Tue. Feb 25th, 2020

64 साल पुरानी इस ‘स्पेशल कार’ से यूपी डीजीपी को दी गई विदाई

उपलब्धियां गिनाईं और शाबाशी भी दी

लखनऊ

इस कार की खासियत यह है कि यह किसी भी एसयूवी से लंबी है। इसकी लंबाई 481.3 सेमी, चौड़ाई 186.4 सेमी और ऊंचाई 161.6 सेमी है। 3600 सीसी वाली इस कार में कुल 6 सिलेंडर हैं। 1400 किलोग्राम वजनी कार में बैक गियर समेत चार गियर हैं। यह गाड़ी अब तक 57 डीजीपी के कार्यकाल पूरा कर के रिटायर होने की गवाह बन चुकी है। ओपी सिंह इससे विदा होने वाले 58वें डीजीपी होंगे।डीजीपी को शुभकामनाएं देते अन्य पुलिस अधिकारी।

अपने संबोधन में उन्होंने प्रदेश व देश के नागरिकों को निस्वार्थ भाव से सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।विदाई समारोह में उन्हें मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। अपने कार्यकाल के अंतिम दिन शुक्रवार को लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइंस के परेड ग्राउंड में आयोजित रैतिक परेड के बाद डीजीपी ओपी सिंह कई बार भावुक हुए। पुलिस के जवानों एवं अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह 37 साल यूपी पुलिस की सेवा में रहे। इस सेवा से जुड़ी यादें मेरी धरोहर हैं।

उन्होंने कहा कि दुनिया के इस सबसे बड़े पुलिस बल के मुखिया के रूप में दो वर्षों से ज्यादा समय तक काम करके मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। आज इस परिवार से विदा लेने का वक्त आ गया है तो दु:ख भी हो रहा है। मैं अपनी यादों को समेट रहा हूं। उन्होंने कहा कि इस परेड ग्राउंड से भी मेरी यादें जुड़ी हैं। इससे उनका संबंध तब से है जब वह लखनऊ में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात थे। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी सेवा का अवसर है।

डीजीपी ओपी सिंह ने इस दौरान एक तरफ अपनी उपलब्धियां गिनाईं तो दूसरी तरफ फर्रूखाबाद में बंधक बनाए गए बच्चों की सकुशल रिहाई से संबंधित आपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को शाबाशी भी दी। उन्होंने कहा कि डीजीपी मुख्यालय के भवन के लोकार्पण और पुलिस कमिश्नर प्रणाली की शुरुआत से भविष्य की दिशा तय होने वाली है। दोनों पुलिस कमिश्नरों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि उनके ऊपर इस नए सिस्टम की मजबूत नींव रखने की जिम्मेदारी है। उन्हें पूरी दुनिया को दिखाना है कि यह सिस्टम सफल हो रहा है।

इससे पहले डीजीपी ने भव्य रैतिक परेड की सलामी ली। एडीजी पीएसी वीके सिंह और पुलिस कमिश्नर लखनऊ सुजीत पांडेय उनके साथ मौजूद रहे। विदाई परेड के बाद पुलिस के सभी वरिष्ठ अफसरों ने डीजीपी को परंपरा के अनुसार कार में बिठाकर विदा किया। डीजीपी ने बाद में पुलिस मुख्यालय में सोशल मीडिया में तैनात जवानों को भी संबोधित किया। इन जवानों को जैकेट भी भेंट की।

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