
स्नान-दान और पूजा पाठ के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त को माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5: 08 से 6:02 तक होगा। अभिजित मुहूर्त दिन में 11:50 से 12:32 इस समय स्नानदान का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुन्य और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा और जरूरतमंदों को दान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
स्नान पर्व 15 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा। इसके बाद स्नान की मुख्य तिथियों में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, एक फरवरी को माघी पूर्णिमा है। इसके बाद अंतिम स्नान महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को होगा। मान्यता है कि स्नान और दान से शनि, राहु-केतु जैसे ग्रहों के दोष शांत होते हैं। माघ मेले में अन्न, गर्म कपड़े, कंबल, तिल और रजाई गद्दा, चरपाई, का दान सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इनसे पितरों की तृप्ति, धन- धान्य, सुख-समृद्धि मिलती है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पौष पूर्णिमा की प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया। श्रीगङ्गादेव्यै नमः माघ मेला के शुभारंभ एवं पावन पौष पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु तीर्थराज प्रयाग पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों एवं कल्पवासियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। मां गंगा, मां यमुना एवं मां सरस्वती सभी के मनोरथ पूर्ण करें, यही प्रार्थना है।












