Sun. Oct 20th, 2019

संयम रखें कठिन कार्य भी हो जायेंगे आसान

महाभारत ग्रंथ कि रचना ऋषि कृष्ण द्वेपायन वेदव्यास ने की थी। वे महाभारत के रचयिता ही नहीं, बल्कि उन सभी घटनाओं के साक्षी भी रहे है।इस ग्रंथ को व्यासजी ऐसे व्यक्ति से लिखवाना चाहते थे जो परम ज्ञानी हो और उनकी बातों को ध्यान से सुनकर सही लिख सकें। इस कार्य के लिए उन्होंने भगवान गणेशजी को चुनने का निर्णय किया।


बड़े और विशेष कार्य करने के लिए शक्ति की आवश्यकता होती है। महाभारत लिखनें का कार्य गणेश जी ने प्रारंभ कर दिया। व्यासजी बोलते गए और भगवान गणेशजी उनके द्वारा बोली गई घटनाओं को लिखते गए।

जब महाभारत लेखन का कार्य पूरा हुआ, तो व्यासजी ने गणेशजी से कहा कि मैंने चौबीस लाख शब्द आपसे लिखवाएं। आश्चर्य की बात है, आप चुपचाप लिखतें रहें। इस पर गणेशजी ने उत्तर दिया, बड़े काम संपन्न करने के लिए शक्ति चाहिए और शक्ति का आधार संयम है। संयम ही समस्त सिद्धियों का प्रदाता है। यदि मैंने वाणी का संयम न रखा होता, तो यह ग्रंथ पूरा नहीं हो पाता।

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