एक प्रिंसिपल के दस्तखत से चल रहे दो लॉ कॉलेज!

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  संजय पुरबिया

लखनऊ। पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले के तार जहां एक के बाद एक कर ममता बनर्जी के करीबियों से जुड़ते जा रहे हैं, वहीं अब प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में भी अनियमितता सामने आने लगी है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रिंसिपल एक हैं,जो पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में उत्तरायण कॉलेज आफ लॉ में भी नौकरी कर रहे हैं और हरियाणा के फरीदाबाद के इंस्टीटयूट ऑफ लॉ रिसर्च कालेज में भी नौकरी कर रहे हैं। साहेब या तो आप स्पाईडरमैैन की रिश्तेदारी में आते हैं जो सुबह पश्चिम बंगाल और दोपहर बाद हरियाणा के फरीदाबाद हवा में उड़कर अपना पोशाक लहराते हुये पहुंच जाते हैं। सच तो यह है कि इस फ्राड के पीछे हो ना हो किसी बड़े का हाथ है। उत्तरायण लॉ कालेज के  चेयरमैन मलय कर्माकर का कहना है कि हमारे यहां प्रिंसिपल रिजाइन कर चुके हैं। वहीं प्रिंसिपल का प्रो. जी.सी रॉय का कहना है कि मैं कूचबिहार के किसी कालेज में कभी नहीं रहा। बहरहाल,पश्चिम बंगाल के कूचबिहार और दिल्ली से सटे  फरीदाबाद में दो अलग-अलग लॉ कॉलेजों के एक ही प्रिंसिपल के दस्तखत से चलने का मामला सामना आया है। जिसका बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने संज्ञान लिया है।

द संडे व्यूज़ की पड़ताल में यह बात सामने आयी की एक ही प्रिंसिपल के हस्ताक्षर दो लॉ कॉलेज में चल रहे हैं। यानि दोनों लॉ कालेज में एक ही प्रिंसिपल तैनात हैं। ये इसलिये संभव नहीं है क्योंकि एक लॉ कॉलेज पश्चिम बंगाल में है और दूसरा हरियाणा के फरीदाबाद में…। खैर, द संडे व्यूज़ के पास दोनों पत्र है,जिसे देखकर आपलोग ही तय कीजिये की पश्चिम बंगाल में दीदी के राज में भ्रष्टाचार किस कदर तक आकंठ में डूब गया है।


उत्तरायण कॉलेज आफ लॉ के नोटिस बोर्ड में प्रिंसिपल के दस्तखत से जारी जो नोटिसें नजर आती हैं, वही प्रिंसिपल के दस्तखत वहां से डेढ़ हजार किमी दूर फरीदाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ रिसर्च कॉलेज में भी नजर आते हैं। इतना ही नहीं, उत्तरायण कॉलेज ने अपनी वेबसाइट में भी प्रिंसिपल, टीचर इंचार्ज या अन्य स्टॉफ के नाम,पद किसी जानकारी का जिक्र नहीं कर रखा है। जिससे कॉलेज की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।

इस बारे में कॉलेज के चेयरमैन मलय कर्माकर ने कहा कि हमारे यहां प्रिंसिपल रिजाइन कर चुके हैं। प्रिंसिपल कौन थे ? इस पर चेयरमैन कहते हैं कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं। जबकि इसी 27 जुलाई को फिर कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर प्रिंसिपल के दस्तखत से जारी स्टूडेंट नोटिस चस्पा हुई है।  दूसरी तरफ 11 जुलाई को फरीदाबाद के एक कॉलेज में भी स्टूडेंट नोटिस प्रिंसिपल के ऐसे ही दस्तखत से जारी हुयी है। इस कॉलेज की वेबसाइट पर प्रिंसिपल के तौर पर प्रो. डॉ. जी.सी. रॉय का नाम दर्ज है।  इस बारे में प्रिंसिपल ने कहा कि मैं सिर्फ यहां का प्रिंसिपल हूं, कूचबिहार के कॉलेज में मैं कभी नहीं रहा।

कूचबिहार के कॉलेज में ऐसी अनियमितता सामने आने पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सख्त रुख अपनाया है। संयुक्त सचिव अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि नियमों के मुताबिक एक प्रिंसिपल दो जगह बिल्कुल नहीं रह सकता। दोनों कॉलेजों को नोटिस भेजकर मामले की जांच करायी जायेगी।

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