होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने अधिकारियों की कसी नकेल

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मंत्री धर्मवीर प्रजापति का सिंघम अवतार देख होमगार्ड अफसरों को एसी हॉल में छूटा पसीना

मंत्री धर्मवीर प्रजापति का सिंघम अवतार देख होमगार्ड अफसरों को एसी हॉल में छूटा पसीना

अपने सौम्यता,सादगी के लिये पहचान बनाने वाले मंत्री के बोल:विभाग और सरकार की छवि पर आंच आयेगी तो बर्दाश्त नहीं करेंगे

   संजय पुरबिया

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी 2 सरकार अपने पुराने रवैये से एकदम दुगनी सख्ती के साथ सरकार चला रहे हैं, जिसमे अधिकारी कितनी देर दोपहर का लंच करेंगे इस पर भी आदेश निकाल दिया गया है। लगभग एक माह पूर्व होमगार्ड विभाग में कारगार एवं होमगार्ड राज्य मंत्री;,स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति ने कार्यभार ग्रहण किया। वे खुद होमगार्ड विभाग के अभिभावक बनकर काम कर रहे हैं। मंत्री जी,अपने सौम्यता और सादगी के लिये जाने जाते हैं लेकिन आज वे गुस्से में दिखें। मंत्री जी ने होमगार्ड मुख्यालय पर आयोजित बैठक में एसीएस,डीजी सहित प्रदेश के सभी अधिकारियों से कहा कि यदि कोई विभाग और सरकार की छवि पर आंच आयेगी तो बर्दाश्त नहीं करेंगे…। मंत्री जी ने डीजी विजय कुमार को फटकार लगाते हुंये कहा कि जो आदेश कर नहीं सकते,उसे क्यों कर दिये? एक बार मुझसे पूछ लेते…। मामला था विभाग में पदों का नाम बदलने का,जिस आदेश को खुद डीजी ने जारी किया और रद्द भी कर दिया। भर्ती को लेकर किसने मीडिया में बयानबाजी करवायी? कौन अखबारों में खबरें छपवाता है? कौन है जो भर्ती के नाम पर दलाली करना चाहता है? जो प्रस्ताव मुख्यमंत्री पास करेंगे वही मीडिया में जायेगा,लोग मुझसे पूछते हैं…। मंत्री धर्मवीर को तेवर देख वहां मौजूद सभी अधिकारियों के पसीने छूट गये। उन्हें ऐसा लगा कि ये होमगार्ड मंत्री नहीं मानों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां पर बोल रहे हों। सीधी बात करें तो मंत्री धर्मवीर प्रजापति आज उसी अभिभावक के रुप में दिखे,जो अपने बच्चों के अच्छे काम पर शाबाशी और गलत काम करने पर जमकर फटकार लगाता है।

होमगार्ड एवं कारागार राज्य मंत्री,स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति कार्यभार ग्रहण करने के बाद लगातार अपने नये- नये कार्यों के लिये चर्चा में बने रहें। उन्होंने होमगार्ड के जवानों के साथ संवाद किया, फि र 136 बंदी रिहा कराये। लगातार अधिकारियों से मीटिंग की और विभागों को समझने का प्रयास किया। मंत्री जी पहले बेसिक चीजों को समझने और परखने में विश्वास रखते हैं,उसके बाद कोई फैसला लेना चाहते हैं। व्यवार में बहुत ही सौम्य एवं एक अभिभावक की तरह अधिकारियों से बात करते हैं, मगर कई बार आपकी सौम्यता और सादगी को लोग गलत समझ बैठते हैं। मंत्री जी लागतार होमगार्ड एवं कारागार विभाग के अधिकारियों पर नजर बनाये हुये थे । वो एक- एक क्रिया कलाप को नोट कर रहे थे। मुख्यालय के अधिकारियों ने मंत्री जी को नजरंदाज करना शुरू कर दिया। उनकी बातों को तवज्जो नहीं दे रहे थे। अधिकारियों की मंशा रही होगी कि हमारे गलत काम करवाइये, उसके बाद आप जो गलत सही कहेंगे हम उसको करेंगे। अधिकारियों को लगा की संगठन के आदमी है प्रशासनिक अनुभव है नहीं, जैसा चाहेंगे वैसा समझा देंगे ।

अधिकारियों ने बताया कि मंत्री धर्मवीर प्रजापति कल 26 अप्रैल को होमगार्ड मुख्यालय पहुंचे । वहां उनको रिसीव करने सिर्फ डीजी विजय कुमार बाहर आये, जबकि अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार अंदर हाल में बैठे रहें और प्रोटोकॉल के तहत बाहर नहीं आये। मंत्री जी को आंकड़ो और तथ्यों में उलझाने के लिये एक प्रेजेंटेशन दिखाया गया, जिसका कोई मतलब मीटिंग से नही था बल्कि अधिकारियों ने सोचा कि डाटा और फैक्ट ने उलझा कर रखेंगे और मंत्रीजी का समय निकल जायेगा,फि र लजीज खाना खिला कर उनको वापस भेज दिया जायेगा। मगर अधिकारियों की प्लानिंग को कल जोर दार धक्का लग। ये लोग यही चाहते हैं की मंत्री जी विभाग में रूचि न लें और अपने दौरे पर घूमते रहें। यह और विभाग को पहले की तरह ये लोग चलाते रहें।

मंत्री जी ने वहीं मंच पर सभी अधिकारियों के सामने डीजी की जम कर क्लास लगायी। एक जिला कमांडेंट ने मुद्दा उठाया की मृतक आश्रित की भर्ती में पुलिस विभाग को तरह लंबाई में 2 इंच तक छूट दे दी जाये तो अनिल कुमार ने सभी के सामने मंत्री जो को नजरंदाज करते हुये कह दिया की ये प्रस्ताव नही हो सकता आप लोग भूूल जाओ और कभी इसकी चर्चा भी मत करना, जबकि मंत्री जी को ही इस पर निर्णय लेना है। आखिर मंत्री जी के सामने अनिल कुमार ऐसा कैसे बोल सकता है । मंत्री जी ने भरी सभा में डीजी विजय कुमार को फटकार लगायी और कागज को हिलाते हुये कहा ये क्या है ? जो आदेश कर नही सकते हो तो क्यों कर दिये ? एक बार मुझसे पूछे लेते… । धर्मवीर प्रजापति ने नाराजगी व्यक्त की कि किसने मीडिया में बयानबाजी करवायी?  कौन अखबारों में खबरें छपवाता है ? कौन है जो भर्ती के नाम पर दलाली करना चाहता है? जो प्रस्ताव मुख्यमंत्री पास करेंगे वही मीडिया में जायेगा, लोग मुझसे पूछते हैं भर्ती के बारे में…। मुझे जवाब देना होता है…। मामला था विभाग में पदों के नाम बदलने का, जिस आदेश को विजय कुमार खुद किया और रद्द भी कर चुके थे। आईपीएस विजय कुमार की इतनी बेज्जती आज तक कभी नही हुयी होगी । सभी ने मंत्री जी का सिंघम अवतार देख लिया। जिस तरह मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने विजय कुमार जैसे खुर्राट अधिकारी की क्लास लगायी, ऐसा लगा की ये वो मंत्री नही हैं जो सौम्यता और सादगी के लिये जाने जाते हैं। ऐसा लगा जैसे खुद योगी आदित्यनाथ मुख्यालय में आ गये हैं और होमगार्ड विभाग के अधिकारियों की नकेल कस दी।  बैठक के बाद मंत्री जी के लिये विशेष भोजन की व्यवस्था थी, मगर मंत्री जी ने वहां भोजन न करके ये स्पष्ट संदेश दे दिया की उनको भोजन और तामझाम करके बहकाया नही जा सकता… । उनको सिर्फ काम से मतलब है और विभाग और सरकार की छवि पर आंच आयेगी तो वो बर्दाश्त नही करेंगे ।

बता दें कि मुख्यालय के डीजी  ने तीन दिन पहले एक पत्र जारी किया जिसमें पूरे प्रदेश से होमगार्ड के खाली पदों की रिक्तियों की मांग की गयी थी । अब देखना ये है की आखिर भर्ती को लेकर जिस प्रकार इन लोगों ने रायता फैला दिया है, भ्रम को फैलाने वाले अधिकारी अब सस्पेंड होंगे या योगी जी के आदेश पर बर्खास्त होंगे …। बेरोजगारी एक बहुत बड़ा मुद्दा है सरकार कभी नही चाहेगी की युवाओं को पहले सपने दिखाये की भर्ती आने वाली हैं और फिर अखबार में खंडन कर कहना पड़े कि… अरे वो तो सिर्फ मजाक था… ।

 

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