एलडीए के अफसर सुविधा दिलाने में सुस्त लेकिन एमएलसी के करीबी के फर्जी शिकायतों पर चुस्त
पुलिस के साथ दो जेसीबी मशीन लेकर एलडीए के अफसर पहुंचे नेहरु इन्क्लेव
नेहरू इन्क्लेव कि महिलाओं का आरोप: लखीमपुरखीरी के एमएलसी अनूप गुप्ता की सहयोगी अंजू ने मचा रखा है आतंक

शुभम यादव
लखनऊ। नेहरू इन्क्लेव एक बार फिर से चर्चा में है। विकास और सुरक्षा का दम भरने वाले एलडीए ने बाउन्ड्रीवाल सहित अन्य मुद्दों पर तो आंख पर पट्टी बांध रखा है लेकिन लखीमपुर खीरी के एमएलसी अनूप गुप्ता की सहयोगी अंजू वाष्र्णेय की शिकायत पर भारी संख्या में पुलिस जेसीबी मशीन लेकर घरों के सामने लगी जाली को ढहाने आ गयी है। नेहरु इन्क्लेव आज अशांत है…क्या महिलाएं और क्या बुजुर्ग,सभी लामबंद होकर एलडीए के खिलाफ लोहा लेने के लिये तैयार हैं। महिलाओं ने कालोनी में ही रहने वाले अंजू वाष्र्णेय पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि सब कुछ इन्हीं के इशारों पर हो रहा है। इस पर रोक नहीं लगा तो मुख्यमंत्री तक एमएलसी के खिलाफ शिकायत लेकर जायेंगे। वैसे भी घरों के सामने जाली सुरक्षा के लिये लगायी गयी है,सामने रोड पर किसी भी आवंटी के आवागमन पर अवरोध उत्पन्न नहीं हो रहा है। बता दूं कि कालोनी के चारो तरफ बाउन्ड्रीवाल ना बनने की वजह से कालोनीवासी असुरक्षा के साये में जी रहे हैं। बहरहाल, भारी संख्या में पुलिस बल और कालोनीवासी आमने-सामने हैं,देखना है कि परिणाम क्या होता है।

बता दें कि लखनऊ विकास प्राणिकरण द्वारा लगभग 32 वर्ष पूर्व नेहरू इन्क्लेव आवासीय योजना बनाई थी। योजना के निर्माण के बीच में ही सेना से विवाद हो जाने के कारण विकास प्रधिकरण द्वारा करीब 800 फलैट वाली कालोनी में बाउन्ड्री वाल का निर्माण नही करवाया। प्राधिकरण द्वारा योजना के शुरुआती दौर में यहां पर कम्यूनिटी सेंटर, स्वीमिग पुल, बाउन्ड्री वाल बनाने की योजना थी लेकिन कुछ भी नहीं बना। चार वर्ष पूर्व विवाद का निपटारा के बाद बाउन्ड्रीवाल निर्माण कराने का काम एलडीए द्वारा तीन वर्ष पूर्व शुरू किया गया था। थोड़ी सी बाउन्ड,ी बनी भी परन्तु उसके बाद एलडीए के अफसर बाउन्ड्रीवाल बनाना भूल गये। सीधी बात करें तो यहां पर रहने वालों की सुरक्षा की सुध लेने वाला कोई नहीं है। सब कुछ भगवान भरोसे है। सभी जानते हैं कि यह कालोनी कई हत्याओं की गवाह भी रही है। नेहरू इन्क्लेव के बगल उम जुगौली गांव है, जहां दूध का व्यापार करने वालों ने जानवर पाल रखे हैं, जो इसी आवासीय परिसर में घूमते रहते हैं। आवारा कुत्तों एवं जानवरों का आतंक हमेशा बना रहता है। इन अवारा कुत्तों,जानवरों के चपेट में आए दिन कालोनी के बच्चे बुजुर्ग आते रहते हैं। इन समस्या से निपटने के लिए कालोनी के नीचे के फ्लैट में रहने वाले मूल आवंटी समय- समय पर एलडीए को बााउन्ड्रीवाल के निर्माण के लिये समय -समय पर शिकायत करते रहें, परन्तु एलडीए प्रशासन कुम्भकरण की नींद सो रहा है।

एलडीए द्वारा कोई संज्ञान नही लेने से स्थाई आवंटियो ने जिनके फलैट ग्राउन्ड फ लोर पर थे, उन्होंने सुरक्षा के कारण अपने घरों के सामने जाली लगाकर अवारा चोरों एवं जानवरों से सुरक्षित करने का प्रयास किया है, जो कि किसी भी दशा में अनुचित नहीं है। जाली लगाने से आवागमन में किसी आवंटी को दिक्कत नहीं होती। वैसे भी अपनी सुरक्षा स्वयं करने का सभी को मौलिक अधिकार प्राप्त है। कालोनी में रहने वाली मीनाक्षी सिंह,नर्मता सिंह एवं राशि मिश्रा सहित अन्य कालोनीवासियों ने बताया कि नेहरू इन्क्लेव के पी-45 की रहने वाली महिला अंजू वाष्र्णेय जिसका घनिष्ठ संबंध भाजपा एमएलसी ओयल खीरी निवासी अनूप गुप्ता से है। एमएलसी का नाम लेकर पूरी कालोनी में आतंक फैला रखा है। आये दिन जबरन किसी ना किसी के खिलाफ थाने पर शिकायत करती रहती हैं। आइजीआरएस पोर्टल पर फर्जी शिकायतें करती रहती हैं। इसी महिला की शिकायत पर एलडीए द्वारा कुछ चुनिंदा लोगों के घरों के सामने की जाली को तोडऩे का आदेश करवा लिया, जवकि एलडीए अभी भी एलडीए कालोनी को सुरक्षित करने के लिए वाउन्ड्री वाल के निर्माण पर पूरी तरह से मौन है।

अभी कुछ दिनों पूर्व भी एलडीए की टीम आई थी लेकिन कालोनी वासियों व सभासद के विरोध पर वापस चली गई थी। सभासद ने भी आश्वासन दिया था कि नाली- खडज़ा को कब्जा करने वाले लोगों के कब्जों को स्वयं मुक्तकरवा लेंगे, परन्तु भाजपा एमएलसी द्वारा संरक्षित महिला अन्जू वाष्र्णेय के जिद के कारण बार -बार एलडीए कालानी वासियों के सामान्य सी जाली बाउन्ड्री को गिराने आ जाती है। आज भी जाली,जिसे कालोनी वासियों ने अपने को सुरक्षित रखने के लिए बनाया है, उसे गिराने के लिए दो जेसीबी कालोनी में आ चुकी है, एवं पूरी कालोनी वासियो को अन्जू वाष्र्णेय चैलेंज कर रही है कि सबका जाली गिरवाऊंगी। मेरे साथ पूरी भाजपा है, सरकार है, कोर्ट है। इस पूरे मामले एवं एलडीए की सक्रियता से एमएलसी अनूप गुप्ता एवं योगी सरकार की किरकरी जरूर हो रही है।












