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शानदार पहल : 70 साल के नौजवानों का ‘सुहाना सफर’

शानदार पहल : 70 साल के नौजवानों का ‘सुहाना सफर ‘

कौन कहता है अपनी जानम के लिए हम आसमां से तारे तोड़ कर नहीं ला सकते…

आज के युवा अपने बुजुर्गों को घरों में कैद करने में रखते हैं विश्वास,जो निंदनीय है : अनामिका रॉय

संजय पुरबिया

लखनऊ। कुछ नया करने के लिए  ‘सोच ‘ की जरूरत होती है। भागम-भाग की जिंदगी में युवा इतने  ‘मशगूल’  और  ‘बेचैन’  रहते हैं कि वे उसे भूल जाते हैं जिन्होंने उनके लिए अपने सपनों को कई बार रौंद डाला। वे भी चाहते तो स्वार्थी बन जाते, वे चाहते तो अपनी जिंदगी के कई बसंत को खूबसूरत बना लेते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। क्योंकि, उन जोड़ों को अपनी नहीं, अपने बच्चों की पल-पल की  ‘खुशियां’  और ‘बेहतर भविष्य’  की चिंता सालती रही। और जब, ये खूबसूरत जोड़े जवानी की दहलीज पार कर बुजुग के बुजुर्गियत में पहुंचे तो वही बच्चे जिसके लिए इनलोगों ने अपने हसीन सपनों को रौंद डाला, उन्हें घरों में कैद दिए।

सोचिए कितनी पीड़ा होती होगी, इन बुजुर्गों को…। बुजुर्गों की दर्द को थोड़ी देर के लिए ही सही लेकिन उन्हें खुलकर जीने और खुशगवार बनाने के लिए युवा महिलाओं ने  ‘सुहाना सफर’ नाम का मंच बनाया और वाकई आज बुजुर्गों ने जो मस्ती की वे शायद अपनी जवानी में भी नहीं किए होंगे। कई तो ऐसे थे जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार पुराने गीत पर थिरके।

आज 70 साल के चच्चा और चच्ची जवान हो गए और खूब मस्ती की। 50 से  70  साल के नौजवानों में आर एन गुप्ता, मुन्नी गुप्ता, मंजू श्रीवास्तव, आभा रस्तोगी ने खूब मज़ा किया ।इसके लिए सुहाना सफर की आयोजक अनामिका रॉय,  शिप्रा भदौरिया और कोपल श्रीवास्तव बधाई की पात्र हैं। इस शानदार कार्यक्रम का आयोजन कर वे अपनी सोच व प्रतिभा को तो जगजाहिर किया, साथ ही उन्हें बुजुर्गों ने थोक के भाव से दुआएं भी दी।

गोमतीनगर स्थि सेंचुरियन मॉल में आयोजित ”सुहाना सफर’  कार्यक्रम में आज बुजुर्गों का नया लुक देखने को मिला। 70 साल के चच्चा ने संगीत की धुन पर थिरकते हुए चच्ची को कमर लचकाने पर मजबूर कर दिया। बुजुर्गों के उत्साह वर्धन के लिए वहां मौजूद अनीता सिंह, तपस्या सिंह, वीरेंद्र पल सिंह सहित दर्जनों लोगो ने जमकर हौसला-अफजाई की।

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