Mon. Jul 13th, 2020

मेरठ होमगार्ड विभाग: चाय बेचने वाला बिरजू आखिर कैसे बना विभाग का करोड़पति बृजमोहन गुप्ता

मेरठ का कंपनी कमांडर बृजमोहन गुप्ता कभी लगाता था चाय का ठेला

बिरजू ने मेरठ विश्वविद्यालय में 300 की जगह 150 जवानों की तैनाती,ट्रैफिक,कंपनी नंबर 7 में मचा दी लूट

विश्वविद्यालय में 1000 रुपए,ट्रैफिक में 1000-1500 रुपए, कंपनी 7 में 1000 रुपए करता है वसूली

वसूली की बड़ी रकम देने की वजह से बना सभी कमांडेंट्स का है चहेता

कमांडेंट बदले लेकिन बिरजू का जलवा रहता है बरकरार

एडीएम सिटी की जांच में हुआ सस्पेंड, भ्रष्ट कमांडेंट की मेहरबानी से हुआ बहाल

क्या बिरजू उर्फ बृजमोहन गुप्ता से यूनिवर्सिटी,ट्रैफिक,कंपनी नंबर 7 हटाने की हिमाकत अधिकारी करेंगे ?

शेखर यादव

लखनऊ। अरे बिरजू… चाय ला रे…। कभी मेरठ में ट्रांसपोर्ट नगर के करीब बने सब्जी मंड़ी में ड्राईवर,क्लीनर यही आवाज लगाते थे। इस दौरान पुलिस वाले भी आते तो बिरजू उन्हें सलामी ठोंकता और मुफ्त में चाय पिलाता, लेकिन अपने आपको कोसता भी था। बिरजू को वर्दी की ताकत का अंदाजा लग चुका था। उसने भी ठान लिया कि वो भी वर्दी पहनेगा और उसने होमगार्ड विभाग में जुगाड़ फार्मूला बिठाकर बन गया खाकी वर्दीवाला। फिर क्या, अवैतनिक कंपनी कमांडर बनते ही बिरजू ने लिख डाला भ्रस्टाचार की नई गाथा। पहले कमाण्डेंटों का चहेता बना फिर तोड़ डाला वसूली विद्या का रिकार्ड। भ्रस्टाचार की कमाई में से एक बड़ा हिस्सा वो ईमानपदारी से कमांडेंट को पहुंचाने लगा। ये रकम ऊपर मंडलीय कमांडेंट तक समय पर पहुंचने लगी। भरोसा जितने के बाद बिरजू बन गया होमगार्ड विभाग को करोड़पति बृजमोहन गुप्ता…। उसने मकान बनाया,प्लाट लिया और दो चार पहिया वाहनों का मालिक बन गया। कमांडेंट बदले लेकिन बृजमोहन का कोई मेरठ विश्वविद्यालय,यातायात और कंपनी नंबर सात से नहीं हटा पाया क्योंकि सभी जानते हैं कि यही वो शख्स है जो भ्रस्टाचार की बड़ी कमाई लाकर देने का दम रखता है। हालांकि और भी कंपनी कमांडर हैं लेकिन आज सिर्फ बिरजू और बृजमोहन गुप्ता की ही गाथा लिखी जायेगी।

ठेले पर चाय लगाने वाले बिरजू ने खुद नहीं सोचा होगा कि वो आने वाले समय में इसी शहर का करोड़पिया भी बनेगा। जैसे ही वह उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग में आया और उसके बाद जब कंपनी कमांडर बना तो कुछ ही सालों में बन गया करोड़पति। बताया जाता है कि बृज मोहन गुप्ता की इस समय मेरठ में अकूत संपत्ति है। गुप्ता कॉलोनी में एक कोठी, इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक मकान, मेडिकल कॉलेज के पास एक चार दुकान है। बताया जाता है कि बृजमोहन गुप्ता मेरठ का सबसे बड़ा वसूली मैन माना जाता है। मेरठ के ही भरोसेमंद कंपनी कमांडर ने बताया कि विश्वविद्यालय में बृजमोहन गुप्ता कागजों में 300 होमगार्डों की ड्यूटी दिखाता था और सिर्फ 150 होमगार्डों की तैनाती करता था। यानि, 150 होमगार्ड फर्जी तैनाती दिखाकर पूरा पैसा अपनी जेब में डालता था। जरा सोचिए, एक होमगार्ड से ड्यूटी लगाने के नाम पर प्रति माह 1000 रूपए वसूलता था। आप अंदाजा लगायें कि प्रति माह कितने रुपए की वसूली हुयी ?

 

एक शिकायत पर एडीएम सिटी ने जांच की और विश्वविद्यालय में फर्जी होमगार्डों की ड्यूटी प्रकरण सामने आने पर बृजमोहन गुप्ता को निलंबित करा दिया लेकिन थोड़े दिनों बाद तत्कालीन जिला कमांडेंट राम नारायण चौरसिया जो (कारागार में आराम फरमा रहे हैं) ने उसे बहाल कर दिया। क्योंकि गुप्ता जी निलंबित रहेंगे तो काली कमाई कौन देगा। अवैध वसूली जारी रही लेकिन नोयडा अग्निकांड़ केबाद विश्वविद्यालय में पहले की तरह खुला खेल नहीं खेला जा रहा है लेकिन ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली जारी है।

इसी तरह गुप्ता जी की वफादारी और अफसरों के प्रति निष्ठा देखकर, मेरठ के कमांडेंट ने यातायात और कंपनी नंबर 7 की जिम्मेदारी सौंप दी। बता दें कि यातायात में लगभग 200 होमगार्ड तैनात होते हैं,जिनसे प्रति माह 1000 रुपए से लेकर 1500 रुपए की वसूली बदस्तूर जारी है। रूपए का आंकड़ा प्वाइंट के आधार पर बढ़ा दिया जाता है। कंपनी नंबर 7 में लगने वाले होमगार्डों से गुप्ता जी प्रति जवान और प्रति माह 800 रुपए की वसूली कर रहे हैं।

भरोसेमंद कंपनी कमांडर की मानें तो मेरठ से प्रति माह लगभग 20 लाख रूपए की काली कमाई जवानों का खून चूसकर किया जा रहा है। ऐसा नहीं की वसूली की सारी रकम कमांडेंट,मंडलीय कमांडेंट और मुख्यालय बांट दिया जाता है। सच्चाई यह है कि कमांडेंट को बमुश्किल से लगभग एक से दो लाख,मंडलीय कमांडेंट को लगभग एक लाख रुपए का दक्षिणा…। अब सवाल यह है कि सब गुप्ता जी पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है? गुप्ता जी से विश्वविद्यालय,यातायात और कंपनी नंबर 7 क्यों नहीं लिया जाता ? भईया यहां पर चोर-चोर मौसेरे भाई का गेम सालों से जबरदस्त तरीके से खेला जा रहा है। अब मंत्री जी भी वल्र्ड क्लास के क्रिकेटर रहें हैं देखते हैं वे अपने गृह जनपद के करीबी मेरठ के भ्रस्टाचार को किस तरह से चौव्वा-छक्का मारकर दूर करते हैं।

हालांकि मेरठ में मचे लूट-खसोट पर वंचित समाज,इंसाफ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मो.नासिर खान ने कई बार बृजमोहन गुप्ता सहित अन्य कंपनी कमांडरों के खिलाफ लिखित शिकायत मेरठ के कमांडेंट,मंडलीय कमांडेंट और मुख्यालय के पूर्व अफसरों से की लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की।

नासिर खान ने बताया कि इस भ्रस्टाचार के खेल में सभी मिले हैं। जवानों से की जाने वाली अवैध कमाई मेरठ से चलकर राजधानी तक पहुंचती है इसीलिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी लेकिन आखिरी सांस तक मेरी वैचारिक लड़ाई चलती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *