चौपाल कार्यक्रम: सभासद ने कहा – 2साल से विद्यावती वार्ड को नहीं मिला अतिरिक्त निधि …

0
56
चौपाल कार्यक्रम: विधायक राजेश्वर सिंह ने कराया काम और मेयर ने कहा मैंने कराया निर्माण कार्य !  
एक राजनीतिक दल का कार्यकर्ता कार्यकर्ता का सवाल मेयर को भाया, भाजपा के सभासद को ही कटघरे में खड़ा कर दिया  
विद्यावती वार्ड के सभासद ने कहा :  2 साल से वार्ड को नहीं मिला अतिरिक्त निधि,मेयर पार्टी की कर रहीं तौहीन
ब्यूरो,लखनऊ। आशियाना स्थित विद्यावती प्रथम वार्ड में आयोजित ‘चौपाल कार्यक्रम’ में एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता का सवाल मेयर की सोच पर इस कदर ‘हावी’ हुआ कि उन्होंने विधायक राजेश्वर सिंह स्तर से कराये गये निर्माण कार्य का श्रेय खुद लेने लगीं। इतना ही नहीं क्षेत्र की जनता की बातों को सुन उनकी समस्याओं का निदान करने के बजाये मेयर ने मुददा सभासद द्वारा विकास कार्यों एवं विकास निधियों  की ओर मोड़ दिया। उस समय स्थिति मेयर के लिये असहज हो गयी जब सभासद ने वहां मौजूद क्षेत्र की जनता से सवाल किया कि उनके वार्ड में विकास के कार्य हुये या नहीं ? इस पर सभी ने एक सुर में जवाब हां दिया। इस पर मेयर और विपक्षी नेता पूरी तरह से बौखला गये। सीधी बात करें तो यहां पर चौपाल चर्चा ना होकर  श्रेय लेने की होड़ मची थी।
 सभासद ने बताया कि जब सार्वजनिक रूप से मुझसे यह प्रश्न किया गया कि तीन वर्षों में प्राप्त विकास निधियों का क्या किया गया ? तब मैंने तत्काल उपस्थित जनता की ओर मुखातिब होकर उनसे ही पूछा कि विगत तीन वर्षों में वार्ड में विकास कार्य हुये हैं अथवा नहीं। उस समय बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने हाथ उठाकर स्पष्ट रूप से इस बात की पुष्टि की कि वार्ड में निरंतर विकास कार्य हुए हैं और विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कराये गये हैं। वस्तुत: जनता का वह स्वत:स्फूर्त उत्तर ही आपके प्रश्न का सबसे सशक्त एवं निष्पक्ष उत्तर था। लगभग दो वर्षों से मेरे वार्ड को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त निधि प्राप्त नहीं हुई है। चाहें वह वित्त की निधि हो, स्थापना निधि हो अथवा अन्य किसी मद की निधि। इस स्थिति के कारण मुझे वार्ड की आवश्यकताओं एवं विकास कार्यों को पूरा करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
इसके बावजूद मैंने उपलब्ध संसाधनों एवं वार्ड विकास निधि के माध्यम से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का निरंतर प्रयास किया है। तब सार्वजनिक मंच से उसके विकास कार्यों पर प्रश्न उठाया जाना स्वाभाविक रूप से मुझे भी आहत करने वाला था। यदि किसी प्रकार की जानकारी अपेक्षित थी तो वह नगर निगम के अभिलेखों में उपलब्ध है और उसे तथ्यात्मक रूप से कभी भी देखा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान पानी की टंकी का विषय भी उठा। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के संदर्भ में यह कहा गया कि उक्त टंकी उनके द्वारा नहीं, बल्कि आपके प्रयासों से निर्मित कराई जा रही है।

किसी भी विकास कार्य को लेकर सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार की टिप्पणी संगठनात्मक दृष्टि से उचित नहीं मानी जा सकती। चाहें कार्य महापौर के प्रयासों से हुआ हो, विधायक के सहयोग से हुआ हो या सांसद के माध्यम से हुआ हो जनता के समक्ष सभी के योगदान का सम्मान होना चाहिए। श्रेय प्राप्त करने की प्रतिस्पर्धा से अधिक महत्वपूर्ण जनता की समस्याओं का समाधान है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here