Tue. Feb 25th, 2020

मेरी नज़रों में देश के असली हीरो वे हैं जो गरीब,असहाय लोगों की मदद करते हैं : आनंद कुमार

यूपी में सजायाफ्ता बंदियों की मदद करने वाले एनजीओ के हीरो को आनंद कुमार ने दिया सम्मान

98 में से 11 चुनिंदा एनजीओ वालों को डीजी,जेल आनंद कुमार ने प्रशस्ति पत्र,शाल से किया सम्मानित

मेरी नजर में देश के असली हीरो वे हैं जो गरीब,असहाय लोगों की मदद करते हैं : आनंद कुमार

 डीजी ने उत्कृष्ट  कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को किया सम्मानित

डीआईजी,जेल कानपुर बी.पी.त्रिपाठी कमेंडेशन डिस्क,प्रशस्ति पत्र ,जेल अधीक्षक,मुरादाबाद उमेश सिंह को सिल्वर पदक मिला

संजय पुरबिया

लखनऊ। योगी राज में जेल में कुख्यात अपराधियों के हौसले तो पस्त हैं लेकिन यहां पर अधिसंख्य ऐसे भी सजायाफ्ता कैदी हैं जिनका हालचाल लेने वाला कोई नहीं है। ना तो उनसे मिलने परिजन आते हैं और ना ही उनके पास कडक़ती शीतलहरी में ओढऩे के लिये अपने कपड़े,कंबल वगैरह…। जेल प्रशासन की तरफ से जो सुविधायें मिलती है,उसके अलावा इन कैदियों के पास कुछ भी नहीं। लेकिन, कुछ स्वयं सेवी संस्थाओं ने उत्तर प्रदेश की जेलों में सजा काट रहे बंदियों को जरूरत का सामान मुहैया कराने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने का काम करती चली आ रही हैं गणतंत्र दिवस पर उन्हें सम्मानित किया गया। इसके अलावा हमारी कोशिश है कि सरकार की फस्र्ट प्रायरिटी पर जो काम हैं,उन्हें पूरा करे।

द संडे व्यूज़,इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़  से खास बातचीत में उत्तर प्रदेश,कारागार विभाग के महानिदेशक आनंद कुमार ने उक्त बातें कही। उन्होंने बताया कि सूबे की जेलों में बड़ी संख्या में ऐसे भी बंदी सजा काट रहे हैं जो गरीबी,परिवार से सहयोग ना मिलने की वजह से वे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे बंदियों की मदद के लिये पूरी संसाधन जेल प्रशासन के पास नही है। कई ऐसी स्वयं सेवी संस्थाये हैं जो बिना प्रचार-प्रसार किये नि:शुल्क तौर पर बंदियों की मदद करते चले आ रहे हैं। डीजी ने कानपुर जेल के डीआईजी बी पी त्रिपाठी को कमेंडेशन डिस्क व मुरादाबाद के जेल अधीक्षक उमेश सिंह को सिल्वर पदक से सम्मानित किया।

डीजी आनंद कुमार ने बताया कि आजादी के बाद से अभी तक कारागार मुख्यालय द्वारा कभी भी ऐसी स्वयं सेवी संस्थाओं को ना तो सम्मानित किया गया और ना ही मान्यता दी गयी। मेरी सोच है कि बंदी हो या फिर समाज में दबे-कुचले वर्ग के लोग,ऐसे लोगों को जो भी व्यक्ति किसी तरह की मदद करे,उन्हें सम्मानित करना चाहिये। इससे एक सकारात्मक संदेश जाता है और इसे देख अन्य लोग भी भलाई के लिये एक कदम आगे बढ़ाते हैं।

श्री कुमार ने बताया कि प्रदेश की जेलों में सजायाफ्ता बंदियों की मदद करने वाली 98 स्वयं सेवी संस्थाओं कारागार विभाग की तरफ से प्रशस्ति पत्र व शाल देकर सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 98 में से 11 चुनिंदा संस्थाओं को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया गया ।

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