Mon. Sep 28th, 2020

विदेशी मीडिया में राम मंदिर की गूंज, एक नए युग की शुरुआत

धर्मनिरपेक्षता से हिंदुत्व की पहचान की ओर

कोरोना महामारी के बीच राम मंदिर की नींव

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में रामजन्म भूमिपूजन की गूंज दुनियाभर में रही। कुछ अखबारों ने इसे हिंदूओं और देश की मोदी सरकार के लिए बड़ी जीत बताई है। पाकिस्तानी अखबर द डॉन ने लिखा पारंपरिक वेशभूषा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमिपूजन किया।अमेरिकी समाचार कंपनी सीएनएन ने लिखा ‘भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारत के सबसे राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद से जुड़े हिंदू राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला चांदी की 40 किलो की ईंट से रखी।’


सीएनएन ने लिखा है कि दशकों से हिंदू लोग राम मंदिर के लिए अभियान चला रहे थे जहां 16वीं शताब्दी में मस्जिद थी जिसका विध्वसं राइट विंग ने 1992 में किया गया था। बुधवार को अयोध्या में 3 महीने पहले ही दिवाली आ गई। मंदिर-मस्जिद की लड़ाई में भारत के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा दंगा भड़का था जिसमें दो हजार से अधिक लोगों की जान गई थी।

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा ‘कई वर्षों से राम मंदिर का सपना संजोने वालो हिंदुओं के लिए आज का दिन विजय दिवस जैसा है’। पीएम मोदी ने अयोध्या में मस्जिद के विध्वंस ढ़ाचे के पास राम मंदिर की आधारशिाला रखी। पीएम मोदी ने हिंदू साधु संतों के बीच मंत्रोच्चारण कर हिंदुओं से किए अपने वादे को पूरा किया। इसी के साथ वो धर्मनिर्पेक्षता के साथ हिंदुत्व की पहचान की ओर भी भारत को ले गए हैं। इस मौके पर फायरब्रांड हिंदू संत योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत भी रहे।

ब्रिटिश मीडिया कंपनी बीबीसी ने लिखा ‘कोरोना महामारी की तेजी के बीच भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी’। हिंदूओं की भीड़ में मध्यकालीन मस्जिद को 1992 में गिरा दिया था। कहा गया था कि मस्जिद का निर्माण राममंदिर के ढांचे पर किया गया था। हिंदू और मुस्लिम पक्ष दशकों से हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। भूमिपूजन के बाद मोदी ने बोलने की शुरुआत ‘जय सिया राम’ के नारे के उद्घोष से की।

चीन की समाचार एजेंसी सिन्हुआनेट.कॉम ने लिखा ‘भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के शहर अयोध्या में भव्य राम मंदिर की नींव रखी। सिन्हुआ लिखता है कि अयोध्या को ‘राम की जन्मभूमि माना जाता है’। विश्वास है कि भगवान राम का हजारों साल पहले यहीं पर जन्म हुआ था। राम मंदिर की नींव रखने के साथ मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए उन्हें इस पूजा में भाग नहीं लेना चाहिए था, क्योंकि भारत एक धर्मनिर्पेक्ष देश है।

 

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