Tue. Feb 25th, 2020

लखीमपुर अर्बन बैंक घोटाला :सहकारिता मंत्री की नातिन, सांसद की बेटी, विधायक के पोते और भांजे का हुआ चयन

लखीमपुर अर्बन को- आपरेटिव बैंक का सबसे बड़ा भर्ती घोटाला

अर्बन बैंक को मंत्री,सांसद और विधायकों ने बनाया प्राईवेट फर्म

क्या बैंकिग सेवा बोर्ड से करायी गयी अर्बन बैंक की लिखित परीक्षा और साक्षात्कार ?

वाह रे सभापति पुष्पा सिंह ,पहले भर्ती करायीं उसके बाद निकाला विज्ञापन !

भर्ती के मास्टर माइंड सभापति ने विज्ञापन निकाल कर इंटरव्यू का किया ड्रामा

यात्रा भत्ता के नाम पर हर माह 30 हजार रुपए डकार रहे हैं सभापति महोदय

संजय पुरबिया

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भ्रस्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति पर चल रहे हैं। लेकिन उन्हें अंधेरे में रखकर उन्हीं की सरकार के सहकारिता मंत्री,सांसद और विधायक अर्बन कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड में फर्जी तरीके से अपने रिश्तेदारों की भर्ती करा रहे हैं। इतना ही नहीं, मंत्री जी ने ‘खुद तो डूबेंगे सनम तूझे भी ले डूबेंगे हम’ की तर्ज पर लखीमपुर खीरी के सांसद की बेटी,मोहम्मदी के विधायक के भांजा और धौरहरा के विधायक पोता की भर्ती भी पीछे के दरवाजे से करा दिया। इस भर्ती में नियमों को पूरी तरह से ताख पर रखकर ये साबित किया गया कि मुख्यमंत्री की नीति से सरकार के मंत्री,सांसद और विधायकों को कोई वास्ता नहीं। हद तो तब हो गयी जब अर्बन बैंक की सभापति श्रीमती पुष्पा सिंह ने नियमों को दरकिनार कर लगभग 17 कर्मचारियों से मोटी रकम लेकर भर्ती कर डाला। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश में जितनी भी सहकारी बैंक हैं,उनमें क्लर्क स्तर की होने वाली भर्ती का अधिकार सरकार ने बैंकिंग सेवा बोर्ड को सौंप दी है। फिर,अर्बन कोआपरेटिव बैंक में किस नियमावली के तहत सभापति ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुये भर्ती कर दी।

दूसरी तरफ, सभापति ने गुपचुप तरीके से अपने आवास पर चतुर्थ श्रेणी के चार कर्मचारियों की नियुक्ति कर डाली और यात्रा भत्ता के नाम पर हर माह 30 हजार रुपए का फ्राड भी कर रही हैं। मजे की बात यह है कि सभी नियुक्तियां बिना चयन समिति को विश्वास में लिये की गयी है। मामला लखीमपुर खीरी का है। बैंक में वर्षों से काम करने वाले अवैतनिक कर्मचारी इस आस में बैठे हैं कि शायद उनके अच्छे काम को देखकर वैतनिक कर दिया जाये। अनियमितताओं के विरोध में अर्बन कोआपरेटिव बैंक के संचालक आशीष $कुृमार गुप्ता ने क्षेत्रीय विधायक को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की है। द संडे व्यूज़ के पास लखीमपुर सहकारी बैंक में पिछले दरवाजे से हुयी नियुक्तियों में भर्ती हुये कुछ प्रमुख लोगों की लिस्ट है जिसमें सहकारिता मंत्री की नातिन और एक नाम सांसद की बेटी का है।

लखीमपुर के अर्बन को-आपरेटिव बैंक के संचालक आशीष कुमार गुप्ता ने बैंक के सभापति,सचिव और महाप्रबंधक को पत्र लिखकर मांग की है कि 12 दिसंबर 2019 को बिना बताये प्रबंध समिति की बैठक कर ली गयी। आनन-फानन में बैठक करना और पिछली बैठक का एजेंडा एवं पिछली कार्यवाही की प्रतिलिपि ना देना संदेह उत्पन्न करता है। आशीष गुप्ता ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि अर्बन बैंक में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। संचालक ने सीधे तौर पर सभापति पर आरोप लगाया कि वे फर्जी तरीके से मोटी रकम लेकर अर्बन बैंक,लखीमपुर में भर्ती कर रहे हैं। भर्ती करने के दौरान उन्होंने चयन समिति के किसी भी सदस्य से राय लेना मुनासिब नहीं समझा। जबकि उसी बैंक में काम कर रहे चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के देशराज का नाम वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है।

दूसरी तरफ, लखीमपुर खीरी में ही अर्बन को-आपरेटिव बैंक के ओयल शाखा में वर्ष 2011 से लिपिक के पद पर काम करने वाली पूनम रानी बाजपेई ने पत्र लिखकर पूरी भर्ती का भंड़ाफोड़ किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके साथ कई कर्मचारी पिछले 11 वर्ष से काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया गया। भर्ती में सहकारिता मंत्री की नातिन सहित लगभग 17 लोगों की भर्ती कर दी गयी है और उसके बाद विज्ञापन निकाल कर इंटरव्यू की नौटंकी की जा रही है। बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि 18 दिसंबर को एक दैनिक अखबार के बाहरी संस्करण में विज्ञापन निकालकर सभापति द्वारा पहले से चयनित कर्मचारियों का इंटरव्यू लिया जायेगा। उन्होंने मांग की है कि बैंक में फर्जी तरीके से की गयी भर्ती को निरस्त कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये,वर्ना हमलोग न्यायालय की शरण में जायेंगे।

कर्मचारियों ने बताया कि अर्बन बैंक की सभापति पुष्पा सिंह जब बेहजम ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख थीं उस दौरान भी उन्होंने एक बड़ी धनराशि डकार गयी थीं।  सूत्रों की मानें तो अर्बन कोआपरेटिव बैंक में सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा की नातिन अंशिका गंगवार की पीछे के दरवाजे से भर्ती कर दी गयी है। इसी तरह, लखीमपुर खीरी के सांसद टेनी मिश्रा की बेटी रश्मि मिश्रा, धौरहरा,लखीमपुर खीरी के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का पोता अचल अवस्थी,मोहम्मदी के विधायक लोकेन्द्र प्रताप ङ्क्षसंह का भांजा सहित 17 लोगों की भर्ती कर दी गयी है।

बता दें कि अर्बन बैंक में पिछली सरकारों में बड़े पैमाने पर भर्ती घोटाले हुये जिन पर रोक लगाने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्ती से कदम उठाये हैं। उन्होंने सूबे के सभी अर्बन बैंकों में क्लर्क स्तर की होने वाली भर्तियों का अधिकार बैंकिंग सेवा बोर्ड को सौंप दी है। बोर्ड ही अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और साक्षात्कार करायेगी लेकिन लखीमपुर खीरी के अर्बन बैंक में जिस तरह से सरकार के ही मंत्री,सांसद और विधायकों ने नियमों की धज्जियां उड़ायी,इसे क्या कहेंगे? क्या इन लोगों की नजरों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नीति की कोई अहमियत नहीं?

द संडे व्यूज़ के पास अर्बन कोआपरेटिव बैंक के बड़े शेयर होल्डर गिरीश मिश्रा, सदर,विधायक योगेश वर्मा,बैंक के डायरेक्टर आशीष कुमार गुप्ता के वो ऑडियो है जिसमें इनलोगों ने अर्बन बैंक में पीछे के दरवाजे से हुयी भर्ती एवं फर्जीवाड़े का जिक्र किया और प्रमुख सचिव,सहकारिता को जांच के लिये पत्र भी लिखा है। पेश है ऑडियो के मुख्य अंश…

1- लखीमपुर में अर्बन को-आपरेटिव बैंक के बड़े शेयर होल्डर गिरीश मिश्रा का कहना है कि अर्बन बैंक में मेरा बड़ा शेयर लगा है। मेरा स्कूल है जिसका एकाउंट अर्बन बैंक में है। इसके अलावा कई एफडी भी यहां पर करा रखा है, लेकिन जिस तरीके से यहां पर एक के बाद एक भर्तियां की जा रही हैं उसे देखकर लगता है कि बैंक डूबने की कगार पर है। बैंक में की जा रही भर्ती पर उन्होंने कहा कि सोसाइटी का बैंक है इसलिये भर्ती करने का अधिकार सभापति को होता है। यहां पर कई अनियमिततायें देखने को मिल रही है। मसलन, जिनका लोन नहीं होना चाहिये,हो रहा है। बड़े-बड़े लोगों के रिश्तेदारों की भर्तियां की जाती है। शेयर होल्डर गिरीश मिश्रा ने बताया कि सहकारिता मंत्री और लखीमपुरखीरी के सांसद के रिश्तेदारों की भर्ती हुयी है। मेरे पास जो सूचना है उसके आधार पर सभी से 20-20 लाख रुपए लिये जा रहे हैं। पूरा खेल सभापति के स्तर से किया जा रहा है। सहकारिता बैंक के सभापति को कहीं भी आने-जाने के लिए सिर्फ डीजल मिलता है उसके बाद यदि वे यात्रा भत्ता ले रही हैं तो फ्राड कर रही हैं। हमलोगों ने यहां के विधायक को अवगत कराया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे साबित होता है कि सभापति की सत्ता और शासन में अच्छी पहुंच हैं।

2- भर्ती घोटाले की बाबत जब लखीमपुर,सदर के विधायक योगेश वर्मा से बात की गयी तो उनका कहना है कि जांच के लिये प्रमुख सचिव, सहकारिता को पत्र लिखा लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। प्रमुख सचिव,सहकारिता जांच नही करेंगे तो मुख्यमंत्री को पत्र लिखूंगा।

 

3- लखीमपुर अर्बन बैंक को-आपरेटिव के डायरेक्टर आशीष कुमार गुप्ता का कहना है कि सभापति को पत्र लिखकर यहां पर हो रही अनियमितताओं के बारे में अवगत कराया लेकिन कार्रवाई नहीं की गयी। पत्र में शाहजहांपुर में बिना संचालकों को विश्वास में लिये बैंक की शाखा खोल दी गयी,इसकी शिकायत की। श्री गुप्ता का कहना है कि सभापति द्वारा लोन की कमेटी में हस्ताक्षरकराकर बोर्ड की बैठक के बारे में बताया जाता है। जबकि, कोई भी एजेंडा होता है तो दो दिन पूर्व बताया जाता है।


कोई भी प्रस्ताव पास करने से पूर्व पहले बोर्ड की बैठक में रखा जाता है, उसके बाद किसी चीज पर निर्णय लिया जाता है लेकिन यहां पर ऐसा नहीं होता। बैंक में हुयी भर्ती पर उन्होंने कहा कि भर्ती का प्रस्ताव भी पहले बोर्ड में रखा जाना चाहिये लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसका मतलब ही है कि कुछ अनियमितायें बरती गयी है। अर्बन बैंक के सचिव को बताया जा चुका है। लखीमपुर अर्बन को-आपरेटिव बैंक के सभापति ने बिना प्रबंध समिति को बताये जिस तरह से लगभग 17 कर्मचारियों की भर्ती की गयी इससे साबित होता है कि बैक डोर से सहकारिता मंत्री,सांसद सहित बड़े लोगों के रिश्तेदारों की गुपचुप तरीके से भर्ती कर दी गयी। मामला हाई प्रोफाइल होने की वजह से बैंक के डायरेक्टर से लेकर विधायक,जहां भी पत्र लिख रहे हैं,कोई सुनवाई नहीं हो रही। यदि इस बैंक में किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच करायी जाये तो बड़े पैमाने पर भ्रस्टाचार का खुलासा हो सकता है। सवाल यह है कि ये जांच कौन करायेगा ?

सीधी बात करें तो द संडे व्यूज़ व इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ डॉट कॉम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भ्रष्ष्टïचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलने की भरसक कोशिश करते हुये इस खबर को योगी जी तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। देखना है कार्रवाई होती है या फिर…

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