Mon. Dec 16th, 2019

लखनऊ में होमगार्डों की ड्यूटी लगाने में हुए बंपर फर्जीवाड़े की जांच करेंगे डीआईजी रंजीत सिंह: चेतन चौहान

वसूली के खेल में होमगार्डों का तेल निकालने वाले लखनऊ के प्रमोटी कमांडेंट कृपाशंकर की अब खैर नहीं

पूर्व मंत्री के समय उसी होमगार्डों को ड्यूटी मिलती थी जो कृपाशंकर के गुर्गों की मांग पूरी करता था

राजीव बिहारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। सुर्खियां गुडवर्क का नहीं बल्कि भ्रस्टाचार  के बेडवर्क का है। यूं कह सकते हैं कि इस विभाग का कुआं पूरी तरह से भांग से भरा हुआ है। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों ने यहां तैनात भ्रष्ट अफसरों का मनोबल इतना बढ़ा दिया था कि वे होमगार्डों को कीड़ा-मकोड़ा समझ कर बर्बरता से पेश आने लगे थे। अफसरों में जवानों की गाढ़ी कमाई से उगाही कर अपनी अय्याशी करने का शौख चर्रा गया था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

नए होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान ने तल्ख लफ्जों में कहा कि पूरे प्रदेश में होमगार्डों की ड्यूटी,मस्टर रोल की जांच होगी और ऑडिट भी करायी जाएगी। साथ ही लखनऊ में मिल रही शिकायतों पर उन्होंने गंभीर रूख अपनाते हुए इसकी जांच होमगार्ड विभाग के तेजतर्रार,ईमानदार अफसर रंजीत सिंह को जांच सौंप दी है। विभाग में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि लखनऊ कमांडेंट कृपाशंकर स्तर पर किए गए भ्रस्टाचार का अब पर्दाफाश होगा।

नोयडा में कमांडेंट रामनारायण जो वर्तमान में प्रमोशन पाकर अलीगढ़ के मंडलीय कमांडेंट बन गए हैं,ने थानों पर ड्यूटी लगाने के नाम पर पिछले दो वर्ष में करोड़ों रुपए की अकूत संपत्ति अर्जित की है। द संडे व्यूज़ के खुलासे के बाद तहलका मचा हुआ है लेकिन सवाल यह है कि ये खेल सिर्फ नोयडा में नहीं खेला जा रहा है। पूरब से लेकर पश्चिम तक जिन जनपदों में ईमानदारी से जांच करा ली जाए,करोड़ों का फर्जीवाड़ा मिलेगा।

मैं बात ईमानदारी से जांच कराने की इसलिए कर रहा हूं कि अभी तक द संडे व्यूज़ व इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ ने होमगार्ड विभाग में जितने भी खुलासे किए उसमें नामित जांच अधिकारियों की चांदी हो गयी। जांच के नाम पर अधिकारियों ने मनमाफिक सौदेबाजी की। यही वजह है कि लखनऊ का प्रमोटी भ्रष्ट कमांडेंट कृपाशंकर पाण्डेय अभी तक बचा हुआ है। पूर्व होमगार्ड मंत्री और मुख्यालय पर तैनात तथाकथित अफसरों को चढ़ावा चढ़ाकर वो अपनी सभी जांचों को दबाने में कामयाब होता रहा है।

अब मंत्री भी बदल गए और जांच अधिकारी भी…। विभाग में चर्चा यही है कि जब ऊपर के लोग ईमानदारी से काम करेंगे तो भ्रस्टाचार कुछ हद तक तो थम ही जाएगा। मुख्यालय पर तैनात डीआईजी रंजीत सिंह जिन्हें मंत्री चेतन चौहान ने जांच सौंपते हुए कहा कि लखनऊ में हुए भ्रस्टाचार की जांच ईमानदारी से हो और इसमें किसी तरह का दबाव बर्दाश्त ना करें। मंत्री ने यह भी कहा कि होमगार्डों की कहां-कहां ड्यूटी लगायी गयी और उनकी संख्या कितनी रही,कितना भुगतान किया गया,इसकी जांच करें। इसमें जो अधिकारी शामिल होगा उसकी खैर नहीं।

बता दें कि लखनऊ के थानों पर तैनात होमगार्डों के फर्जीवाड़े की जांच मुख्यालय पर तैनात आईपीएस प्रतिभा अंबेडकर ने की थी। उन्होंने ट्रेनिंग पर जाने से पूर्व थाना गुडम्बा और विभतिखंड थानों की जांच कर उसकी रिपोर्ट डीजी,जीएलमीना को सौंप दी है। इस रिपोर्ट पर क्या हुुआ अभी गोपनीय है। देखना है कि होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान और डीजी जीएलमीना द्वारा चलायी जा रही ईमानदारी की चाबुक से कितने भ्रष्ट कमांडेंट धराशाई होते हैं…।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *