इंसानी खून का प्यासा, कलेक्ट्रेट तक मचाया कोहराम !

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कलेक्ट्रेट में नायब तहसीलदार भी हुए शिकार

blood thirsty dog:शिक्षा की नगरी कोटा में रविवार सुबह किसी खौफनाक फिल्म के मंजर जैसी रही। शहर के नयापुरा इलाके में एक ‘स्ट्रीट डॉग’ ने ऐसा कोहराम मचाया कि चंद घंटों के भीतर तीन दर्जन से ज्यादा लोग अस्पताल पहुंच गए। यह कुत्ता इतना हमलावर हो चुका है कि इसने राह चलते लोगों, फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों और यहां तक कि कलेक्ट्रेट परिसर में घुसकर नायब तहसीलदार और पुलिसकर्मियों तक को अपना शिकार बना लिया।

आतंक की शुरुआत सुबह 6 बजे हुई। जो लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले थे या काम पर जा रहे थे, उन पर कुत्ते ने अचानक पीछे से हमला किया। किसी के चेहरे को नोचा, तो किसी के हाथ-पैर से मांस निकाल लिया। जब खून से लथपथ लोग कतार बांधकर अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टर भी सन्न रह गए। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुत्ता ‘पागल’ हो चुका है और वह अब तक का सबसे बड़ा ‘डॉग बाइट’ मामला बन गया है।

इस घटना ने एक बार फिर आवारा कुत्तों की समस्या और सुप्रीम कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देशों के बीच की बहस को हवा दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों को उनके मूल स्थान से पूरी तरह हटाया नहीं जा सकता, केवल उनका बंध्याकरण और टीकाकरण किया जा सकता है। ऐसे में नगर निगम की टीम ‘पागल’ कुत्ते को पकड़ने में तो जुटी है, लेकिन कानूनी पेचीदगियों के कारण प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा नजर आता है। लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। वे सवाल कर रहे हैं कि क्या ‘पशु प्रेम’ इंसान की जान से कीमती है ?

हैरानी की बात यह है कि कुत्ता सुरक्षा घेरों को तोड़ते हुए कलेक्ट्रेट के भीतर घुस गया। वहां उसने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और नायब तहसीलदार को भी काट लिया। फिलहाल, घायल अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं, जबकि पूरे शहर में दहशत का माहौल है।

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