
संजय श्रीवास्तव
Homeguards officers scam in Gorakhpur : यूपी में गोरखपुर की पहचान बाबा गोरखनाथ की नगरी के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर के रुप में होती है। ये वही शहर है,जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजनीति के पायदान पर कदम रखा और आज यूपी के मुख्यमंत्री पद की शोभा बढ़ा रहे हैं। क्या मजाल यूपी में माफियागिरी हो और क्या मजाल भ्रष्टाचार करने वाले अफसर चैन की सांस ले पा रहे हों लेकिन एक ऐसा विभाग है,जहां तैनात अफसरों ने मुख्यमंत्री के नीतियों को दरकिनार कर गोरखपुर के नामी-गिरामी बिल्डरों के साथ मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि खुद तो लखपति बन गये लेकिन मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस की धज्जियां उड़ा दी।
जी हां हम बात कर रहे हैं यूपी के उस मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर की जहां किसी की जुर्रत नहीं कि भ्रष्टाचार के बारे में सोचे और बोले…। लेकिन होमगार्ड विभाग के डीटीसी,गोरखपुर में तैनात अफसरों के मन में मुख्यमंत्री या फिर यूं कहें कि लोकभवन, सचिवालय में बैठने वाले शासन के अलंबरदार ब्यूरोक्रेट्स, किसी का डर नहीं है। अफसरों को सिर्फ और सिर्फ नोटों की गड्डी चाहिये,फिर उसके लिये सीएम की जीरो टॉलरेंस की धज्जियां उड़ानी पड़े,उड़ा देंगे। राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र ‘द संडे व्यूज़’ शीघ्र मासिक मासिक पत्रिका ‘द संडे व्यूज़’ लांच करने जा रहा है,पहले अंक में खुलासा करेगा कि किस तरह से बिल्डरों से हाथ मिलाकर होमगार्ड मुख्यालय पर बैठे अफसरों की सांठ-गांठ से कमांडेंट और मंडलीय कमांडेंट ने शासन को गुमराह किया लेकिन…। देखने की बात होगी कि सिर्फ एक माह के लिये के लिये कुर्सी पर बैठे डीजी एम.के.बशाल गोरखपुर में लूट मचाने वाले अफसरों को सजा दिला पायेंगे ? ये यक्ष प्रश्न है…।












