सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करने वाले योगी पहले सीएम
.कानून व्यवस्था को लेकर ‘बुलडोजर एक्शन’ बना ‘रोल माडल’
.भ्रष्टाचार में घिरे आला अफसरों पर भी गिराई निलंबन की गाज

अभिषेक श्रीवास्तव
गोरखपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने कार्यकाल के 9 साल पूरा करने की ओर अग्रसर है। प्रदेश में अब तक हुए मुख्यमंत्रियों में वे ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने इतना लंबा कार्यकाल पूरा किया। इससे पूर्व कल्याण सिंह, रामप्रकाश, राजनाथ सिंह तीनों को मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला लेकिन इनमें से कोई भी पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सका। जबकि योगी आदित्यनाथ लगातार अपने कार्यकाल के नौ साल पूरे करने जा रहे हैं। कानून व्यवस्था को लेकर उनकी कार्यशैली आज पूरे देश में रोल माडल बन चुकी है। भाजपा शासित राज्यों के अलावा गैर- भाजपा शासित राज्यों में माफियाओं और अपराधिक तत्वों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई में यूपी का ही रोल माडल फालो किया जा रहा है।

अपने नौ साल के कार्यकाल में उन्होंने जीरो टालरेंस को लेकर सरकार की जो छवि स्थापित की, उसकी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कई मौकों पर तारीफ कर चुके है। उनके अब तक के कार्यकाल में जहां कई नामी- गिरामी माफियाओं को या तो ढेर किया गया या फिर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने में कोई कोताही नहीं की। उन्होने कई आईएएस और आइपीएस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई की। मायावती के बाद संभवत: वे ऐसे दूसरे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने भ्रष्ट आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं किया। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में अपनी कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में रहने वाले योगी आदित्यनाथ आज भी पार्टी और उसके उम्मीदवारों की जीत की गांरटी माने जाते है। देश के जिन- जिन राज्यों में चुनाव और भाजपा सत्तारूढ़ हुई वहां पर योगी का जादू खूब चला। चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की पहली डिमांड योगी आदित्यनाथ ही रहते हैं।
भाजपा के स्टार प्रचारकों में शामिल योगी आदित्यनाथ के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौैती यूपी में इसी साल होने वाले पंचायत चुनाव और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव है। यदि 2027 में भाजपा को पूर्णब हुमत मिलता है और योगी पुन: मुख्यमंत्री बनते हैं तो यह दोनों के लिए हैट्रिक होगी। मिशन 2027 में हैट्रिक लगाने की दिशा में जहां भाजपा अभी से कील- कांटा दुरूस्त करने में लगी है तो विपक्षी दल भी इस बार उसे सत्ता से बेदखल करने की दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। सपा जहां पीडीए के जरिए अपनी जीत का रास्ता प्रशस्त कर रही है तो कांग्रेस और बसपा भी अपनी तैयारियों में पीछे नहीं है।

2027 के विधानसभा चुनाव में यूपी में चेहरा योगी ही होंगे इस संभावना से राजनीतिक प्रेक्षकों को भी इंकार नहीं है। मोदी के बाद आज की तारीख में योगी आदित्यनाथ जीत की गांरटी माने जाते हंै, सो यूपी में तीसरी सत्ता में वापसी को लेकर फि लवक्त कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है,इसलिए वे दूसरे कार्यकाल का भी पांच साल पूरा करेंगे इसको लेकर कोई संदेह नहीं किया जा सकता है।











