आरोपी कार मिस्त्री को एक साल पहले ट्रस्ट में मिली थी नौकरी
Embezzlement of donations news:राम मंदिर के दानपात्र से धन गबन के आरोप में रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में छापेमारी कर 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए गए। कार्रवाई राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई। बरामदगी आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से हुई, जो मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा हैलवकुश के पिता बच्चूलाल ने बताया कि ट्रस्ट के तीन-चार लोग उनके घर पहुंचे और ताला तोड़कर नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि वे गाजियाबाद में रह रहे थे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है और मकान निर्माण के लिए उन्होंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश पहले कार मिस्त्री था और मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी। वहीं गांव में यह भी चर्चा है कि कुछ रुपये घूर में छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद किया है।
रवि मिश्रा हमारे समधी हैं। फैजाबाद में जिस मकान का निर्माण हो रहा है, उसके लिए हमने बहुत पहले जमीन खरीद ली थी। उस जमीन और मकान से मेरे लड़के का कोई लेना-देना नहीं है। मैं करीब 10-12 बीघा खेत गिरवी रखकर मकान बनवा रहा हूं। मेरा लड़का जो पैसा राम मंदिर से लेकर आया था, उसे जो लोग यहां आए थे, वे अपने साथ लेकर चले गए। अब उससे हमारा कोई मतलब नहीं है।
एक साल पहले उसे मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी
ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश पहले कार मिस्त्री था। शादी के बाद करीब एक साल पहले उसे मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी। गांव आने पर वह खूब पैसे खर्च करता था, यहां तक कि एक बार उसने शराब ठेके पर 50 हजार रुपये उड़ाए थे। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस ने लवकुश की ओर से घूर में छिपाए गए रुपये भी बरामद किए हैं।
लवकुश के बाबा जगदम्बा मिश्रा गांव वालों से कहते थे कि मेरा नाती पैसा बहुत कमा रहा है मंदिर में जिसको दर्शन करना हो उसे मेरा नाती करवा देगा। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग दबी जुबान कह रहे हैं कि लवकुश ने रुपयों को गांव के एक घूर में छिपा कर रखा था। पुलिस ने घूर से एक बोरी रुपया बरामद किया है ।












