आईजी पुलिस को ‘गुमराह’ कर होमगार्ड मुख्यालय के अफसरों ने 4 पियक्कड़ होमगार्डों को कराया बहाल

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डीजी और एसीपी ने जिन पांच पियक्कड़ होमगार्डों पर ट्रैफिक ड्यूटी पर प्रतिबंध लगाया, मुख्यालय के दो भ्रष्ट अफसरों ने 4 को बहाल कराया

‘द संडे व्यूज़’ की टीम की पड़ताल पर आज नहीं हो सका चारो पियक्कड़ों की ट्रैफिक में बहाली

अफसरों को मोटी रकम देकर बहाली का सपना संजाने वाले पियक्कड़ होमगार्डों की उड़ी नींद , पैसा भी गया और…

पूरे प्रकरण की जानकारी डीसीपी,ट्रैफिक रवीना त्यागी तक पहुंची

 

संजय श्रीवास्तव

लखनऊ। होमगार्ड विभाग में पहली दफा है जब लगभग दो माह से बिना डीजी के विभाग चल रहा है। इसी का फायदा कर मुख्यालय पर तैनात दो सीनियर अफसरों ने भ्रष्टाचार का रिकार्ड तोड़ रहे हैं। दोनों विभागीय मंत्री के करीबी बताये जाते हैं और आईजी,पुलिस को गुमराह कर जिन कार्यो को पूर्व के डीजी और जेसीपी,पुलिस ज्वाइंट कमिश्नर आफ पुलिस ने रोक लगा रखा था,उसे पूरा कराकर लाखों रुपये का बंदरबांट कर लिया। इस तरह के एक नहीं कई मामले हैं,कुछ में तो शासन स्तर पर जांच भी बिठायी गयी लेकिन वहां भी जांच रिपोर्ट को माल लेकर दबाने वाले कुछ अफसर बैठे हैं। खैर,आज हम बात उस रिपोर्ट की करेंगे,जिस पर पांच पियक्कड़ होमगार्डों क्रमश: अभिषेक त्रिपाठी रेजीमेंटल नंबर 3708,सर्वेश कुमार अवस्थी रेजीमेंटल नंबर 2419,अनूप सिंह 3711 और कोमल यादव रेजीमेंटल नंबर 3773 को ड्यूटी पर शराब पीते एसीपी, ट्रैफिक पियूष मोर्डिया द्वारा पकड़े जाने पर ट्रैफिक में आजीवन ड्यूटी प्रतिबंध लगाने का पत्र जारी किया। पूर्व के डीजी,होमगार्ड ने भी अपनी सहमति जतायी है लेकिन कल जिला कमांडेंट, लखनऊ ,मंडलीय कमांडेंट की रिपेार्ट के बाद मुख्यालय के अफसरों ने आईजी,पुलिस धर्मवीर को बरगला कर 4 पियक्कड़ होमगार्डों को बहाल कराने में कामयाब हो गये। ‘द संडे व्यूज़’ का सवाल है कि क्या मान लिया जाये कि पूर्व के डीजी और एसीपी, ट्रैफिक पियूष मोर्डिया की रिपोर्ट गलत थी ? एसीपी ने पियक्कड़ 5 होमगार्डों को नहीं पकड़ा था ? सीधी बात करें तो डीजी, होमगार्ड की गैरमौजूदगी में इस विभाग के महाभ्रष्ट’ दोनों सीनियर अफसरों ने आईजी, पुलिस धर्मवीर को गुमराह करने में कामयाब हो गये और सभी जवानों को बहाल करने के एवज में 50-50 हजार रुपये वसूलने में कामयाब हो गये हैं। ‘द संडे व्यूज़’ पैसे की पुष्टि नहीं करता। 

कर्मचारियों ने बताया कि  5 में से सिर्फ 4 पियक्कड़ होमगार्डों को बहाल करने और एक को दोषी बनाने का कुचक्र खेलने वालों में जिला कमांडेंट कार्यालय पर तैनात ड्यूटी लिपिक लक्ष्मी यादव ही है, जिसका दलाली का नेटवर्क कमांडेेंट कार्यालय से लेकर मुख्यालय तक है। चारों पियक्कड़ होमगार्डों से वसूली की रकम लेकर मुख्यालय तक पहुंचाने की फिल्डिंग इसी ने सेट की और ….

बता दें कि 2023 में जेसीपी पियूष मोर्डिया ने गुरुवार की शाम को अटल कन्वेंशन के पास बने टै्रफिक पुलिस बूथ पर औचक छापेमारी की तो वहां पर पांच होमगार्ड शराब पी रहे थे। मौके पर ही सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके पर शराब की बोतल,बीयर की बोतल और गिलास मिले थे। जेसीपी ने होमगार्ड अभिषेक त्रिपाठी, सर्वेश कुमार अवस्थी,अनूप सिंह और कोमल सिंह को पर कार्यवाही की संस्तुति की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुये तात्कालीन कमांडेंट,लखनऊ अतुल सिंह ने पांचों होमगार्डों को निलंबित कर रिपेार्ट आने पर  सेवाएं समाप्त करने की बात कही थी। हालांकि मेडिकल में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुयी थी। खैर,इस पर जेसीपी पियूष मोर्डिया और तात्कालीन डीजी विजय कुमार ने पांचो  होमगार्डों के लिये आजीवन ट्रैफिक में ड्यूटी ना लगाने का लिखित आदेश जारी किया था। इसी बीच मुख्यालय पर कुछ अधिकारी बड़े अधिकारी बनकर तैनात हो गये और फिर पांचों पियक्कड़ों ने कमांडेंट कार्यालय से लेकर मुख्यालय तक परिक्रमा लगाने लगे। डीजी के ना होने पर कमांडेंटटकार्यालय से गेम शुरु हो गया।

मौजूदा कमांडेंट को इस पूरे खेल का मालूमात नहीं था इसलिये उन्होंने शराब की पुष्टि ना होने पर रिपेार्ट मुख्यालय भेज दिया। मुख्यालय के दो अफसरों ने गेम खेला और आईजी,पुलिस का भरमा कर चार पियक्कड़ होमगार्डों को बहाल करा दिया। इस बात की भनक जब द संडे व्यूज़ को लगी तो पुलिस और यातायात विभाग में पूछताछ की। जिला कमांडेंट कार्यालय से चारों पियक्कड़ होमगार्डों को आज यातायात में ही ड्यूटी लगा दी गयी लेकिन पुलिस विभाग ने इसे अस्वीकार कर दिया। सभी को सच्चाई मालूम है और कोई अपनी नौकरी नहीं गंवाना चाहता है।

खैर ‘द संडे व्यूज़’ इस गंभीर प्रकरण पर आईजी,पुलिस धर्मवीर और डीसीपी,ट्रैफिक रवीना त्यागी से बात करेगा कि क्या पियक्कड़ों के मामले में आपके डीजी और एसीपी,ट्रैफिक सही थे या गलत ?

अगले अंक में

1- मंत्री से सीधे मिलते हैं राजकीय निर्माण निगम के वर्मा जी… हमलोगों को कोई पूछता नहीं ?

2- 11 मंजिला बिल्डिंग में बिजली चोरी के 18 लाख रुपये किस अफसर की जेब में…

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