Thu. Aug 6th, 2020

वो रहस्यमयी जहाज, जिसे अमेरिकी सेना ने कर दिया था गायब, आज तक नहीं सुलझी गुत्थी

दुनिया में कभी-कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जिनपर विश्वास करना ही मुश्किल हो जाता है। एक ऐसी ही घटना अमेरिका में आज से 77 साल पहले घटी थी, जिसका रहस्य आज तक नहीं सुलझ पाया है। इस घटना को ‘फिलाडेल्फिया एक्सपेरिमेंट’ के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा प्रयोग था, जिसमें अमेरिकी सेना ने एक बड़े समुद्री जहाज (युद्धपोत) को ही गायब कर दिया था, लेकिन उसके बाद जो हुआ था, वो बेहद ही आश्चर्यजनक और हैरान करने वाला था।

 

वो द्वितीय विश्व युद्ध का समय था। इस दौरान कई देश अपनी समुद्री जहाजों को दुश्मन देशों के लड़ाकू विमानों से छिपाए जाने के तरीके खोज रहे थे। इसी बीच 28 अक्तूबर 1943 को अमेरिकी सेना द्वारा एक प्रयोग किया गया और वो प्रयोग था 1200 टन वजनी यूएसएस एल्ड्रिज नामक समुद्री जहाज को गायब कर देने का, ताकि दुश्मन देश को चकमा दिया जा समाना जाता है कि जहाज को गायब करने के लिए उसमें कई जनरेटर लगाए गए थे, जिससे पैदा होने वाली बिजली से मैग्नेटिक फील्ड (चुंबकीय क्षेत्र) में रहस्यमय बदलाव करना था। इस बदलाव से ऐसा होता कि जहाज रडार से तो गायब हो ही जाता, साथ ही साथ वह वास्तविक तौर पर भी किसी को नहीं दिखता।

कहते हैं कि जैसे ही ये प्रयोग शुरू हुआ, जहाज के आसपास भारी मात्रा में हरे रंग का धुआं निकलने लगा। इसे धुएं के निकलने के बाद जहाज पहले रडार से गायब हो गया और उसके बाद पूरा का पूरा जहाज ही अदृश्य हो गया। प्रयोग सफल होता देख अमेरिकी सेना खुश हो गई, लेकिन उनकी ये खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। गायब हुए जहाज को जब अमेरिकी सेना ने वापस लाने की कोशिश की, तो वह वापस नहीं आ सका। अब सेना को चिंता होने लगी, क्योंकि उस जहाज में कई अमेरिकी सैनिक भी थे। काफी कोशिश हुई, लेकिन जहाज को वापस लाने में सफलता नहीं मिली। बाद में आखिरकार अमेरिकी सेना को वो जहाज गायब हुए जगह से 300 किलोमीटर की दूरी पर मिला, जिसे देख कर प्रयोग करने वाले वैज्ञानिक हैरान हो गए। इसके अलावा इसमें सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये थी कि गायब हुए जहाज पर मौजूद अधिकतर लोग या तो मारे गए थे या वो पागलपन की अवस्था में जा चुके थे।

 

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