Mon. Jan 18th, 2021

लखीमपुरखीरी में बैंक,सहकारिता का फ्राड: फर्जी किसान बनाकर फकीरों के खाते में डाले और निकाले लाखों रुपये

क्या लखीमपुरखीरी में आया रामराज्य ?जिसकी हैसियत नहीं उसके खाते में आया लाखों रुपये…

संजय पुरबिया

लखनऊ। क्या यूपी में रामराज्य आ गया है ? सौ फीसदी आपका जवाब होगा,सवाल ही नहीं उठता…। फिर मैं आपसे सवाल करुंगा,क्या लखीमपुरखीरी में रामराज्य आया? इस बार आप जवाब जरुर देंगे लेकिन उसमें टोन व्यंग्य का होगा…। कहेंगे कि सहकारिता विभाग,जिला प्रशासन,एचडीएफसी बैंक,प्रधान और दलालों की मिलीभगत से फर्जी किसान के नाम पर खाते खोलकर लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है। यानि,किसान हैं नहीं लेकिन उनके नाम पर फर्जी खसरा,खतौनी दिखाकर इस बार भी सहकारिता विभाग के अफसरों ने अन्नदाताओं के नाम पर जमकर भ्रस्टाचार की बैटिंग कर दी। इसका खुलासा तब हुआ जब लखीमपुरखीरी के थाना नीमगांव की सिकंदराबाद चौकी क्षेत्र के जमौहरा गांव के कुछ लोगों ने रिपोर्ट दर्ज करायी। गांव वालों का कहना है कि उनके मोबाइल पर उनके खातों से लाखों रुपये निकलने के मेसेज आये तो अफ रा-तफरी मच गयी।सवाल यह भी है कि गांव वाले अपने बैंक खाते से लाखों रुपये निकलने की शिकायत तो दर्ज करा रहे हैं लेकिन पुलिस उनसे यह पूछे कि आखिर उनके खाते में इतनी धनराशि आयी कैसे? सीधी बात करें तो यह है कि ये सभी इस फर्जीवाड़े में पहले से ही शामिल थें। इन्हें कुछ पैसों का लालच भी दिया गया होगा। खैर,देखना है जांच के बाद पुलिस और प्रशासन भ्रस्टाचारर पर विस्फोट करती है या फिर माल दबाकर रजईया में घुस जाती है।


अक्टूबर माह मे कुछ लोगों ने कैंप लगाकर सैकड़ों ग्रामीणों का जीरो बैलेंस पर खाता खोला था। आरोप है कि ग्रामीणों से ब्लैंक चेक पर दस्तखत कराये गये थे। बीते दिनों जब इनमें कुछ लोगो के मोबाइल पर लाखों रुपये निकलने के मेसेज आये सभी के होश फाख्ता हो गये। जिन लोगों के खाते से पैसे निकाले गये हैं, उनमें विनय कुमार का 1.83 लाख, नीरज कुमार का 1.60 लाख, श्रीपाल का 1.39 लाख, नरेश चंद्र का 45000, मुकेश कुमार का 1.37 लाख, पंकज कुमार का 1.64 लाख रुपये खातों से निकलने की बात सामने आयी है। गांव के अरविंद, विनय ने बताया कि जब पैसा निकलने का मेसेज आया तब वह बैंक में गये, जहां उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने धान तो नहीं बेचा है।

इस बाबत एसडीएम,मितौली डी के सिंह का कहना है कि इस मामले में मेरे पास कोई शिकायत नहीं आयी है और ना ही कोई शिकायत करने आया है। दूसरी तरफ पुलिस विभाग का कहना है कि ,सामूहिक तहरीर मिली है जिसमे खाते से रुपये निकलने की बात कही गयी है, पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। वहीं गांव के प्रधान का कहना है कि मेरे आवास पर कुछ लोगों ने आकर कैंप लगवाया था, जहां खाते खोले गये थे। मैंने किसी से चेक पर साइन करने को नही कहा है। मेरे पुत्र का भी खाता खुला था उसमें से भी 67000 रुपये निकाले गये हैं। एचडीएफसी बैंक,गोला के शाखा प्रबंधक दीपेन्द्र श्रीवास्तव का कहना है कि मेरी शाखा में जीरो बैलेंस के खाते खोले गए हैं। पैसा किस चीज का आया और किसने निकाला यह मेरे संज्ञान में नहीं है।

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