Jantar Mantar news : जंतर मंतर पर जीत का असली जश्न भले ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार दोपहर में मना हो, लेकिन उससे एक रात पहले भी यंगस्टर्स ने जमकर पार्टी की। शुक्रवार दोपहर बाद से ही जंतर मंतर पर यंगस्टर्स की तादाद बढ़ती जा रही थी। शाम ढलने के साथ जैसे ही वीकेंड की शुरुआत हुई, लगा जैसे पूरे दिल्ली-एनसीआर का यूथ वीकेंड एंजॉय करने और पार्टी करने जंतर मंतर पहुंच गया हो। रात 9 बजे के बाद युवाओं के आने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह आधी रात के बाद तक चलता रहा। लड़के, लड़कियां, बच्चे, महिलाएं, पैरंट्स काफी संख्या में यहां पहुंचे।

मेट्रो स्टेशन और इंटरनेट बंद के बावजूद भीड़
आस-पास के सारे मेट्रो स्टेशन बंद और इंटरनेट नहीं चलने के बावजूद भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। रात 1 बजे के बाद जंतर मंतर के चारों तरफ पैर रखने की भी जगह नहीं बची। ऐसे में जिसे जहां जगह नजर आई, वह वहीं पर अपने दोस्तों के साथ एंजॉय करने लगा। कहीं स्पीकर पर बज रहे गानों पर, तो कहीं ढोल की थाप पर युवाओं के समूह डांस करते दिखाई दिए। हर कोई बस अपनी मस्ती में मस्त होकर झूमता नजर आ रहा था।
बच्चों के साथ आए पैरेंट्स दिखे परेशान
पीछे केरल हाउस गोल चक्कर की तरफ गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई थी, जिसके चलते ट्रैफिक जाम हो गया। जो बच्चे परिवार के साथ आए थे, उनको लेकर पैरेंट्स की एक अलग ही परेशानी दिखाई दी। बच्चे ठंडा पानी मांग रहे थे। जब नहीं मिला, तो पैरेंट्स को उन्हें आइसक्रीम खिलाकर प्यास बुझानी पड़ी। कई लोगों ने जल्दबाजी में जंतर मंतर से काफी दूर अपनी गाड़ियां खड़ी कर दी थी। वापसी में उन्हें जगह पता नहीं चल रही थी या वहां तक जाने का रास्ता नहीं मिल रहा था। ऐसे में लोग जगह-जगह तैनात पुलिसवालों से पूछताछ करते हुए अपनी गाड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
सुबह 9 बजे ही भर गया था प्रदर्शन स्थल
वीकेंड की वजह से प्रोटेस्ट साइट शनिवार सुबह 9 बजे ही खचाखच भरी नजर आई। मंच के पास जाने के लिए लाइन इतनी लंबी थी कि करीब 20 मिनट तक लाइन में ही लगना पड़ रहा था। वहीं काफी संख्या में युवा टोलियों में पहुंच रहे थे। आम दिनों में जो भीड़ सुबह 11 बजे होती थी वह शनिवार को 9 बजे ही दिखी। सुबह के समय यहां हर उम्र वर्ग के लोग नजर आए। मंच के पास वाले एरिया में साढे नौ बजे इतनी भीड़ हो गई थी कि लोग बाहर ही नारे लगाते हुए हाथों में तिरंगे लेकर घूम रहे थे।
डाउनलोड कर बजाए गाने
दस बजे तक बाहर भी इतनी भीड़ हो गई थी कि लोगों को चलने की जगह नहीं मिल रही थी। नेट नहीं चलने की वजह से कई युवा ब्लूटूथ स्पीकर लेकर पहुंचे थे। इन्होंने गाने डाउनलोड कर लिए थे और उसे बजा रहे थे। इसके साथ ही एक दूसरे की क्रिएटिविटी देखकर यह तालियां बजा रहे थे और एक दूसरे की तारीफ भी खूब कर रहे थे प्रीतम ने कहा कि शुरू के एक दो दिन उन्हें बिना इंटरनेट के परेशानी हुई। अब यहां मजा आने लगा है। यहां पर सब एक दूसरे की मदद कर रहे है। नेट की कमी अखर ही नहीं रही है।












