
पुत्र प्राप्ति के चार महीने बाद घर पर खुशियां मनाई गई, दोस्तों रिश्तेदारों को बुलाकर दावत दी गई। इसके बाद मन्नत पूरी होने पर पति पत्नी ने मंदिर जाकर पुत्र के वजन के बराबर दान भी किया। अक्षय ने बताया कि रविवार को अपनी पत्नी और बेटे को लेकर शिरोमणि रविदास मंदिर पहुंचे थे। मंदिर में ही एक तराजू लाया गया, जो फूलों से सजा हुआ था तराजू के एक पलड़े में चार महीने का नन्हा बच्चा और दूसरी तरफ 10-10 के सिक्के रखे गए थे। पॉलिथीन में भर कर रखे गए यह सिक्के मंदिर में दान किए गए। रोहित ने बताया कि उसके बेटे का वजन 6 किलोग्राम मिला है जिसके बराबर की धनराशि ₹10000 उन्होंने मंदिर में दान कर दी है, उनके द्वारा दी गई धनराशि मंदिर के निर्माण में काम आएगी।
छोटे भाई की वापसी की मानी थी मन्नत
अक्षय उर्फ टिंकू का कहना है कि उसके छोटे भाई रोहित का स्वर्गवास एक साल पूर्व 6 नवंबर को हो गया था। तब उसने मंदिर में मन्नत मांगी थी की भाई की वापसी पर वह दान करेगा। 6 नवंबर को एक साल बाद उसको पुत्र प्राप्ति हुई है। उसका मानना है कि पुत्र के रूप में उसका छोटा भाई घर आया है, जिसकी खुशियां मनाई जा रही है।











