लंबाई घोटाला: यूपी के 31 जनपदों से आये 57 मृतक आश्रितों की लंबाई एक बराबर निकली ?
जिन मृतक आश्रितों को कमांडेंट ‘हाईट’ कम होने पर ‘रिजेक्ट’ किया उन्हें मुख्यालय के भ्रष्ट अफसरों ने कर दिया ‘पास’ 167.7 से.मी.
कमेटी में शामिल आईजी,आईजी, होमगार्ड, एस.ओ.,एस.एस.ओ.स्टेनो ने 164 से.मी.लंबाई को 167.7 करके खूब कमाई की
प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने यूपी में 3 वर्ष में हुयी मृतक आश्रितों की भर्ती की मांगी लिस्ट
शासन स्तर के अफसरों की टीम बनाकर जांच हो तोआईजी,पुलिस,एसएसओ,जेएसओ,स्टेनो पर होगी कार्रवाई !

संजय श्रीवास्तव
News related to corruption in the Home Guards : यूपी में भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे अफसरों में मुख्यमंत्री का रत्ती भर खौफ नहीं है। अफसरों पर सिर्फ ‘अवैध’ कमाई से करोड़पति बनने का जुनून सवार है। सभी को मालूम है कि उनके सिर पर विभाग के मंत्री का हाथ है। मंत्री जी, तो मुख्यमंत्री और शासन को हैंडिल कर लेंगे लेकिन इस बार ‘फ्राडगिरी’ करने के माहिर सभी खिलाड़ी अपने ही चाल में फंस गये हैं। होमगार्ड विभाग में 31 जनपदों से 57 मृतक आश्रितों को मुख्यालय शारीरिक माप के लिये बुलाया गया। आईजी,पुलिस की अध्यक्षता में कमेटी बनायी गयी और उनके कार्यालय में ‘बंद कमरे’ में स्पेशल ‘फर्मे’ से सभी आश्रितों की लंबाई नापी गयी। चौंकाने वाली बात ये है कि सभी 57 मृतक आश्रितों की लंबाई 167.7 आयी। सभी की लंबाई एक बराबर आने की बात सुनकर पूरा विभाग ‘चकरिया’ गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जनपदों में जिन आश्रितों की लंबाई 166.5 या इससे भी कम रही, उन्हें आईजी धरमवीर के ‘बंद कमरे’ में 167.7 से.मी. कर दिया गया। आखिर आईजी के ‘बंद कमरे’ में कौन सा ‘फर्मा’ था,जिसने पूरे प्रदेश के आश्रितों की लंबाई एक बराबर कर दी ? बता दें कि होमगार्ड विभाग में किसी भी जवान की लंबाई 167.7 होनी चाहिये अन्यथा उन्हें बाहर निकाल दिया जाता है। सच तो ये है कि ‘जूनियर धरमवीर के बंद कमरे में पूरी प्लानिंग के साथ भ्रष्टाचार का खेल खेला गया और इसमें एसएसओ आर.के.आजाद, जेएसओ अवनीश कुमार और स्टेनो आर. के. गौतम शामिल हैं। ‘लंबाई घोटाले’ की भनक लगने पर प्रमुख सचिव, होमगार्ड राजेश कुमार सिंह ने मुख्यालय से प्रदेश में पिछले 3 वर्ष में हुयी मृतक आश्रित भर्ती की लिस्ट मांग ली है। अफसरों ने लिस्ट भेजना मुनासिब नहीं समझा। प्रमुख सचिव, होमगार्ड को चाहिये कि शासन स्तर के अधिकारियों की टीम बनाकर लंबाई प्रकरण की जांच करा लें तो दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जायेगा। ‘द संडे व्यूज़’ डंके के चोट पर कहता है कि जांच हो गयी तो 90 प्रतिशत जवान जो फिलवक्त ट्रेनिंग कर रहे हैं, बाहर निकाल दिये जायेंगे और भ्रष्टाचार कर लाखों रुपये कमाने वाले ‘महाभ्रष्ट’ अफसरों का असली चेहरा जनता के सामने आ जायेगा।

एक बात और बता दूं कि मुख्यालय के अफसरों से जब पूछो कि मृतक आश्रित कोटे की जो भर्ती हुयी है, उसमें सभी आश्रितों की लंबाई कम है ? इस पर शातिर अफसरों का जवाब होता है कि ‘शासन ने लिखित में आदेश दिया है कि आश्रितों की ऊंचाई में 2 से.मी. छूट दे दिया जाये ।’ बता दूं कि शासन द्वारा ऊंचाई में 2 से.मी. छूट का आदेश 6 फरवरी 2026 को हुआ है और ‘द संडे व्यूज़’ जिन 57 मृतक आश्रितों की लंबाई में भ्रष्टïाचार की बात कर रहा है वो 4 जुलाई 2025 का प्रकरण है। उत्तर प्रदेश के होमगार्ड विभाग में मुख्यालय पर ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले एक नहीं कई अफसर बैठे हैं। सभी एकजुट होकर बड़े फ्राड को अंजाम देते हैं। आईजी,पुलिस के संरक्षण में लंबे समय से मृतक आश्रितों की भर्ती में शासनादेश और होमगार्ड एक्ट का उल्लंघन कर अंडर हाईट वाले मृतक आश्रितों का बड़े पैमाने पर भर्ती किया है। आईजी के बंद कमरे में मृतक आश्रितों को बुलाकर लकड़ी के मेजरमेंट से लंबाई नापी जाती थी।
मुख्यालय के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि मेजरमेंट डीजी के स्टेनो के.सी.गौतम के कमरे में रखा है। फ्राडगिरी का खेल यहीं से शुरु होता है। लंबाई की नाप-जोख के समय स्टेनो लकड़ी के मेजरमेंट को सेट कर दिया था,जिससे कम लंबाई वाले भी अधिक दिखने लगे थे। पिछले तीन साल से ये खेल तेज रफ्तार से चली आ रही है लेकिन ‘द संडे व्यूज़’ के पास 57 मृतक आश्रितों के भर्ती की जो फाइनल लिस्ट है उसे देखकर आपलोगों की आंखें खुली की खुली रह जायेगी। अवैध तरीके से कमाई करने की लत में कुछ अफसर इस कदर अंधे हो गये हैं कि वे ‘फर्जीवाड़े’ की कहानी लिखने वाले ‘स्क्रीप्ट’ पर बिना देखे ‘हस्ताक्षर’ कर देते हैं, क्योंकि उनके सपने में ‘गांधी’ वाली कागजों की गड्डी दिखायी देती है। अंडर हाइट (कम लंबाई वाले)मृतक आश्रित को सही करने का काला खेल तीन साल से हो रहा है। जिलों में तैनात कमांडेंट को भ्रष्ट बताने वाले मुख्यालय के तथाकथित अफसरों की ‘कलई’ अब खुल गयी है। जिन मृतक आश्रितों को जिला कमांडेंट ‘अयोग्य’ साबित कर दिये,उन्हें मुख्यालय पर बैठे तथाकथित भ्रष्ट अफसर ‘योग्य’ बताकर माल वसूल लेते थे।

बताया जाता है कि कमांडेंट कार्यालयों से जिन मृतक आश्रितों को नाप तौल में 167. 9 से.मी. न पाने पर अंडर हाइट करके छांट दिया जाता था, उन्हें मुख्यालय पर आईजी धर्मवीर की अध्यक्षता में बनीकमेटी 167.7 से.मी.कर देते थे। इस कार्य में डीजी के स्टेनो के. सी. गौतम असली मास्टर माइंड था। वो अपने कमरे में मेजरमेंट रखता है और वहीं से सही करके अपने चार फुटिये चेलों को योग्य करवा देता था। अधिकारियों में चर्चा इस बात की जोरों पर है कि के. सी. गौतम, एसएसओ (सीनियर स्टाफ आफिसर) आर.के.आजाद और जे.एस.ओ.(जूनियर स्टाफ आफिसर) अवनीश कुमार मिलकर प्रति कंडीडेट लाखों रुपये वसूलते थे और आधा हिस्सा आईजी,पुलिस धर्मवीर को देते थे। पिछले 3 वर्षों में ऐसे लगभग 125 मृतक आश्रितों की भर्ती की गयी। हालांकि ‘द संडे व्यूज़’ इस बात की पुष्टिï नहीं करता है कि इस फर्जीवाड़े में कौन अफसर पैसा लिया या नहीं…।

अफसरों में सिस्टम तोड़कर अवैध कमाई करने की भूख किस कदर है इसका अंदाजा 4 जुलाई 2026 को 31 जनपदों के 57 मृतक आश्रितों की लिस्ट को देखकर लगा सकते हैं। लिस्ट में लगभग 90 प्रतिशत जवानों की लंबाई कम है लेकिन जूनियर आईजी धर्मवीर के कमरे में स्टेनो के जादुई मेेजरमेंट ने सभी की लंबाई हपा.. हप्प… तरीके से खिंच कर 167.7 से.मी. कर दी गयी। लगता है। लिस्ट आपलोग देख सकते हैं क्योंकि ‘द संडे व्यूज़’ के हल्ला बोल में अब कोई भ्रष्टाचारी नहीं बचेगा, उसे बेनकाब करते रहेंगे भले सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करे या ना करे…।
आखिर में यही बात रखूंगा कि मामले की गंभीरता को देख प्रमुख सचिव,होमगार्ड ने 4 जुलाई को डीजी,होमगार्ड को पत्र लिखकर तीन वर्ष में हुये मृतक आश्रित भर्ती की लिस्ट मांगी लेकिन अभी तक मुख्यालय ने शासन को जवाब देना उचित नहीं समझा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मृतक आश्रित भर्ती बहुत बड़ा स्कैंडल है इसलिये अब मुख्यालय के अफसर इससे बचने का रास्ता निकाल रहे हैं। भर्ती में लंबाई का खेलने वाले अफसर लंबा कमाई किये हैं।
इसके बावजूद ‘द संडे व्यूज़’ प्रमुख सचिव,होमगार्ड राजेश कुमार सिंह से यही मांग करता है कि मुख्यालय के अफसरों के बजाये यदि शासन स्तर से अफसरों की टीम गठित कराकर 57 मृतक आश्रितों के लंबाई की जांच करा ले तो दूध का दूध पानी का पानी साबित हो जायेगा।












