Mon. Dec 16th, 2019

होमगार्ड विभाग : डीजी साहेब, नोटों की गड्डी रिश्वत लेते कमांडेंट को भी आपने बख्श दिया ?

डीजी जीएलमीना की नजरों में ये रिश्वत नहीं महादान है,मामले में बिठायी गयी जांच

प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री की जीरो टालरेंस नीति का मुख्यालय के अफसर उड़ा रहे हैं मजाक

जांच करने वाले डीआईजी रजनी उपाध्याय ने पहले भी एक दोषी महिला अधिकारी को बचाया,जवानों को फंसाया

करेंगे खुलासा: बुलंदशहर कमांडेंट पैसा कमाने के लिए कैसे-कैसे हथकंड़े अपनाता है

क्या मुख्यालय के अफसर कर रहे हैं सरकार विरोधी काम ?

शेखर यादव

इटावा। नोयडा में रिश्वतखोरी कर करोड़पति बनने वाले कमांडेंट रामनारायण को मुख्यालय के अफसरों ने बचा लिया है क्योंकि इस मामले में जांच बिठा दी गयी है। जांच में क्या होगा बताने की जरूरत नहीं है। अब बात करते हैं बुलंदशहर के प्रमोटी कमांडेंट मुकेश कुमार की। अपने कार्यालय में दो हजार रुपए और नोटों की गड्डी रिश्वत ले रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद भी मंत्री चेतन चौहान और डीजी जीएलमीना ने उसके खिलाफ शख्त कार्रवाई नहीं की। इस मामले में भी जीएलमीना ने जांच मेरठ की डीआईजी रजनी उपाध्याय को सौंप दी। ये वही रजनी उपाध्याय हैं जिन्होंने एक मामले में दोषी महिला कमांडेंट को बचाकर जवानों को बलि का बकरा बना दिया था। सभी जानते हैं कि अब जांच में क्या होगा…।

मुद्दे की बात यह है कि रिश्वत लेते हुए दो वीडियो वायरल होने के बाद भी आखिर प्रमोटी कमांडेंट मुकेश कुमार के खिलाफ जांच क्यों बिठायी गयी ? अब इसके बाद बचता ही क्या है जो आपको सबूत और जांच की जरूरत आन पड़ी। ऐसा लगता है मानों मुख्यालय पर बैठे अफसरान सरकार विरोधी काम कर रहे हैं।

क्योंकि,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रस्टाचार पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए ही जीरो टालरेंस की नीति अपनाने की सख्त हिदायद दी है। फिर, होमगार्ड मंत्री चेतन चौहान और डीजी जीएलमीना ने अभी तक प्रमोटी कमांडेंट बुलंदशहर के प्रमोटी कमांडेंट मुकेश कुमार को अभयदान क्यों दिया? शायद मंत्री और डीजी ये संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि योगी राज में रिश्वत लेना और देना कोई गुऩाह नहीं है।

ईमानदार जवानों आपलोगों को बता दूं कि द संडे व्यूज़ व इंडिया एक्सप्रेस ने भ्रस्टाचार  के खिलाफ जो जंग छेड़ रखी है वो जारी रहेगा और हमलोग बुलंदशहर के प्रमोटी कमांडेंट के खिलाफ जो सीरिज शुरू करने जा रहे हैं उसे देखते रहें। शासन और मुख्यालय के अफसरों के होश फाख्ता हो जाएगा कि जिस प्रमोटी कमांडेंट को ये लोग रकम लेकर बचाने की कोशिश कर रहे हैं वो वर्दी का शर्मशार करने वाला अधिकारी है। ये पैसा कमाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकता है और महिला उत्पीडऩ तो मानों इसका शौख है। मुझे लिखने में कोई गुरेज नहीं कि मुख्यालय पर बैठे तथाकथित अधिकारी खाकी तो पहन रखे हैं लेकिन उसकी गरिमा,मान-सम्मान का सम्मान करना भूल गए हैं,तभी तो भ्रस्टाचार करने वाले जिलों के कमांडेंटकॉलर चौड़ा कर कहते हैं… हिस्सा तो मुख्यालय और शासन तक पहुंचता है… कौन करेगा कार्रवाई ?

सवाल में वाकई दम है लेकिन द संडे व्यूज़ के खुलासे के बाद इन तथाकथित अफसरों की आंखों में यदि रत्ती भर शर्म का पानी होगा तो भ्रष्ट  प्रमोटी कमांडेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सरकार के बीच यह संदेश देने की कोशिश करें कि ये लोग भी जीरो टालरेंस की नीति को मान रहे हैं।

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