होमगार्ड मुख्यालय पर बना फर्जी भर्ती बोर्ड, एसएसओ आर.के.आजाद,जेएसओ अवनीश सिंह ने खूब कमाया माल

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द संडेे व्यूज़ की खबर पर एसीएस ने लगायी मुहर: मृतक आश्रित में सभी को 157.7 हाईट देने वाली भर्ती बोर्ड फर्जी है

मुख्यमंत्री आवास से चंद कदम दूरी पर आईजी,पुलिस ने फर्जी भर्ती बोर्ड बनाकर 150 मृतक आश्रितों भर्ती कर दी

द संडे व्यूज़ की खबर को शासन ने लिया संज्ञान, शासन ने तत्काल प्रभाव से भर्ती बोर्ड रद्द कर दी 

एसीएस राजेश कुमार सिंह  ,डीजी डी. के. ठाकुर से सवाल

1-क्या फर्जी भर्ती बोर्ड में चयन किये गये 150 जवानों की भर्ती रद्द होगी ?

2-क्या सभी मृतक आश्रितों से वसूली गयी रकम वापस करेंगे अफसर ?

    संजय श्रीवास्तव

लखनऊ मुख्यमंत्री जी आपके आवास से चंद कदम की दूरी पर बैठे पुलिस विभाग के आईजी ने एक फर्जी भर्ती बोर्ड बनाकर 150 अंडर हाइट मृतक आश्रितों (जवानों) की भर्ती कर दी। सब कुछ विभागीय मंत्री की जानकारी में था। ‘द संडे व्यूज़’ के खुलासे के बाद इस बात की जानकारी अपर प्रमुख सचिव को हुयी और उन्होंने फौरी कार्रवाई करते हुये शासन स्तर पर जांच बिठाने के साथ ही सतर्कता विभाग को भी जांच सौंप दी। शासन की जांच में पाया गया कि जिन 150 जवानों की भर्ती की गयी,वो भर्ती बोर्ड ही फर्जी है। शासन ने तत्काल प्रभाव से भर्ती बोर्ड रद्द कर दी है। 15 जुलाई को शासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि मृतक आश्रितों के शारीरिक माप-तौल का अधिकार जिला कमांडेंट एवं जनपद स्तर पर गठित समिति को प्रदान किया गया है। शासनादेश में मुख्यालय स्तर पर किसी भी अभ्यर्थी के माप-तौल हेतु किसी भी समिति के गठन का कोई प्राविधान नहीं है। इसलिये मृतक आश्रितों के चयन के लिये मुख्यालय स्तर पर बनायी गयी भर्ती बोर्ड पूरी तरह से फर्जी है। ‘द संडे व्यूज़’ का सवाल अपर प्रमुख सचिव एवं डीजी से है कि जब भर्ती बोर्ड फर्जी करार दी गयी तो क्या इनके द्वारा की गयी 150 मृतक आश्रितों की भर्ती भी रद्द की होगी ? यदि रद्द होगी तो कब तक ? सवाल ये भी है कि मृतक आश्रितों से वसूली गयी लाखों रुपये की रकम अफसर वापस करेंगे ?

इस परिपेक्ष्य में मुख्यालय पर तैनात संतोष कुमार ने 30 जुलाई 2026 को समस्त जिला कमांडेंट को पत्र जारी कर निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्गत कार्यालय -माप संख्या 1194, पन्चान्बे-2026, 15 जुलाई 2026 की प्रति संलग्न कर आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषिक की जा रही है। होमगार्ड मुख्यालय पर पुन: शारीरिक माप से संबंधित आदेशों को निरस्त किया जाता है।

 

बता दें कि होमगार्ड विभाग अपनी कारगुजारियों के लिये जग प्रसिद्ध है। कभी मंत्री द्वारा किये गये थैली भर ट्रांसफर के लिये। कभी आईजी , डीआईजी और एसएसओ द्वारा किये गये याचना के खेल के लिये। कभी कबूतरबाजी तो कभी मस्टर रोल की फ र्जी शरण और भ्रष्टाचार के लिये…। भ्रष्टाचार का ही बड़ा मामला रहा है। नाटों को लंबा करने का, जिसके माहिर खिलाड़ी रहे आईजी,पुलिस धर्मवीर, एसएसओ आर.के आजाद और जेएसओ अवनीश सिंह …।

आईजी धर्मवीर ने तत्कालीन डीजी बी. के. मौर्य को पटाकर एक नाप तौल बोर्ड बनवाया और खुद अध्यक्ष बन गये। इस बोर्ड में 150 अंडर हाइट को कॉम्प्लान और बोर्नविटा पिलाकर 167.7 सेमी का कर दिया जो वास्तव में 165, 166 से.मी. ही थे। इन 150 नटूओं से करोड़ों रुपये वसूला। इस काम में धर्मवीर के थैली जमा साथी रहे एस.एस.ओ. आर.के.आजाद, जे.एस.ओ अवनीश सिंह और डी.जी. के स्टेनो के. सी. गौतम शामिल थे। फिर कह रहा हूं कि ‘द संडे व्यूज़’ वसूली गयी रकम की पुष्टि नहीं करता लेकिन जहां आग लगती है वहीं पर धुआं उठता है।

अब प्रमुख सचिव ने इस फर्जी बोर्ड को रद्द कर दिया है। बहरहाल, मामला बहुत गम्भीर है, करोड़ों कमाने वाले रिटायर हो गये, मकान बनवा लिये, विभाग से चले गयेफ़ार्म हाउस खरीद लिये और शासन के अधिकारी अंगूठा चूसते रहे। होमगार्ड विभाग के शातिर अधिकारी तो अब यह भी कहते नहीं थक रहे हैं कि हाथी चले गये और ‘बोका’ को चिल्लाने के लिए छोड़ गये।

मुख्यालय पर तैनात एक अधिकारी तो यह भी कह रहा कि प्रमुख सचिव ने ट्रांसफ र के लिये क्या- क्या नहीं किया लेकिन कुछ नहीं कर छिल पाये। मंत्री हमारे हैं, कोई कुछ भी नहीं उखाड़ नहीं सकता।

 

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