पत्रकारिता की मर्यादा का संदेश – इज्जत अपने हाथ में …

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  आकाश शेखर शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के उपाध्यक्ष आकाश शेखर शर्मा ने पत्रकार बिरादरी की संयम और अपने आत्म सम्मान और इस पेशे की वजूद को बचाने के लिये तारीफ की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारिता जगत की सबसे बड़ी ताकत उसकी मर्यादा, विश्वसनीयता और आत्म सम्मान है। राज्य मुख्यालय के मान्यता प्राप्त पत्रकारों ने एक बार फि र यह सिद्ध कर दिया है कि वे न केवल अपने कर्तव्यों के प्रति सजग हैं, बल्कि अपनी गरिमा की रक्षा करना भी भली-भांति जानते हैं। लगभग एक हजार एक मान्यता प्राप्त पत्रकारों के इस समूह में से यदि सात- आठ या नौ व्यक्तियों को अलग कर दिया जाये, तो शेष लगभग एक हजार पत्रकारों ने जिस प्रकार संयम, समझदारी और आत्म सम्मान का परिचय दिया, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उन परिस्थितियों से स्वयं को दूर रखा, जहां व्यक्तिगत आक्रोश या असंतुलित व्यवहार के कारण पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंच सकती थी।
विशेष रूप से, ऐसे व्यक्तियों से दूरी बनाना जिन्होंने प्रदेश के उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों,निदेशक सूचना एवं अपर मुख्य सचिव सूचना के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया, यह दर्शाता है कि अधिकांश पत्रकार आज भी मर्यादा और जिम्मेदारी की रेखा को समझते हैं। यह केवल एक निर्णय नहीं, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
यह घटनाक्रम एक स्पष्ट संदेश देता है
“अपनी इज्जत अपने हाथ में होती है।”
जब व्यक्ति स्वयं अपनी मर्यादा का ध्यान रखता है, तभी समाज में उसका सम्मान बना रहता है। राज्य मुख्यालय के जिम्मेदार पत्रकारों ने यह साबित कर दिया कि वे नकारात्मकता से दूर रहकर अपनी प्रतिष्ठा को सर्वोपरि मानते हैं।
मैं आकाश शेखर शर्मा, उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की ओर से, आप सभी पत्रकार साथियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने समझदारी और गरिमा का परिचय दिया। आपने यह स्पष्ट कर दिया कि आप क्या हैं और किस स्तर की पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं।साथ ही, हम उन राज्य मुख्यालय के पत्रकारों का भी धन्यवाद करते हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम में शामिल रहे। किसी भी व्यवस्था में विरोध और समर्थन दोनों पक्ष होते हैं, लेकिन यह आवश्यक है कि हर परिस्थिति हमें एक सीख दे। इस घटना ने भी यह सिखाया है कि व्यक्तिगत आचरण ही व्यक्ति और पेशे की पहचान बनाता है।
अंततः यह कहना उचित होगा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने का कार्य नहीं, बल्कि समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी भी है। जब पत्रकार स्वयं अपनी गरिमा को बनाए रखते हैं, तभी वे समाज को सही दिशा दिखा सकते हैं।

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