100 डेज का प्रेस कान्फ्रेंस : होमगार्ड विभाग में शीघ्र होगी महिला एवं पुरूष होमगार्ड जवानों की भर्ती : धर्मवीर प्रजापति

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100 डेज का प्रेस कान्फ्रेंस : 25 अरब 70 करोड़ के बजट की व्यवस्था होमगार्ड विभाग में कराकर ‘नायक’ बनें मंत्री धर्मवीर प्रजापति

लगभग 34000 होमगार्डों को अब होमगार्ड विभाग से मिलेगा वेतन : धर्मवीर प्रजापति

केन्द्रीय कारागार इटावा एवं बरेली को क्रियाशील किये जाने के लिये 300, 392 पदों का सृजन: धर्मवीर प्रजापति

होमगार्डस जवानों को ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर 786 रूपये प्रतिदिन किया गया है


 संजय पुरबिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 100 डेज के टार्गेट को लांघकर होमगार्ड व जेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने नंबर वन का तगमा हासिल कर लिया है। प्रेस कान्फें्रस में मंत्री ने एक के बाद एक कर 100 दिनों में किये गये कार्यों पर विस्तार से बताने लगे तो सभी अचंभित थे…। आखिर जेल और होमगार्ड विभाग में कितने बदलाव किये गये। चौंकाने वाली बात यह है कि गृह विभाग के जबड़े से 25 अबर 70 करोड़ रुपये निकालने का काम भी धर्मवीर प्रजापति के कुर्सी संभालने के बाद ही हुआ। अब उक्त धनराशि होमगार्ड विभाग के पास होगी और जवानों को समय पर वेतन मिलेगा। इसी तरह, जवानों के प्रशिक्षण भत्ते को बढ़ाकर ड्यूटी भत्ता के बराबर कर दिया गया है। यही हाल जेलों में भी देखने को मिला। सीधी बात करें तो मंत्री धर्मवीर प्रजापति द्वारा किये गये उपलब्धियों की लंबी लिस्ट है,जिसे सुनकर और देखकर मुख्यमंत्री भी अपने चयन पर गौैरवान्वित महसूस कर रहे होंगे और अपने पाठशाला के मंत्रियों में धर्मवीर प्रजापति को फस्र्ट क्लास माक्र्स दे सकते हैं…।

होमगार्ड एवं जेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति आज लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में 100 दिवसीय कार्ययोजना अन्तर्गत अपने विभागों द्वारा पूरे किये गये कार्यों पर प्रेस वार्ता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि होमगार्ड स्वयंसेवकों के मस्टररोल ऑनलाइन बनने लगे हैं। इसमें मानवीय हस्तक्षेप खत्म कर दिया गया है। इससे होमगार्ड के ड्यूटी भत्ते का भुगतान बिना देरी किये होने लगा है। होमगार्ड स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण भत्ता अब तक 260 रुपये प्रतिदिन था जबकि ड्यूटी भत्ता 786 रुपये प्रतिदिन था। अब इस प्रशिक्षण भत्ते को भी ड्यूटी भत्ते के बराबर करते हुये 786 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। बताया कि शेष लक्षित कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करा लिया जायेगा। इन कार्यों में होमगार्ड विभाग में रिक्तियों के सापेक्ष महिला एवं पुरूष होमगार्ड की भर्ती की प्रक्रिया शुरु की जायेगी। महिला होमगार्डस स्वयंसेवकों को मातृत्व अवकाश की सुविधा भी शीघ्र प्रदान किये जाने पर विचार किया जा रहा है। श्री प्रजापति ने बताया कि इसके अलावा कार्यभार ग्रहण करने के बाद अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी मुख्यमंत्री की स्वीकृति से विभाग द्वारा किये गये है। 25,000 होमगार्ड, जो गृह विभाग से सम्बद्ध थे साथ ही यू.पी.112 के अन्तर्गत दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालक के रूप 8924 होमगार्डस जवानों का वेतन पहले गृह विभाग से दिया जाता था जिसे मुख्यमंत्री से बात कर मैंने अपने होमगार्ड विभाग से दिलाना सुनिश्चित कराया है । इसके लिये प्राविधानित 25 अरब 70 करोड के बजट की व्यवस्था गृह विभाग से होमगार्ड विभाग में करा दिया गया जिससे कि जवानों को वेतन ससमय दिया जा सके।

श्री प्रजापति ने बताया कि केन्द्रीय कारागार इटावा एवं के.का. बरेली को क्रियाशील किये जाने के लिये 300, 392 पदों का सृजन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के दृष्टिगत प्रदेश की कारागारों में बीमार बंदियों के उपयोग के लिये 10 हैवी ड्यूटी वाशिंग मशीन,के.का. नैनी, प्रयागराज, फ तेहगढ़, बरेली, आगरा एवं जि.का. गाजियाबाद, गोरखपुर, लखनऊ, अयोध्या, झॉसी, आदर्श कारागार लखनऊ में हैवी ड्यूटी वाशिंग मशीन को स्थापित एवं क्रियाशील करा दिया गया है। श्री प्रजापति ने बताया कि प्रदेश की 23 कारागारों की पाकशालाओं के आधुनिकीकरण के लिये आवंटित 29 चपाती मेकर मशीनों,जि.का. गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलिया, कासगंज, बागपत, बरेली, शाहजहांपुर, कौशाम्बी, हमीरपुर, बहराइच, कानपुर नगर, लखनऊ, रायबरेली, फि रोजाबाद, गाजियाबाद, बिजनौर, अयोध्या, मऊ, गौतमबुद्धनगर तथा के.का. नैनी, बरेली व आदर्श कारागार लखनऊ में चपाती मेकर मशीन के संस्थापन का कार्य पूर्ण करते हुये क्रियाशील करा दिया गया है। प्रदेश की कारागारों में आजीवन कारावास में निरुद्ध 500 बंदियों की रिहाई किये जाने के लक्ष्य के सापेक्ष 500 बंदियों की रिहाई आदेश निर्गत किये जा चुके हैं।

श्री प्रजापति ने बताया कि कैबिनेट के एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत आजीवन कारावास से दण्डित सिद्धदोष बंदियों की 60 वर्ष की उम्र सीमा पूरी किये जाने की बाध्यता समाप्त कर दी गयी है। अब बंदी आजीवन कारावास का समय 16-20 वर्ष पूरा कर रिहा हो सकता है। जिससे कम उम्र के बंदियों को लाभ प्राप्त होगा । इस संबध में 27 मई 2022 को शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। उन्होने बताया कि प्रदेश की कारागारों में जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारियों के माध्यम से टीम बनाकर प्रदेश की समस्त बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है।

श्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि प्रदेश की कारागारों में स्वयंसेवी संस्थाओ के सहयोग से बंदियों के आध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान हेतु योग एवं ध्यान के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 15043 बंदियों को स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से उनके अध्यात्मिक एवं नैतिक उत्थान हेतु योग एवं ध्यान कराया गया। उक्त कार्य सतत जारी रहेगा। उन्होने बताया कि 16 कार्मिकों को उपकारापाल से कारापाल के पद पर पदोन्नति दिये जाने के साथ ही समूह क एवं ख 14 अधिकारियों को एसीपी का लाभ प्रदान किया गया है।

कारागार विभाग में इसके अलावा भी बहुत से कार्य किये जाने की योजना संचालित है जिसके अन्तर्गत बंदियों के बच्चों को शिक्षा की व्यवस्था करायी जा रही है, बंदियों के बच्चों को खेल-कूद हेतु चिल्ड्रेन पार्क बनाये जा रहे है। उन्होंने बताया कि बंदियों से मिलने वाले उनके परिजनों को बैठने, छांव के लिये सेड बनाने तथा शीतल पेयजल की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया है। पांच जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर बंदियों द्वारा व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है। उन्होंने बताया कि कारागारों में बंदियों द्वारा निर्मित सामग्री को जन सामान्य तक पहुंचाने के लिये आउटलेट की व्यवस्था की जा रही है।

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