सजायाफ्ता हत्यारों को सेना में भर्ती कर रहा रूस, यूक्रेन में किया जा रहा तैनात

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ब्यूरो
नई दिल्ली।रूस और यूक्रेन के बीच की जंग में अब रूस हालांकि जवानों की कमी से जूझ रहा है लेकिन, उसने अपने कदम अभी तक पीछे नहीं हटाये हैं। ताजा रिपोर्ट है कि सजायाफ्ता हत्यारों और ड्रग डीलर जो हाल ही में रूस की जेल से छूटे हैं, उन्हें कानून में बदलाव के बाद यूक्रेन में लडऩे के लिये तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में जेल से छूटे गंभीर अपराधों के दोषियों को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में शामिल करने के लिये कानून में संशोधन किया है। हालांकि अभी बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा और आतंकवाद के दोषियों को सेना की भर्ती से बाहर रखा गया है।

यूक्रेन पर आक्र्रमण के दौरान रूसी सैनिकों पर यौन हिंसा समेत गंभीर अपराधों के आरोप लगते रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित यूक्रेन पर स्वतंत्र अंतररराष्ट्रीय जांच आयोग ने सितंबर में रिपोर्ट दी थी कि रूसी सेना द्वारा युद्ध के दौरान यूक्रेनियों के साथ गंभीर श्रेणी के अपराध किये गये थे। जिसमें, यौन हिंसा जैसे कृत्य भी शामिल थे। खुद यूक्रेन का कहना है कि उसके पास रूसी सैनिकों द्वारा यूके्रनियों के खिलाफ यौन हिंसा के पर्याप्त सबूत हैं। रूस ने हालांकि जान बूझकर नागरिकों पर हमला करने से इंकार किया है और यूक्रेन की सेना पर देश के अलगाववादियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में तोपखाने से नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जिस पर यूक्रेन ने इंकार किया है। संयुक्त राष्ट्र आयोग ने कहा कि उसने यूके्रनी सैनिकों द्वारा रूसी संघ के सैनिकों के साथ दुव्र्यवहार के दो उदाहरण पाये हैं, लेकिन रूस के खिलाफ युद्ध अपराध के आरोपों की संख्या काफ ी ज्यादा है।
वैगनर ने शुक्रवार को रूस में सेंट पीटर्सबर्ग शहर में अपना पहला आधिकारिक मुख्यालय खोला। रूस में वैगनर गु्रप का यह पहला दफ्तर है। वैगनर के पास रूस की प्राइवेट आर्मी की कमान है। जिसका चीफ येवगेनी प्रिगोजिन है। बीबीसी की रिपोर्ट है कि प्रिगोजिन ने कैदियों से वादा किया है कि अगर वो उसके साथ यूक्रेन के खिलाफ लड़े तो कोई भी सलाखों के पीछे दोबारा नहीं जायेगा। राष्ट्रपति पुतिन ने घोषणा की कि सितंबर के बाद से बुलाए गये लगभग 3 लाख में से कुछ 49 हजार को यूक्रेन के अलग-अलग इलाकों में तैनात किया जा चुका है। इसमें खूंखार किस्म के अपराधी भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि रूस ने पिछले साल 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण किया था। इस हमले में अभी तक हजारों की संख्या में नागरिक और लड़ाकों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन के कई शहर और कस्बे नष्ट किये जा चुके हैं। वहीं, करीब 7.8 मिलियन यूक्रेनियन यूरोप के अलग-अलग हिस्सों में शरणार्थी के तौर पर रह रहे हैं। जिनमें से 2.8 मिलियन रूस में रह रहे हैं।

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