण बताओ नोटिस अभियान चलाया जा रहा था, जिससे वहां के जवान बहुत परेशान थे । द संडे व्यूज ने 30 सितंबर 2020 को प्रमोटी कमांडेंट राजेंद्र सिंह ने चलाया कारण बताओ नोटिस अभियान थूक लगा कर गिनते हैं वसूली की रकम शीर्षक से खबर चलाया था। खबर छपने के बाद मेरठ के तेज तर्रार मंडली कमांडेंट गिरिराज सिंह ने जिला कमांडेंट को आदेश दिया कि किसी भी जवान को कारण बताओ नोटिस देने पर मुझे जरूर अवगत कराया जाये। इस फरमान के बाद मेरठ में कारण बताओ नोटिस अभियान पूर्णता बंद हो गया। जहां मेरठ के जवानों ने राहत की सांस ली वहीं कारण बताओ नोटिस अभियान के साथ निरीक्षण अभियान भी बंद हो गया है।

बता दें कि प्रमोटी कमांडेंट राजेन्द्र सिंह इतना लालची है कि उसने जवानों को कारण बताओ अभियान के तहत एक माह में सैंकड़ों जवानों से वसूली करने का टार्गेट बनाकर कमाई कर रहा था। उसी के पैरलल में प्रमोटी ने निरीक्षण अभियान भी चला रखा था लेकिन खबर छपने के बाद उसके इस योजना की भी हवा निकल गयी। कर्मचारियों ने बताया कि निरीक्षण में वो जबरियन कमी निकालता और उसके बाद सौदेबाजी का खेल खेलता लेकिन मंडलीय कमांडेंट गिरिराज सिंह के पत्र के बाद मामला दब गया है। मेरठ के जवानों ने बताया कि खबर छपने के बाद जवानों पर ना तो कोई दबाव बना रहा है ना ही उनसे वसूली के नाम पर कोई पैसा लिया जा रहा है। हां,प्रमोटी के चेहरे की रंगत होली के रंग की तरह उड़ गयी है।

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