आरएसएस का ‘शताब्दी वर्ष’-गीत-संगीत ‘कला’ ही नहीं बल्कि ‘पीढिय़ों को जीवंत’ करती है: विक्रांत खंडेलवाल 

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 आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर भारत वंदना का भव्य मंचन किया गया

मैं भाग्यशाली मानता हूं कि मेरे कार्यकाल में श्री राम मंदिर और महाकुंभ साकार हुआ: जयवीर सिंह

गीत-संगीत कला ही नहीं बल्कि पीढिय़ों को जीवंत करती है: विक्रांत खंडेलवाल 

Rss news : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद, कृष्णा नगर,अवध प्रांत द्वारा राष्ट्र भाव से ओतप्रोत संघ गीतों की संगीतमय प्रस्तुति भारत वंदना का भव्य एवं गरिमामय आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, गोमती नगर, लखनऊ में किया गया।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत विकास परिषद के संगठन मंत्री उपस्थित थे। जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और भव्य महाकुंभ जैसे ऐतिहासिक आयोजनों को उनके नेतृत्वकाल में साकार होते देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व सदैव भारत की सांस्कृतिक उन्नति, परंपराओं के संरक्षण और राष्ट्र चेतना के विस्तार के लिये समर्पित रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. जयंत घोष, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा की गयी। कार्यक्रम में विक्रांत खंडेलवाल ने कहा कि गीत और संगीत केवल कला नहीं, बल्कि समाज की पीढिय़ों को दिशा देने वाली जीवंत शक्ति हैं। जब संगीत राष्ट्रभाव और संस्कारों से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव पूरे समाज पर दीर्घकाल तक दिखाई देता है।

भारत वंदना में भातखंडे संगीत संस्थान के अनेक प्रतिष्ठित कलाकार, जो राष्ट्रीय कला मंच, अवध प्रांत से संबद्ध हैं, संघ गीतों की भावपूर्ण एवं प्रभावशाली संगीतमय प्रस्तुतियां देकरसभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष देवेन्द्र स्वरूप शुक्ल, कृष्णा नगर शाखा के अध्यक्ष डॅा. संजीव अवस्थी, सचिव शशि प्रकाश सिंह सहित मुकेश अग्रहरी, नरेंद्र स्वामी, डॉ. सीमा भारद्वाज एवं केवल कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजकों के अनुसार भारत वंदना केवल एक सांस्कृतिक संध्या नहीं, बल्कि शताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक संदर्भ में राष्ट्र के प्रति समर्पण, संस्कार और प्रेरणा का उत्सव है, जो लखनऊ की सांस्कृतिक परंपरा में एक स्मरणीय अध्याय जोडऩे जा रहा है।

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