मिर्जापुर में होमगार्डों के मेडिकल पर अवैध वसूली पर जमकर हुआ हंगामा

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होमगार्डों ने मेडिकल टीम और कमांडेंट मिर्जापुर पर लगाया वसूली कराने का आरोप

डीआईजी,मुख्यालय ने मेडिकल टीम को बदल दिया

धनीष श्रीवास्तव

लखनऊ। चोर चोरी से जाये हेराफेरी से नहीं…। ये कहावत होमगार्ड विभाग के कुछ जिला कमांडेंट पर सटीक बैठ रहा है। होमगार्डों की भर्ती में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जाये इसके लिये मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहली बार होमगार्डों की भर्ती कराने का अधिकार पुलिस विभाग को सौंपा गया। चवन्नी ना मिलने से बौखलाए कमांडेंट घात लगाये बैठे थे और मौका मिला चयनिय होमगार्डों के मेडिकल भर्ती के दौरान। प्रदेश में कई जगह मेडिकल में कुछ ना कुछ कमियां निकाल कर फेल करने और अवैध वसूली की शिकायतें आ रही हैं लेकिन मिर्जापुर में तो कमंाडेंट विंध्याचल पाठक पर सीधे-सीधे अनफिट कर वसूली कराने का आरोप लगाया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कल मिर्जापुर पुलिस लाइन में 50 में से 17 चयनित होमगार्डों को (नी नॉक) घुटना लडऩे और (फ्लैट फिट) पंजे में गैप ना होने को आधार बनाकर निकाल दिया गया। इस पर वहां होमगार्डों ने जमकर हंगामा किया। वसूली का खेल कमांडेंट अपने एडीसी और बीओ से करवा रहे हैं। हालांकि द संडे व्यूज़ इस बात की पुष्टि नहीं करता। हंगामा और मिर्जापुर का माहौल देख मुख्यालय ने मेडिकल टीम को ही बदल दिया है।

बता दूं कि कमांडेंट विंध्याचल पाठक की घटिया कार्यशैली की वजह से ही पूर्व मंडलीय कमांडेंट सुधाकराचार्य पाण्डेय ने सत्यनिष्ठïा रोक दी थी। होमगार्ड विभाग का इतिहास है कि यहां के अफसरों द्वारा भर्ती में करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार की वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर होमगार्ड भर्ती पुलिस भर्ती बोर्ड को सौंपी गयी। इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती कि इस भर्ती में मंत्री धर्मवीर प्रजापति की एक ना चली लेकिन मौका मिलने पर चौका मारने वाले कमांडेंट भी इस विभाग में बहुतेरे हैं।

अधिकारियों की मानें तो मिर्जापुर पुलिस लाइन में कल होमगार्डों के मेडिकल में 50 में से 17 को फेल कर दिया गया। मेडिकल टीम और जिला कमांडेंट की मौजूदगी में मेडिकल जांच हुयी। फेल होने के बाद वहां पर होमगार्डों ने जमकर हंगामा हुआ। चर्चा इस बात की है कि मेडिकल टीम में शामिल आर्थो के डॉक्टर अपने चिंटुओं से 15 से50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। दूसरी तरफ इस बात की भी चर्चा रही कि कमांडेंट विंध्याचल पाठक के एडीसी और दो बीओ मिलकर होमगार्डों से अवैध वसूली की मांग कर रहे थे,जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुये डीआईजी,मुख्यालय आर.के.वर्मा ने मेडिकल टीम को ही बदल दिया है।

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