अरशद ने वीडियो में बताई सच्चाई
डियो में कहा- पिछले 17 सालों से कुछ हमें काफी ज्यादा तंग कर रहे हैं। मैने कई बार पुलिस से शिकायत की है लेकिन शिकायत चौकी तक पहुंचकर दम तोड़ देती है। 16 दिसंबर को पड़ोस के लोगों ने बेवजह झगड़ा किया लेकिन मैने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिसकर्मियों के दबाव के कारण शिकायत वापस लेनी पड़ी।बस्ती के लोगों द्वारा झगड़े के कारण पर बदर ने बताया कि उन्हें पता चल चुका था कि हम लोग इस्लाम धर्म छोड़ना चाहते हैं। इसलिए हमे जान से मारने की कोशिश की गई। हम सड़कों पर भटकने के लिए मजबूर हैं।
बदर का एक लेटर भी सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिसमें उसने लिखा, विपक्षियों के आए दिन के लड़ाई-झगड़े से दुखी होकर मैं एवं मेरा परिवार हिंदू धर्म अपनाने को मजबूर है। हम अपने मुस्लिम धर्म का त्याग करके हिन्दू धर्म को ग्रहण करके अपने मकान में बनी दुकान में श्रीराम का मंदिर बनाने की घोषणा करते हैं। यह कदम हमने खूब सोच समझकर अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा के लिए उठाया है मैं अपने बच्चो को लेकर घर से बाहर भटक रहा हूं। यदि मुझे व मेरे परिवार को कुछ हो जाता है तो विपक्षी इसके जिम्मेदार होगें। मेरी समस्त जायदाद हिंदू मंदिर ट्रस्ट की हो जाएगी। बदर ने विपक्षियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की थी।
अरशद ने अपने परिवार की मौत के लिए रानू उर्फ अफताब अहमद, शलीम खान, अहमद, आरिफ, अजहर और उसके रिश्तेदार शामिल हैं। आरोपी अरशद ने बताया कि ये सभी लोग एक गैंग चलाते हैं, जिसमें लड़कियों को बेचते हैं। इनका प्लान था कि हमें जेल भेजकर हमारी बहनों को हैदराबाद में बेच देना। इसलिए मजबूरन हमने अपनी बहनों को गला दबाकर और हाथ की नस काटकर मारना पड़ा।












