संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा-डीजीपी राजीव कृष्ण

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एजेंसी), नई दिल्ली। दिनों के भीतर राज्य के अलग-अलग जिलों में 35 पुलिस मुठभेड़ हुई हैं। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में 3 इनामी बदमाश ढेर हो गए हैं, जबकि 36 घायल हुए हैं। पुलिस ने कुल 60 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। अपराधियों के खिलाफ यह सघन अभियान ऐसे समय में चलाया गया है, जब राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NC R B) ने अपनी ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अपराध दर प्रति एक लाख आबादी पर 180.2 दर्ज की गई है, जो कि राष्ट्रीय औसत 252.3 से कम है।

पुलिस के अनुसार, 6 और 7 मई के बीच मुजफ्फरनगर, मथुरा, हरदोई, बरेली, वाराणसी और अमेठी समेत कुल 16 जिलों में ये एनकाउंटर हुए। सबसे ज्यादा 7 मुठभेड़ मुजफ्फरनगर में हुईं, जहां 10 बदमाश गोली लगने से घायल हुए।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ज़्यादातर घटनाओं में आरोपियों ने कथित तौर पर भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीमों पर गोलियां चलाईं। इसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें संदिग्धों को गोलियां लगीं। इनमें से ज्यादातर को पैरों में गोलियां लगी थीं।

मारे गए बदमाशों की कुंडली

  • मथुरा (बावरिया गैंग): यहां 50-50 हजार के दो इनामी बदमाश, पप्पू (राजेंद्र) और धर्मवीर (लंबू) ढेर हुए। ये दोनों राजस्थान के रहने वाले थे और पिछले महीने एक परिवार को बंधक बनाकर डकैती डालने के मामले में वांछित थे। इन पर दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे।
  • हरदोई (जघन्य अपराधी): यहां 7 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या के आरोपी मैनूर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उस पर भी 50 हजार का इनाम था और करीब 12 मामले दर्ज थे।

हरदोई के SP अशोक कुमार मीणा ने आरोपी की पहचान मेनूर उर्फ मेहनुद्दीन के रूप में की, जो पड़ोसी जिले कन्नौज का रहने वाला था और जिसके खिलाफ करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • घायल: मुठभेड़ के दौरान 36 आरोपी घायल हुए, जिनमें से ज्यादातर के पैरों में गोली लगी है।
  • पुलिसकर्मी भी जख्मी: अपराधियों से लोहा लेते समय 4 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत अब स्थिर है।

2017 से अब तक का रिकॉर्ड

आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से अब तक यूपी में कुल 272 अपराधी मारे जा चुके हैं और 11,000 से ज्यादा घायल हुए हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत 85,000 से ज़्यादा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि 977 लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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