कमांडेंट चंदन सिंह का सराहनीय प्रयास : सर,मेरे पिता जी को बचा लीजिये…

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आईसीयू-बीएचयू में भर्ती करने की जगह नहीं,कमांंडेंट ने प्राईवेट हॉस्पिटल में जवान को अपने खर्चे पर कराया भर्ती

कमांडेंट चंदन सिंह ने अपनी जेब से किया भुगतान,दोनों बेटों ने कमांडेंट का पैर पकड़ लिया

कमांडेंंट,वाराणसी राजमणि सिंह,निरीक्षक ओमप्रकाश सिंह,बीओ अजीत चौधरी का भी प्रयास सराहनीय

भर्ती जवान सत्यनारायण पाण्डेय बेड पर मुस्कराते हुये कमांडेंट को किया सैैल्यूट

द संडे व्यूज़ भी इंसानियत को जिंदा रखने वाले कमांडेंट को कर रहा सलाम …

  संजय पुरबिया

लखनऊ।  सर,किसी तरह मेरे पिता को बचा लीजिये…। बीएचयू के डॉक्टर्स का कहना है कि यहां पर आईसीयू फुल है…। यदि अपने पिता को बचाना है तो तत्काल आईसीयू में भर्ती कराओ,यहां की उम्मीद छोड़ प्राईवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराओ…। अब एक गरीब बाप का गरीब बेटा प्राईवेट हास्पिटल का नाम सुन परेशान हो गया, उसने वहां मौजूद जवान से कमांडेंट, गोण्डा चंदन सिंह का नंबर लिया और फोन पर सारी स्थिति से अवगत कराया। उस वक्त चंदन सिंह मिरजापुर में थे क्योंकि यहां पर गोण्डा के तीन और जवान गंभीर हालत में भर्ती थे। कमांडेंट ने तुरंत उसे निकट के हेरिटेज हास्पिटल में भर्ती कराने के लिये वाराणसी कमांडेंट राजमणि सिंह से बात की। राजमणि ने इंस्पेक्टर ओमप्रकाश सिंह और हवलदार प्रशिक्षक अजीत चौधरी को टीम के साथ रवाना किया। हेरिटेज हास्पिटल के डॉक्टर्स सत्यनारायण पाण्डेय को आईसीयू में भर्ती करते ही एडवांस में 20,500 रुपये जमा कराने के लिये कहा। बेटे ने फिर कमांडेंट चंदन सिंह को कॉल किया और उन्होंने तत्काल हॅास्पिटल के खाते में पूरा पैसा जमा कर डाक्टर को बोला कि मेरे जवान का बेहतर से बेहतर इलाज करें,पैसा मैं भरूंगा और कुछ घंटों में वाराणसी पहुंच रहा हूं…। फिर क्या था,जवान सत्यनारायण पाण्डेय को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया और अब वे पूरी तरह से बेहतर स्थिति में हैं। कमांडेंट चंदन सिंह को देख जवान सत्यनारायण मुस्कराते हुये बोले कि सर,आज आप नहीं होते तो…। वहीं जवान के दोनों बेटों ने चंदन सिंह का पैर पकड़ लिया। वाकई, इंसानियत का काम करने में जो खुशी मिलती है,वही खुशी ‘द संडे व्यूज़’ को बेहतरीन काम करने वाले अफसरों के लिये प्रशंसा के चार शब्द लिखने में मिलता है। काश अन्य कमांडेंट भी रील बनाने के बजाये इंसानियत को जिंदा रखने की सोचते …।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान में मिरजापुर गये गोण्डा और सुल्तापुन जनपद के 644 जवानों में से 30 मई को गोण्डा के जवान अरुण कुमार श्रीवास्तव की मौत हो गयी। उसके बाद 31 मई को बच्चा राम चौबे,रामजीयावन यादव और पराग नारायण मिश्र की मौत हो गयी जबकि चार पांच जवान गंभीर स्थिति में भर्ती थे। सत्यनारायण पाण्डेय की स्थिति बेहद खराब होने पर डाक्टर उसे बीएचयू रिफर कर दिये लेकिन उस दिन वहां पर आईसीयू पूरी तरह से फुल था। सत्यनारायण की स्थिति देख डाक्टरों ने उसे तत्काल प्राईवेट हास्पिटल में भर्ती करने को कहा। मौके पर मौजूद सत्यनारायण पाण्डेय के लड़कों ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुये खूब गिडगिड़ाया लेकिन डाक्टरों ने साफ शब्दों में कहा कि अपने पिता को बचाना है तो यहां से तुरंत ले जाओ…। इस पर बेटों ने कमांडेंट,गोण्डा चंदन सिंह को कॉल कर सारी बात बतायी। चंदन सिंह ने तत्काल सत्यनारायण पाण्डेय को बीएचयू के निकट हेरिटेज हास्पिटल में भर्ती कराने के लिये कहा और पैसे की चिंता ना करने की बात कही। सत्यनारायण पाण्डेय को तत्काल हेरिटेेज हॉस्पिटल एम्बुलें से ले जाया गया।

वहीं,उन्होंने वाराणसी के कमांडेंट राजमणि सिंह को इस मामले से अवगत कराया। राजमणि सिंह ने इंस्पेक्टर ओमप्रकाश सिंह और हवलदार प्रशिक्षक अजीत चौधरी को टीम के साथ हेरिटेज हॉस्पिटल रवाना किया। वहां पर डॉक्टरों की टीम ने भर्ती तो कर लिया लेकिन एडवांस पैसा मांगा। इस पर कमांडेंट ने ऑन लाइन पेमेंट किया और कहा कि पैसे की चिंता ना करें,मैं कुछ घंटों में पहुंच रहा हूं और मेरे जवान को बेहतर इलाज मिले। खैर,समय पर सही इलाज मिलने से आज होमगार्ड सत्यनारायण पाण्डेय की जान बच गयी और वे पूरी तरह से स्वस्थ व मस्त दिख रहे हैं। इंस्पेक्टर ओ.पी. सिंह, हवलदार प्रशिक्षक अजीत चौधरी कल रात से सुबह पांच बजे तक हॉस्पिटल में ही मौजूद रहें।जैसे ही कमांडेंट चंदन सिंह हेरिटेज हास्पिटल पहुंचे जवान के दोनों बेटे उनका पैर पकड़ लिये और आंखों में खुशी के आंसू के साथ ही बोल निकला… सर आज आप हमलोगों का साथ नहीं देते तो मेरे पिता जी…अगर वो जिंदा हैं तो आपकी वजह से…। कमांडेंट ने उन्हें सांत्सना दी और आईसीयू में भर्ती सत्यनारायण पाण्डेय के पास पहुंचे तो उन्होंने मुस्कराते हुये सैल्यूट किया…।

इस बाबत चंदन सिंह का कहना है कि ये मेरे जवान हैं और चुनावी रण में जिस तरह से भीषण गर्मी से जूझते हुये अपने कर्तव्यों को अंजाम दे रहे हैं,इसके लिये इनकी जितनी प्रशंसा की जाये कम है। गोण्डा के चार जवानों ने दम तोड़ दिया है। मेरी पूरी कोशिश है कि अब किसी जवान के साथ अनहोनी ना हो। सही कहा गया है कि इंसानियत अभी जिंदा है…। की बात कही।ने फौरी कार्रवाई करते हुये वाराणसी के कमांडेंट को होमगार्ड सत्यनारायण पाण्डेय को बीएचयू में भती गोण्डा के कमांडेंट चंदन सिंह ने अपने जवान को बचाने के लिये बीएचयू से निकाल कर प्राइवेट हेरिटेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया।

इंस्पेक्टर ओ.पी.सिंह ने बताया कि जवान की तबीयत ठीक है। कमांडेंट राजमणि सिंह ने एडीएम,सिटी आलोक वर्मा से वार्ता कर जवान को गोण्डा भेजने के लिये एम्बुलेंस की व्यवस्था करा दिया है। सीएमओ ने एम्बुलेंस भिजवा दिया है,कुछ घंटे में होमगार्ड सत्यनारायण पाण्डये घर के लिये रवाना कर दिये जायेंगे।

 

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