संतों के धैर्य के आगे सनातन विरोधी विफल : सीएम
जहां समस्याएं, वहां जाएं वरिष्ठ अफसर
ब्यूरो, लखनऊ। मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर हादसे के जिम्मेदार और शिथिलता बरतने वाले अफसरों व कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय है। इसमें ज्यादातर पुलिसकर्मियों के होने की बात कही जा रही है। सीएम योगी ने ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए है।

सीएम ने आईसीसीसी में वसंंत पंचमी स्नान पर्व की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पर्व पर व्यवस्थाओं को जीरो एरर रखने के निर्देश दिए। कहा कि इस अवसर पर अखाड़ों की पारंपरिक शोभायात्रा धूमधाम से निकलेगी। इसकी तैयारियां समय से कर ली जाएं। संतगण, कल्पवासी, श्रद्धालु और पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि पार्किंग स्थल बढ़ाए जाएं। ऐसी व्यवस्था करें कि श्रद्धालुओं को कम से कम चलना पड़े। उन्होंने महत्वपूर्ण स्थलों पर एसपी लेवल के अधिकारियों को ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कहीं भी जाम की स्थिति न बनने दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन सेक्टरों से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं, वहां वरिष्ठ अधिकारी खुद जाएं। वरिष्ठ अधिकारियों को टीम के साथ ड्यूटी पर लगाएं। उनके लिए वहीं टेंट और खाने-पीने की व्यवस्था करें। कहीं भी भीड़ एक-दूसरे को क्रॉस करती नजर न आए। दो अधिकारी कंट्रोल रूम से निगरानी करें। बाकी सीमा, शहर और मेला क्षेत्र में व्यवस्था दुरुस्त करें। दो और तीन फरवरी हमारे लिए चुनौतीपूर्ण होगी। प्रमुख स्नान पर्वों और उसके पहले व बाद में कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं लागू होगा।
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